डा रामबिलास भारती का जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए अपने स्तर से किया गया प्रयास समाज के लिए प्रेरणा।प्रधानाचार्य जकाउल्लाह।।

रिपोर्ट:अशोक श्रीवास्तव।मऊ।घोसी।

घोसी-मऊ। शिक्षा एवं समाज को समर्पित “पे बैक टू सोसाइटी” के प्रति सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए गोल्ड मेडलिस्ट एवं राज्य अध्यापक पुरस्कार प्राप्त शिक्षक डॉ.रामविलास भारती पूर्व की भांति इस वर्ष भी अपने व्यक्तिगत धन/वेतन से जैश किसान इंटर कालेज बनगांवां सहित विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में कक्षा 9,11 एवं अन्य उच्च शिक्षा कक्षाओं में लगभग 50 मेधावी एवं आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को प्रवेश दिलाया है। जिनमें मुख्य रूप से सबा परवीन, श्वेता, रुखसार फातमा,अमृता, अंकिता, गायत्री, नीलम, प्रिया, सोनम, अजीत, आकाश, पवन, अनुज, शाह आलम, विशाल, अमन आदि बच्चे हैं। डॉ.रामविलास भारती अपने विद्यालय पूर्व माध्यमिक विद्यालय धरौली के लगभग समस्त कक्षा 8 उत्तीर्ण बच्चों का शतप्रतिशत नामांकन 9 वीं कक्षा में प्रति वर्ष व्यक्तिगत रूप से अनिवार्य रूप से कराते हैं। तो वही प्रवेश दिलाने के साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को इनके द्वारा पुस्तकें, डिजिटल लाइब्रेरी एवं अन्य शिक्षण सामग्री भी उपलब्ध कराई जाती हैं। डॉ. भारती का मानना है कि कोई भी छात्र/छात्रा यदि उसकी रुचि पढ़ने में है और आर्थिक रूप से कमजोर है, तो किसी भी कीमत पर वह शिक्षा से वंचित नहीं होना चाहिए। शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है। और उसे किसी भी कीमत पर मिलना चाहिए। जैश किसान इंटर कालेज बनगांवा, घोसी में बच्चों के प्रवेश के दौरान डा. रामविलास भारती ने कहा कि यदि सरकारी नौकरी चाहिए तो सरकारी तंत्रों को मजबूत करना होगा। हर बच्चा यूनिक एवं विशेष होता है सही मंच और अवसर मिलने पर इनमें से कोई भी समाज व देश हित में अविस्मरणीय सिद्ध हो सकता है। हर नौकरी करने वाले एवं सक्षम व्यक्ति को चाहिए कि वह अपने आमदनी का कुछ हिस्सा ऐसे कार्यो में लगाये जिससे की बेहतर एवं शतप्रतिशत शिक्षित भारत के निर्माण में उसका योगदान सुनिश्चित हो सके।

इस अवसर पर उपस्थित जैश किसान इंटर कालेज के प्रधानाचार्य जकाउल्लाह ने डा. रामविलास भारती की सराहना करते हुए उनके कार्यो में सहयोग करने की बात कही। डॉ. मुसीर ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में एवं बच्चों के प्रति समर्पण डॉ.रामविलास भारती के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। इनके द्वारा मेधावी बच्चों को व्यक्तिगत रूप से छात्रवृत्ति देना, प्रवेश दिलाना नेक कार्य हैं। डॉ. बृजेश गिरी ने कहा कि डॉ.रामविलास भारती जैसे शिक्षकों की वजह से ही शिक्षकों को समाज का दर्पण कहा जाता है। निश्चय ही इस कथन को डॉ. भारती चरितार्थ करते नजर आ रहे हैं। इस अवसर पर संतोष सिंह, डॉ.मुसीर, योगेन्द्र मौर्या, शहाबुद्दीन, बाल्मिकी, विनीत राय आदि उपस्थित रहे।

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