Jabalpur news:नर्मदा के पावन तट गौरीघाट पर भव्य दीपोत्सव
Jabalpur News: Grand Deepotsav on the holy banks of Narmada at Gaurighat

संस्कारधानी जबलपुर में दीपावली की पूर्व संध्या पर मां नर्मदा के पावन तट गौरीघाट पर भव्य दीपोत्सव का आयोजन किया गया। लगातार चौथे वर्ष आयोजित इस दीपोत्सव में 51 हजार दीपों से मां नर्मदा का श्रृंगार किया गया। हजारों दीपों की रोशनी से पूरा घाट जगमगा उठा। दीपों की जगमगाहट, मां नर्मदा की आरती और श्रद्धा से सराबोर माहौल ने संस्कारधानी की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं की अनुपम छटा बिखेरी। आयोजन में शहर के सामाजिक, व्यापारिक, धार्मिक और सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए। सभी ने एक दीप समृद्धि के नाम प्रज्वलित कर दीपोत्सव में अपनी सहभागिता निभाई।
इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि पिछले चार वर्षों से दीपोत्सव की परंपरा का निरंतर निर्वहन किया जा रहा है। यह आयोजन केवल दीप जलाने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि संस्कारधानी के संस्कारों, मां नर्मदा के प्रति श्रद्धा और जबलपुर की सामूहिकता की शक्ति की अभिव्यक्ति है। उन्होंने कहा कि हमारी परंपराएं ही हमारी राष्ट्रीयता हैं। भारतीय संस्कृति में प्रकाश और दीप का विशेष महत्व है। गौरीघाट पर आयोजित यह दीपोत्सव हमारी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के साथ राष्ट्रीयता का भी उद्घोष करता है।मंत्री ने कहा कि इस वर्ष भी शहरवासियों से आह्वान किया गया था कि वे एक दीप समृद्धि के नाम जलाएं और मां नर्मदा का 51 हजार दीपों से श्रृंगार करें। उन्हें खुशी है कि विभिन्न सामाजिक, व्यापारिक और धार्मिक संगठनों ने उत्साह के साथ इसमें भागीदारी की। सभी ने दीप प्रज्वलन के साथ मां नर्मदा की आरती में हिस्सा लिया। इसके बाद आयोजित लेजर शो और आतिशबाजी ने भी कार्यक्रम में आकर्षण के रंग भर दिए। राकेश सिंह ने सभी शहरवासियों को दीपोत्सव और दीपावली की शुभकामनाएं दीं।
मंत्री राकेश सिंह ने गौरीघाट के विकास को लेकर बड़ी जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मां नर्मदा के इस पवित्र तट को सरयू नदी के तट की तर्ज पर सुंदर और भव्य स्वरूप में विकसित करने की घोषणा की थी। इस परियोजना को स्वीकृति मिल चुकी है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की दिशा में कदम बढ़ाए जाएंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगामी दो से तीन महीनों के भीतर निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद भूमिपूजन किया जाएगा और इसके तत्काल बाद काम प्रारंभ हो जाएगा।उन्होंने कहा कि परियोजना पूरी होने के बाद गौरीघाट देश के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों में अपनी अलग पहचान बनाएगा। यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को मां नर्मदा के पावन दर्शन के साथ एक भव्य और सुंदर घाट का अनुभव मिलेगा। यह स्थान जबलपुर ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व और आस्था का केंद्र बनेगा।
बाइट – राकेश सिंह, पीडब्ल्यूडी मंत्री मध्य प्रदेश
जबलपुर से वाजिद खान की रिपोर्ट



