सिवानकला में धूमधाम से मनायी गयी डॉ.भीमराव आंबेडकर जयंती

रिपोर्ट अजीत कुमार सिंह बिट्टू जी
सिकंदरपुर(बलिया)क्षेत्र के सीवान कला गांव में रविवार को अन्विधान निर्माता बाबा साहब डॉ.भीमराव आंबेडकर की जयंती धूमधाम से मनायी गयी। जिस में मुख्य अतिथि राष्ट्रीय गौरव पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्याम नारायण उर्फ विशाल राजभर रहे व विशिष्ट अतिथि के रूप में ग्राम प्रधान राजिक रिजवी ने भाग लिया।कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य व विशिष्ट अतिथि द्वारा बाबा साहेब की मूर्ति पर माल्यार्पण के साथ हुआ।ततपश्चात वक्ताओं ने उनके व्यक्तित्व व कृतित्व के बारे में चर्चा कर उन्हें महान नेता बताया।वक्ताओं ने बाबा साहब के जीवन दर्शन पर विस्तार से प्रकाश डाला साथ ही डॉ.आंबेडकर के विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।अपने संबोधन में मुख्य अतिथि ने कहा कि भीमराव अम्बेडकर ने भारत का संविधान लिखा था यह संविधान जाति और धर्म की परवाह न करते हुए सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है बाबा साहब ने अपनी जिंदगी में जो हासिल किया और दलितों-गरीबों को समाज में बराबरी के लिए जो संघर्ष किया वह बेहद ही अद्भुत है बाबा साहब के जीवन से एक ही संदेश मिलता है कि अगर आप पूरी लगन से लग जाओ तो इस विश्व में कुछ भी असंभव नहीं है लोगों ने स्कूलों में भी बाबा साहब के बारे में पढ़ाने के लिए अलग से व्यवस्था की बाबा साहब एक बेहद ही गरीब घर में पैदा हुए थे उनके घर में खाने को नहीं था। उस समय छुआछूत इतना ज्यादा था कि जब बाबा साहब स्कूल आते थे तो उन्हें बाहर बैठा दिया जाता था।वहां से निकल कर वो कोलंबिया यूनिवर्सिटी में पीएचडी करने पहुंच गए और लंदन ऑफ इकोनॉमिक्स में पीएचडी करने पहुंच गए। डॉ भीमराव अंबेडकर ने समाज के निचले तबके के विकास एवं उत्थान के लिए जो काम किया वह आज भी अनुकरणीय है। उन्होंने जीवन पर्यन्त अपने उपदेशों व शिक्षाओं के जरिए लोगों के जीवन को प्रभावित किया। समाज हित एवं सामाजिक सुधारों के जरिए उन्होंने एक अलग ही अलख जगाई।साथ ही आपस में प्रेम करने की लोगों को शिक्षा दी।विशिष्ट अतिथि ग्राम प्रधान राजिक रिजवी ने कहा कि स्वतंत्र भारत के संविधान निर्माता,दलितों के मसीहा,समाज सुधारक डॉ.आंबेडकर देश के एक राष्ट्रीय नेता थे सामाजिक भेदभाव,अपमान की जो पीड़ा उनको सहनी पड़ी थी उसके विरुद्ध उन्होंने संघर्ष कर सबों को न्याय दिलाया।इस दौरान विद्यासागर जी, गोविंद कुमार, गोविंद गुप्ता, अंकित पासवान, बसंत राजभर मौजूद रहे।



