आजमगढ़:डीआईजी सुनील कुमार सिंह ने की कमिश्नर विवेक की कार्यशैली की सराहना, कानून व्यवस्था और जनहित के मुद्दों पर प्रभावी मॉनिटरिंग पर जोर
कानून व्यवस्था की समीक्षा में कमिश्नर विवेक की सक्रियता की सराहना, डीआईजी ने दिए प्रभावी कार्रवाई के निर्देश
आजमगढ़, 25 सितम्बर। मण्डलायुक्त सभागार में शुक्रवार को मण्डलायुक्त विवेक एवं पुलिस उप महानिरीक्षक सुनील कुमार सिंह की संयुक्त अध्यक्षता में मण्डलीय कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में डीआईजी सुनील कुमार सिंह ने कानून व्यवस्था, जनसुनवाई, अपराध नियंत्रण और जनहित से जुड़े मामलों की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए मण्डलायुक्त विवेक की कार्यशैली की सराहना की।डीआईजी ने कहा कि मण्डलायुक्त विवेक के निर्देशन में प्रशासन एवं पुलिस के बीच बेहतर समन्वय के साथ कानून व्यवस्था से जुड़े विषयों पर लगातार प्रभावी निगरानी की जा रही है। उन्होंने अधिकारियों से इसी समन्वय और सक्रियता के साथ कार्य करते हुए जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने पर जोर दिया।बैठक में मण्डल के तीनों जनपदों आजमगढ़, बलिया और मऊ में बाढ़ की स्थिति, राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की गई। लगातार बारिश को देखते हुए जलस्तर की प्रभावी निगरानी और प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने के निर्देश दिए गए। सभी प्रभावित परिवारों को निःशुल्क राशन किट उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।आगामी गांधी जयंती, शारदीय नवरात्रि, दशहरा, महाराजा अग्रसेन जयंती, वाल्मीकि जयंती, सरदार पटेल जयंती, दीपावली और छठ पर्व को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए सभी थाना, तहसील एवं जनपद मुख्यालय स्तर पर पीस कमेटी की बैठक कराने के निर्देश दिए गए। डीआईजी ने कहा कि पीस कमेटी में सामने आने वाली जनसमस्याओं का प्रशासन एवं पुलिस आपसी समन्वय से तत्काल निस्तारण करें।कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान लंबित विवेचनाओं के शीघ्र निस्तारण, प्रमुख अपराधों, महिला अपराध तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति से संबंधित अपराधों में प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त अभियुक्तों के विरुद्ध गुण्डा एक्ट के तहत प्रभावी कार्रवाई करने तथा अवैध गतिविधियों पर सतत निगरानी रखने को कहा गया।सड़क सुरक्षा को लेकर भी बैठक में विशेष निर्देश दिए गए। मण्डल के तीनों जनपदों में ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करने तथा ‘नो हेलमेट-नो फ्यूल’ अभियान का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। बिना परमिट चल रहे वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई और स्कूली बसों का फिटनेस परीक्षण अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश भी दिए गए।बैठक के दौरान विगत माह बलिया में बाढ़ की स्थिति के दौरान मुख्यमंत्री के दौरे तथा आजमगढ़ में मुख्यमंत्री एवं दोनों उपमुख्यमंत्रियों के भ्रमण कार्यक्रम को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए दोनों जनपदों के जिला एवं पुलिस प्रशासन की सराहना की गई। वहीं शम्भूपुर, अहरौला हत्याकांड में पुलिस द्वारा साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए दोनों बच्चियों को सुरक्षित बचाने तथा उनके सुरक्षित भविष्य के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की पहल की भी प्रशंसा की गई।डीआईजी सुनील कुमार सिंह ने कहा कि प्रशासन और पुलिस के बीच बेहतर तालमेल तथा वरिष्ठ अधिकारियों की प्रभावी मॉनिटरिंग से जनसमस्याओं के समाधान और कानून व्यवस्था को और मजबूत किया जा सकता है। इसी क्रम में अब मण्डलायुक्त एवं डीआईजी मण्डल के सभी थानों और तहसीलों के जनता दर्शन कार्यक्रमों से ऑनलाइन जुड़कर उनकी प्रभावी मॉनिटरिंग करेंगे।सम्पूर्ण समाधान दिवस एवं थाना दिवस में आने वाली राजस्व संबंधी शिकायतों के निस्तारण के लिए पुलिस एवं प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा मौके पर स्थलीय निरीक्षण कर नियमानुसार समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।बैठक में जिलाधिकारी आजमगढ़ रविन्द्र कुमार, जिलाधिकारी बलिया ज्ञानेन्द्र सिंह, जिलाधिकारी मऊ आनन्द वर्धन, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार, पुलिस अधीक्षक मऊ कमलेश बहादुर, पुलिस अधीक्षक बलिया ओमवीर सिंह सहित अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।



