Azamgarh news :जनगणना-2027 के द्वितीय चरण में आजमगढ़ के परिवारों से पूछे जाएंगे 40 महत्वपूर्ण सवाल
जनगणना-2027 के द्वितीय चरण में आजमगढ़ के परिवारों से पूछे जाएंगे 40 महत्वपूर्ण सवाल

16 नवंबर से 30 नवंबर तक होगी स्व-गणना; 1 दिसंबर से 4 जनवरी तक प्रगणक करेंगे परिवारों का गणना कार्य, 5 से 9 जनवरी तक चलेगा रिवीजनल राउंड
आजमगढ़ ब्यूरो चीफ राकेश श्रीवास्तव
जनगणना-2027 के द्वितीय चरण की तैयारियों के क्रम में जनपद आजमगढ़ में व्यापक स्तर पर कार्ययोजना तैयार की गई है। द्वितीय चरण के अंतर्गत 16 नवंबर से 30 नवंबर तक स्व-गणना (Self Enumeration) की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इसके बाद 1 दिसंबर से 4 जनवरी तक प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर परिवारों से निर्धारित प्रश्नावली के अनुसार आवश्यक जानकारी प्राप्त कर दर्ज की जाएगी। इसके पश्चात 5 जनवरी से 9 जनवरी तक रिवीजनल राउंड (Revisional Round) आयोजित किया जाएगा, जिसमें यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जनगणना कार्य के दौरान कोई पात्र व्यक्ति अथवा परिवार छूट न जाए और किसी व्यक्ति या परिवार की दोहराव के साथ गणना न हो।
द्वितीय चरण में परिवार से संबंधित लगभग 40 महत्वपूर्ण प्रश्नों के माध्यम से सामाजिक, आर्थिक एवं जनसांख्यिकीय जानकारी एकत्र की जाएगी। इसमें परिवार के सदस्यों की संख्या, उनकी शिक्षा, वैवाहिक स्थिति, रोजगार एवं आजीविका सहित विभिन्न पहलुओं से संबंधित जानकारी शामिल होगी। परिवार में कितने सदस्य हैं, कौन क्या कार्य करता है, परिवार की आय-आजीविका का प्रमुख आधार क्या है, बच्चों एवं परिवार से संबंधित आवश्यक विवरण आदि की जानकारी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार दर्ज की जाएगी।
5 जनवरी के 00:00 बजे को माना जाएगा संदर्भ समय
जनगणना-2027 के द्वितीय चरण में 5 जनवरी के 00:00 घंटे (मध्यरात्रि) को संदर्भ समय (Reference Time) के रूप में माना जाएगा। जनगणना से संबंधित आवश्यक जानकारी इसी निर्धारित संदर्भ समय के अनुरूप दर्ज की जाएगी। रिवीजनल राउंड के दौरान भी संदर्भ समय को ध्यान में रखते हुए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जनगणना में निर्धारित समय पर वास्तविक स्थिति का सही प्रतिबिंब प्राप्त हो।
हिंदी अथवा भोजपुरी में दर्ज की जा सकेगी मातृभाषा की जानकारी
जनगणना के दौरान भाषा से संबंधित जानकारी भी विशेष रूप से दर्ज की जाएगी। परिवार से उसकी मातृभाषा तथा अन्य भाषाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की जाएगी। आजमगढ़ में परिवार अपनी मातृभाषा के रूप में हिंदी अथवा भोजपुरी की जानकारी दे सकते हैं। इसके अतिरिक्त परिवार के सदस्यों द्वारा बोली या समझी जाने वाली अन्य भाषाओं से संबंधित जानकारी भी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार दर्ज की जाएगी।
भाषा संबंधी जानकारी के लिए जनगणना कर्मियों द्वारा परिवार से संबंधित व्यक्ति से वास्तविक जानकारी प्राप्त की जाएगी। इसका उद्देश्य जनपद में भाषाई स्थिति से संबंधित प्रमाणिक आंकड़े तैयार करना है।
11,500 EB(ENUMERATION BLOCK/गणना ब्लॉक) में होगा जनगणना का कार्य
जनगणना-2027 के द्वितीय चरण के लिए जनपद आजमगढ़ में कुल लगभग 11,500 EB के आधार पर कार्य कराया जाएगा। इन HLB में परिवारों से संबंधित जानकारी एकत्र करने के लिए लगभग 9,000 प्रगणकों (Enumerators) की व्यवस्था की गई है। प्रगणकों के कार्य की निगरानी एवं आवश्यक मार्गदर्शन के लिए लगभग 2,000 सुपरवाइजर लगाए जाएंगे।
जनपद में प्रशासनिक एवं पर्यवेक्षणीय व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए कुल 24 चार्ज निर्धारित किए गए हैं। इनमें 16 नगरीय निकाय तथा 8 तहसील क्षेत्र शामिल हैं। प्रत्येक स्तर पर निर्धारित जिम्मेदारियों के अनुरूप अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा जनगणना कार्य की निगरानी की जाएगी।
4 मास्टर ट्रेनर और 164 फील्ड ट्रेनर संभालेंगे प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन
जनगणना कार्य में लगे कार्मिकों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्रशिक्षित करने के लिए जनपद में 4 मास्टर ट्रेनर (MT) तथा 164 फील्ड ट्रेनर (FT) की व्यवस्था की गई है। इनके माध्यम से प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों को जनगणना की प्रश्नावली, विभिन्न प्रश्नों को पूछने की प्रक्रिया, प्राप्त जानकारी को सही तरीके से दर्ज करने तथा फील्ड में आने वाली विभिन्न परिस्थितियों के संबंध में प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन दिया जाएगा।
प्रशिक्षण के दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया जा रहा है कि प्रगणक परिवार द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी को बिना अनुमान लगाए और बिना अपनी ओर से कोई निष्कर्ष निकाले, निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार दर्ज करें। किसी प्रश्न का उत्तर परिवार द्वारा जिस रूप में दिया जाता है, उसी के आधार पर संबंधित जानकारी दर्ज की जाएगी।
परिवार के प्रत्येक सदस्य से संबंधित होगी आवश्यक जानकारी
द्वितीय चरण में परिवार के प्रत्येक सदस्य से संबंधित आवश्यक जानकारी निर्धारित प्रश्नावली में दर्ज की जाएगी। इसमें सदस्य की शैक्षिक स्थिति, रोजगार, वैवाहिक स्थिति, परिवार में उनकी स्थिति तथा अन्य निर्धारित सामाजिक एवं जनसांख्यिकीय विवरण शामिल होंगे।
रोजगार से संबंधित प्रश्नों के माध्यम से यह जानकारी भी प्राप्त की जाएगी कि परिवार के सदस्य किस प्रकार का कार्य करते हैं अथवा उनकी आजीविका का प्रमुख साधन क्या है। इससे जनगणना के माध्यम से जनसंख्या की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति से संबंधित विस्तृत आंकड़े तैयार करने में सहायता मिलेगी।
इसी प्रकार परिवार में बच्चों की संख्या तथा अन्य निर्धारित पारिवारिक विवरण भी दर्ज किए जाएंगे। जनगणना में प्राप्त यह जानकारी भविष्य में विभिन्न योजनाओं के निर्माण, संसाधनों के आकलन तथा जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की बेहतर योजना बनाने के लिए महत्वपूर्ण आधार प्रदान करेगी।
बेघर व्यक्तियों की भी होगी गणना
जनगणना-2027 के द्वितीय चरण में केवल सामान्य आवासीय परिसरों में रहने वाले परिवारों की ही नहीं, बल्कि बेघर व्यक्तियों की भी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार गणना की जाएगी। इसके लिए संबंधित क्षेत्रों में आवश्यक सर्वेक्षण एवं गणना कार्य कराया जाएगा, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति जनगणना से बाहर न रह जाए।
जनगणना कार्य का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी छूटे नहीं और किसी की दोहराव के साथ गणना न हो। इस दिशा में प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए जा रहे हैं। स्व-गणना, घर-घर जाकर गणना तथा रिवीजनल राउंड—सभी चरणों में प्राप्त जानकारी का निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सत्यापन एवं मिलान किया जाएगा।
प्रगणक के समक्ष सही जानकारी उपलब्ध कराने की अपील
जनपद प्रशासन की ओर से नागरिकों से अपील की गई है कि जनगणना-2027 के द्वितीय चरण के दौरान अपने घर आने वाले अधिकृत जनगणना कर्मियों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने में सहयोग करें। परिवार से संबंधित प्रश्नों के सही एवं स्पष्ट उत्तर दिए जाएं, ताकि जनगणना के आंकड़े अधिक विश्वसनीय और वास्तविक स्थिति के अनुरूप तैयार हो सकें।
नागरिकों से यह भी अपील की गई है कि यदि उनके क्षेत्र में कोई ऐसा व्यक्ति या परिवार है जो सामान्य आवासीय परिसर में नहीं रहता है, तो उसकी जानकारी भी संबंधित जनगणना कर्मियों को उपलब्ध कराने में सहयोग करें, ताकि बेघर व्यक्तियों सहित जनपद का कोई भी पात्र व्यक्ति गणना से छूटने न पाए।
जनगणना कर्मियों को भी निर्देशित किया जा रहा है कि वे प्रत्येक परिवार एवं व्यक्ति के साथ सम्मानजनक व्यवहार करते हुए निर्धारित प्रश्नावली के अनुसार जानकारी प्राप्त करें तथा किसी भी जानकारी का अनुमान या स्वयं से आकलन न करें।
जनगणना-2027 के माध्यम से एकत्र किए जाने वाले आंकड़े देश और प्रदेश में जनसंख्या की वास्तविक सामाजिक, आर्थिक एवं जनसांख्यिकीय स्थिति को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इसी आधार पर भविष्य में विभिन्न क्षेत्रों के लिए आवश्यकताओं का आकलन और योजनाओं के निर्माण में सहायता मिलेगी।
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