प्रभावित परिवारों को भोजन, शुद्ध पेयजल, दवा एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो: मंत्री ए के शर्मा

प्रभावित परिवारों को भोजन, शुद्ध पेयजल, दवा एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो: मंत्री ए के शर्मा

मऊ। घोसी ।नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा ने आज जनपद मऊ के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर बाढ़ के प्रभावित लोगों से मिले। उन्होंने मधुबन एवं दुबारी क्षेत्र में पहुंचकर बाढ़ से प्रभावित नागरिकों से संवाद किया तथा उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली। नगर विकास मंत्री श्री शर्मा ने जनता इंटर कॉलेज परिसर में संचालित राहत शिविर का निरीक्षण किया। उन्होंने राहत शिविर में रह रहे बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना तथा प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने बाढ़ पीड़ितों को खाद्य सामग्री के पैकेट, आवश्यक दवाइयां एवं राहत सामग्री किट वितरित की।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य पूरी तत्परता के साथ संचालित किए जाएं। जलभराव वाले निचले क्षेत्रों में फंसे नागरिकों एवं पशुओं को आवश्यकता के अनुसार तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए। राहत शिविरों में रहने वाले प्रभावित परिवारों को भोजन, शुद्ध पेयजल, चिकित्सा सुविधा एवं अन्य आवश्यक सामग्री की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ने कहा कि बाढ़ जैसी आपदा की स्थिति में प्रदेश सरकार प्रत्येक प्रभावित परिवार के साथ पूरी संवेदनशीलता एवं प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है। शासन की प्राथमिकता है कि कोई भी प्रभावित व्यक्ति राहत एवं आवश्यक सुविधाओं से वंचित न रहे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दुर्गम एवं अधिक प्रभावित क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर राहत सामग्री पहुंचाई जाए तथा राहत कार्यों की नियमित निगरानी की जाए।

उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद संभावित संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए मेडिकल टीमों को सक्रिय रखा जाए। प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही स्वच्छता, एंटी-लार्वा छिड़काव एवं अन्य आवश्यक निरोधात्मक कार्यवाही समयबद्ध ढंग से कराई जाए।

मंत्री एके शर्मा ने अधिकारियों से कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में भोजन, पेयजल, चिकित्सा एवं स्वच्छता संबंधी व्यवस्थाओं में किसी भी स्तर पर कमी नहीं होनी चाहिए। राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता अथवा लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन का दायित्व है कि संकट की इस घड़ी में प्रत्येक जरूरतमंद तक समय से सहायता पहुंचे और प्रभावित परिवारों को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।

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