मानसून करीब होने के बावजूद अनेक नालों की साफ सफाई नहीं
Despite the monsoon approaching, many drains are not cleaned

रिपोर्ट/अजय उपाध्याय
मुंबई : एक ओर जहां लोकसभा चुनाव शुरू है वहीं मुंबई के पूर्व उपनगरों के अनेक बड़े नालों की साफ सफाई आधी अधूरी किए जाने से बरसात में जलजमाव की आशंका जताई जा रही है। बताया जाता है कि मनपा स्वच्छता विभाग के कर्मचारियों की ड्यूटी लोकसभा चुनाव में लगाए जाने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। अनेक राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की ओर से जल्द ही उपनगर के बड़े नालों की साफ सफाई किए जाने की मांग की गई है।
मिली जानकारी के अनुसार हमेशा ही मानसून शुरू होने के पूर्व मनपा और सेंट्रल एजेंसी की ओर से मुंबई के छोटे बड़े नालों की साफ सफाई अप्रैल महिने से ही शुरू करा दी जाती है। पूर्वी उपनगर के अनेक निचले इलाकों विशेष कर चुनाभट्टी, कुर्ला साबले नगर, नेहरूनगर, सेल कॉलोनी, घाटकोपर ( पूर्व) के पंतनगर, चेंबूर महाडा कॉलोनी, माहुल गांव के नालों की सफाई ठीक ढंग से न किए जाने से नागरिकों द्वारा मानसून में यहां जलजमाव की आशंका जताई जा रही है। बज्मे इंसानियत वेल्फेयर एसोसिएशन के संस्थापक अध्यक्ष मुजीबुर्रहमान सिद्दीकी ने बताया कि पूर्वी उपनगर के लक्ष्मी नगर नाला, सोमैया नाला, नेहरूनगर नाला, मानखुर्द सोनापुर नाला, बी. ए. आर. सी नाला, चेंबूर कस्तूरबानगर नाला, साकीनाका सफेदपुल नाले की साफ सफाई पूरी तरह नहीं कराई गई है। इसके अलावा कुर्ला कमानी, संजय नगर, तीन नंबर खाड़ी नेताजी नगर के छोटे नालों की सफाई नहीं कराने से मानसून में भारी बारिश के दौरान निचले इलाकों में जलजमाव की संभावना बढ़ गई है।
वहीं ईशान्य मुंबई जिला कांग्रेस के महासचिव दीपक जोशी ने बताया कि लोकसभा चुनाव के कारण चेंबूर पी. एल. लोखंडे मार्ग, घाटकोपर ( पूर्व) के कामराज नगर घाटकोपर (प) के नारायण नगर , असल्फा गांव का चांदीवली पुल और जगह जगह सड़कों का निर्माण कार्य शुरू है। लेकिन इन सड़कों का निर्माण कार्य कछुआ रूपी चाल से चलने के कारण मानसून के पहले पूरा किया जाना असंभव है। इस कारण जलजमाव और ट्रैफिक समस्या की संभावना बढ़ गई है।



