डीएम ने की बाढ़ से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियों की बिंदुवार समीक्षा

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रिपोर्ट विनय मिश्रा

देवरिया, जिलाधिकारी अखण्ड प्रताप सिंह की अध्यक्षता में जनपद में बाढ़ से निपटने के लिए “स्टेयरिंग ग्रुप” की बैठक विकास भवन के गांधी सभागार में सम्पन्न हुई।

जिलाधिकारी ने आगामी मानसून के दृष्टिगत बाढ़ से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियों की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने कहा कि बाढ़ से निपटने की सभी तैयारियां समय से पूर्ण कर ली जाए। इसमें किसी भी तरह की कोताही न बरती जाये। नाव मालिकों, नाविकों और गोताखोरों की सूची तैयार कर ली जाए। बाढ़ के दौरान पेयजल की समस्या के समाधान हेतु समय रहते इलाके के इंडिया मार्का हैंडपंप को इंडिया मार्का प्लेटफार्म के माध्यम से ऊंचा किया जाए। पशुपालन विभाग पशुओं के लिए टीका दवा एवं चारे की व्यवस्था सुनिश्चित करें।उन्होंने कहा कि सभी प्रमुख नालों की सफाई करा ली जाए, जिससे बारिश का पानी निर्बाध रूप से निकल जाए। डीएम ने सीएमओ को एंटी स्नेक वेनम, सहित विभिन्न आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को माइक्रो प्लान तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि गत वर्ष के अनुभव के आधार पर बाढ़ के दौरान जिन-जिन समस्याओं से आमजन को रूबरू होना पड़ता है, उनकी लिस्टिंग करके अभी से तैयारी शुरू की जाए, जिससे बाढ़ जैसी अप्रिय स्थिति में जनता को न्यूनतम असुविधा हो।

जिला समन्वय अधिकारी बाढ़ के रूप में अधिशासी अभियन्ता, बाढ कार्य खण्ड-देवरिया द्वारा समिति के समक्ष बाढ़ से निपटने की तैयारियो का विस्तृत विवरण पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। उनके द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद में 4 नदियां यथा राप्ती, गुर्रा घाघरा व छोटी गण्डक नदी एवं 3 नाले बथुआ नाला, खनुआ नाला व हाहा नाला है, जिस पर 40 तटबन्ध निर्मित है, जिसकी कुल लम्बाई 241.048 किमी है। जनपद में 12 तटबन्धों पर 17 संवेदनशील स्थलों का चयन किया गया है। तटबन्धों पर कोई भी अतिसंवेदनशील स्थल नही है। जनपद में 22 अदद तटबन्धों ड्रेनों तथा नालों पर 61 अदद रेगुलेटर निर्मित है, जो वर्तमान समय में क्रियाशील है। जनपद में गुर्रा नदी के पिड़राघाट एवं घाघरा नदी के पिण्डी पर वायरलेस स्टेशन स्थापित है, जो 24X7 क्रियाशील रहता है। बाढ़ अवधि में सहयोग हेतु 25 तटबन्धो पर 55 बाढ़ सुरक्षा समिति का गठन किया गया है, जिनका व्हाट्सअप ग्रुप बना है , जो पूरे बाढ़ अवधि में क्रियाशील रहेगा।

जनपद में 9 बाढ़ चौकी स्थापित किये गये है, जिसमें आकस्मिकता की स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारिया कर ली गई है तथा इन बाढ़ चौकियों पर बाढ़ अवधि में सम्बन्धित एई, जेई एवं मेटों के नम्बर लिखे है। 01 जून से 31 अक्टूबर 2024 तक बाढ़ नियंत्रण एवं सूचनाओ के अदान-प्रदान हेतु खण्डीय कार्यालय में बाढ़ नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गयी है जो उक्त अवधि में 24×7 क्रियाशील रहेगा। सम्बन्धित कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगायी जा चुकी है।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी प्रत्यूष पाण्डेय, सीएमओ डा राजेश झा, डीएफओ जगदीश आर, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार राय,अधिशासी अभियन्ता, बाढ कार्य खण्ड-देवरिया सहित अन्य जनपदीय अधिकारीयो ने प्रतिभाग किया।

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