Azamgarh news :गुरु गोविन्द सिंह राष्ट्रीय एकता पुरस्कार के लिए पात्र व्यक्तियों के प्रस्ताव 30 सितम्बर तक भेजें – जिलाधिकारी
गुरु गोविन्द सिंह राष्ट्रीय एकता पुरस्कार के लिए पात्र व्यक्तियों के प्रस्ताव 30 सितम्बर तक भेजें - जिलाधिकारी

राष्ट्रीय एकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों को मिलेगा गुरु गोविन्द सिंह राष्ट्रीय एकता पुरस्कार
आजमगढ़ ब्यूरो चीफ राकेश श्रीवास्तव
जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने बताया कि शासन द्वारा गुरु गोविन्द सिंह राष्ट्रीय एकता पुरस्कार योजना के स्वरूप एवं कार्यकारी सिद्धान्तों के अनुसार जनपद से पात्र व्यक्तियों के नामांकन शासन को प्रेषित किए जाने के निर्देश दिये गए है।
उन्होंने बताया कि उक्त पुरस्कार के लिए वही व्यक्ति पात्र होगा, जो भारत का मूल नागरिक हो, पुरस्कार पर विचार किए जाने वाले वर्ष में सामान्यतः उत्तर प्रदेश राज्य की सीमा के भीतर निवासरत रहा हो, मानवाधिकारों की रक्षा, सामाजिक न्याय एवं राष्ट्रीय एकीकरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं अनुकरणीय योगदान दिया हो तथा जिसे पूर्व में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गुरु गोविन्द सिंह राष्ट्रीय एकता पुरस्कार प्रदान न किया गया हो।
जिलाधिकारी ने समस्त उपजिलाधिकारियों को निर्देशित किया है कि जनपद में ऐसे पात्र एवं समर्पित व्यक्तियों की पहचान सुनिश्चित करते हुए उनके आवेदन/नामांकन निर्धारित प्रारूप पर प्राप्त कराए जाएं। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा गुरु गोविन्द सिंह के जन्मदिवस के अवसर पर मानवाधिकारों की रक्षा, सामाजिक न्याय एवं राष्ट्रीय एकीकरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को “गुरु गोविन्द सिंह राष्ट्रीय एकता पुरस्कार” से सम्मानित किया जाता है। पुरस्कार के अंतर्गत ₹1,00,000 (एक लाख रुपये) की नगद धनराशि एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया जाता है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि पुरस्कार के निर्धारित मानकों को पूर्ण करने वाले पात्र व्यक्तियों के प्रस्ताव, उनके द्वारा किए गए उल्लेखनीय कार्यों का तथ्यात्मक विवरण, अभिलेखीय साक्ष्य, स्पष्ट आख्या एवं संस्तुति सहित निर्धारित प्रारूप में चार प्रतियों में तैयार कर 30 सितम्बर, 2026 तक प्रत्येक दशा में शासन को उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए पात्र व्यक्तियों के आवेदन पत्र/नामांकन निर्धारित प्रारूप में प्राप्त किए जाएं, ताकि अधिकाधिक योग्य एवं पात्र व्यक्तियों के प्रस्ताव समय से शासन को प्रेषित किए जा सकें।
जिलाधिकारी ने कहा कि जिन व्यक्तियों के प्रस्ताव शासन को भेजे जाएंगे, उनके संबंध में जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक की संयुक्त आख्या संलग्न की जाएगी। संयुक्त आख्या में अभिलेखीय साक्ष्यों सहित यह प्रमाणित किया जाएगा कि संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध कोई आपराधिक मामला प्रचलित अथवा लंबित नहीं है तथा किसी भी आपराधिक प्रकरण में किसी सक्षम न्यायालय द्वारा उन्हें दण्डित नहीं किया गया है।



