Azamgarh news :दिव्यांग युवाओं को रोजगार से जोड़ने में आजमगढ़ की उल्लेखनीय पहल
दिव्यांग युवाओं को रोजगार से जोड़ने में आजमगढ़ की उल्लेखनीय पहल

प्रमुख सचिव, व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग, उत्तर प्रदेश शासन ने डीएम,सीडीओ सहित संबंधित अधिकारियों को भेजा प्रशस्ति पत्र
‘सबको हुनर, सबको काम’ के संकल्प के साथ 100 दिव्यांग युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने में मिली सफलता
उत्तर प्रदेश कौशल विकास, रोजगार सृजन, तकनीकी शिक्षा और युवा सशक्तिकरण के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है-जिलाधिकारी
आजमगढ़ ब्यूरो चीफ राकेश श्रीवास्तव
उत्तर प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से संचालित उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के ध्येय “सबको हुनर, सबको काम” के तहत जनपद आजमगढ़ में दिव्यांग युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया गया है।
जनपद में 03 से 13 अगस्त 2026 तक उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की ओर से आयोजित दिव्यांगजन रोजगार अभियान-3.0 के सफल आयोजन एवं लगभग 100 दिव्यांग युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रमुख सचिव, व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग, उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ डॉ. हरिओम, आईएएस द्वारा जिलाधिकारी रविंद्र कुमार एवं मुख्य विकास अधिकारी राकेश कुमार पटेल को बधाई देते हुए प्रशस्ति पत्र प्रेषित किया गया है।
प्रमुख सचिव द्वारा प्रेषित प्रशस्ति पत्र में कहा गया है कि जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी के नेतृत्व में अभियान को सफलतापूर्वक संपन्न कराते हुए जनपद के लगभग 100 दिव्यांग युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने के प्रयासों में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई। बड़ी संख्या में दिव्यांग लाभार्थियों को सेवायोजन से जोड़ना प्रशासन की प्रतिबद्धता, संवेदनशीलता, निष्ठा एवं उत्कृष्ट प्रशासनिक दक्षता का प्रमाण है।
प्रशस्ति पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी के प्रयासों से जनपद के अधिक से अधिक दिव्यांग युवाओं को आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिला है। इससे न केवल दिव्यांग युवाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है, बल्कि उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने तथा सर्वांगीण विकास को गति देने में भी महत्वपूर्ण योगदान मिला है।
दिव्यांग युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर विशेष जोर
दिव्यांगजन रोजगार अभियान-3.0 का उद्देश्य दिव्यांग युवाओं को उनकी क्षमता एवं योग्यता के अनुरूप रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना, उन्हें कौशल प्रशिक्षण एवं सेवायोजन से जोड़ना तथा स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करना रहा। अभियान के माध्यम से दिव्यांग युवाओं को रोजगार के अवसरों से जोड़ने के साथ-साथ उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई।
प्रशस्ति पत्र में कहा गया कि अभियान के माध्यम से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के चयन एवं प्रशिक्षण के उपरांत आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ना संबंधित अधिकारियों की प्रतिबद्धता एवं संवेदनशीलता को प्रदर्शित करता है।
जिला स्तरीय टीम के प्रयासों की भी सराहना
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के मिशन निदेशक पुलकित खरे, आईएएस, अलीगंज द्वारा भी जनपद में अभियान के सफल आयोजन एवं क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले अधिकारियों एवं कार्मिकों को प्रशस्ति पत्र प्रेषित किया गया है।
इसमें दीपक कुमार यादव, जिला समन्वयक, डीपीएमयू-उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन; शान्त प्रकाश श्रीवास्तव, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी; राममूर्ति, सहायक निदेशक, सेवायोजन; आशुतोष श्रीवास्तव, उपायुक्त, जिला उद्योग एवं प्रोत्साहन केंद्र; तथा विनोद कुमार पाण्डेय, एमआईएस प्रबंधक, उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन, जनपद आजमगढ़ को अभियान के सफल आयोजन में उनके नेतृत्व, मार्गदर्शन एवं सक्रिय सहयोग के लिए बधाई दी गई है।
मिशन निदेशक ने प्रशस्ति पत्र में कहा कि जनपद आजमगढ़ में उत्तर प्रदेश दिव्यांगजन रोजगार अभियान-3.0 के सफल आयोजन में उपर्युक्त अधिकारियों एवं कार्मिकों का योगदान सराहनीय रहा। इनके प्रयासों से अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करते हुए दिव्यांग युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल हुई।
‘सबको हुनर, सबको काम’ के लक्ष्य की ओर बढ़ता आजमगढ़
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा जनपद आजमगढ़ में दिव्यांग युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने की यह पहल समावेशी विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्रशासन द्वारा कौशल विकास, सेवायोजन, दिव्यांगजन सशक्तिकरण एवं उद्यमिता से संबंधित विभागों के समन्वय से अधिक से अधिक पात्र युवाओं को अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
प्रशस्ति पत्र के माध्यम से आशा व्यक्त की गई है कि जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी एवं संबंधित अधिकारी भविष्य में भी इसी उत्साह, संवेदनशीलता एवं लगन के साथ कार्य करते हुए उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के ध्येय “सबको हुनर, सबको काम” की प्राप्ति में अपना प्रभावी योगदान देते रहेंगे। यह उपलब्धि जनपद आजमगढ़ में दिव्यांगजनों के सम्मान, स्वावलंबन एवं आर्थिक सशक्तिकरण के प्रति जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करती है।



