Delhi news :मोदी और ज्ञानेश के साथ सीजेआई सूर्यकांत भी बराबर के दोषी- शाहनवाज़ आलम
मोदी और ज्ञानेश के साथ सीजेआई सूर्यकांत भी बराबर के दोषी- शाहनवाज़ आलम

साप्ताहिक स्पीक अप कार्यक्रम की 266 वीं कड़ी में बोले कांग्रेस नेता शाहनेवाज आलम
रोशन लाल पत्रकार
नयी दिल्ली, 27 सितंबर 2026.
सुप्रीम कोर्ट संविधान का संरक्षक है. संविधान द्वारा प्रदत लोकतंत्र चुनावी प्रणाली पर आधारित है. इसलिए चुनावी प्रक्रिया में किसी भी आपराधिक बदलाव पर स्वतः संज्ञान लेकर कार्यवायी करना मुख्य न्यायाधीश की संवैधानिक ज़िम्मेदारी है। सीजेआई सूर्यकांत शर्मा इस ज़िम्मेदारी को निभाने के बजाए भ्रष्ट चुनाव आयोग को बचाने का अपराध कर रहे हैं।
ये बातें कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव शाहनवाज़ आलम ने साप्ताहिक स्पीक अप कार्यक्रम की 266 वीं कड़ी में कही।
शाहनवाज़ आलम ने कहा कि भाजपा सरकार चुनाव आयोग का दुरुपयोग सुप्रीम कोर्ट के संरक्षण में कर रही है। चुनाव आयोग के हर असंवैधानिक काम को न्यायपालिका वैधता देने का काम कर रही है।इसलिए एसआईआर समेत सभी ग़ैर क़ानूनी प्रावधानों के लिए सिर्फ़ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और नरेंद्र मोदी ज़िम्मेदार नहीं हैं। इसमें मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत भी बराबर के अपराधी हैं। इसलिए सूर्यकांत के ख़िलाफ़ भी कार्यवायी के लिए महाभियोग लाना ज़रूरी है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि महाराष्ट्र की पिछली भाजपा सरकार अवैध थी जिसे सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ ने ग़ैर क़ानूनी तरीक़े से चलने दिया था. उसी तरह पश्चिम बंगाल और बिहार की भाजपा सरकारें भी अवैध हैं जिन्हें बनाने का श्रेय मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को जाता है जिन्होंने एसआईआर जैसी त्रुटिपूर्ण प्रक्रिया के आधार पर चुनाव होने दिया।
उन्होंने कहा कि क़ानूनों की समीक्षा करना सुप्रीम कोर्ट की ज़िम्मेदारी है लेकिन न्यायपालिका ने मोदी सरकार द्वारा चुनाव आयुक्तों को मुकदमों से मुक्त रखने के लिए विपक्षी सांसदों को निलंबित कर गोपनीय तरीके से बनाए गए क़ानून की समीक्षा नहीं की।



