आजमगढ़:जलसा-ए-सीरतुन्नबी में पैगंबर-ए-इस्लाम के अख़लाक़ पर चलने का दिया संदेश
Azamgarh: In the Jalsa-e-Seeratunnabi, a message was given to follow the morals of the Prophet of Islam.
आज़मगढ़। नगर के दलालघाट, इस्लामघाट स्थित जामा मस्जिद में जामिआ अबूबक्र सिद्दीक़ के तत्वावधान में भव्य ‘जलसा-ए-सीरतुन्नबी का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में बानी-ए-जामिआ मौलाना जावेद अहमद क़ासमी, मौलाना इंतख़ाब आलम क़ासमी, मौलाना ज़कीउर्रहमान ग़ाज़ी मदनी, मौलाना अरशद कासमी और मौलाना उसामा आमिर मक्की समेत कई प्रमुख उलमा व नागरिकों ने शिरकत की।कार्यक्रम का शुभारंभ तिलावत-ए-कलाम-ए-पाक और नात-ए-रसूल पेश कर किया गया।उलमा ने पैगंबर-ए-इस्लाम की तालीमात, न्याय और अख़लाक़ पर रोशनी डालते हुए नई नस्ल को कुरआन व सुन्नत पर चलने और सीरत को व्यावहारिक जीवन में उतारने की ताकीद की। जलसे में महिलाओं के लिए भी विशेष व्यवस्था रही। मुल्क में अमन-ओ-अमान की दुआ के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ। मौलाना जावेद अहमद क़ासमी द्वारा आयोजित जलसे की संपूर्ण व्यवस्था हाफ़िज़ अब्दुल मुसव्विर जावेद की देखरेख में हुई, जिसमें मोहम्मद फ़ैसल ख़ान, वाली हारिस इनाम, मोहम्मद आरिफ़ ख़ान व अन्य का विशेष योगदान रहा।



