मंडल राजभाषा कार्यान्वयन समिति की हुई बैठक।

जिला संवाददाता ,विनय मिश्र, देवरिया ।

वाराणसी,12 जून 2024; मंडल रेल प्रबंधक श्री विनीत कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में भारतेंदु सभागार कक्ष में मंडल राजभाषा कार्यान्वयन समिति,वाराणसी मंडल की तिमाही बैठक, तकनीकी संगोष्ठी का आयोजन आज 12 जून 2024 को सम्पन्न हुआ । इस अवसर पर अपर अपर मंडल रेल प्रबंधक (इन्फ्रा) श्री रोशन लाल यादव, अपर मंडल रेल प्रबंधक(आप) श्री राजेश कुमार सिंह, मुख्य परियोजना प्रबंधक(गतिशक्ति) श्री कौशलेश सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक श्री आर जे चौधुरी, वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त श्री एस कृष्णन, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री शेख रहमान, वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर(सामान्य) श्री पंकज केशरवानी, वरिष्ठ मंडल सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर प्रथम श्री रजत प्रिय, वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर(कर्षण) श्री आर एन सिंह, वरिष्ठ आंकड़ा संसाधन प्रबंधक सह राजभाषा अधिकारी श्री नवनीत कुमार वर्मा, वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी श्री समीर पाँल, वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर (कैरज एवं वैगन ) श्री अपूर्व सवर्णकार,सहायक मंडल परिचालन प्रबंधक श्री हीरा लाल, तथा स्टेशन राजभाषा समिति के सदस्यों समेत मंडल कार्यालय पर कार्यरत विभिन्न विभागों के कर्मचारी उपस्थित थे ।

इस अवसर पर अपने अध्यक्षीय संबोधन में मंडल रेल प्रबंधक श्री विनीत कुमार श्रीवास्तव ने कहा की मंडल राजभाषा कार्यान्वयन समिति की आयोजित इस बैठक में आप सभी का स्वागत है। हिंदी भारत संघ की राजभाषा है। प्राचीन काल से ही हिंदी देशभर में संपर्क भाषा के रुप में कार्य करती रही है। यह हर्ष का विषय है कि आज के इस बैठक में राजभाषा विभाग द्वारा “काशी प्रतिबिंब” ई – पत्रिका का विमोचन किया जा रहा है। जिसे हमारे रेल कर्मियों ने अपनी रचनाओं से समृद्ध करने का कार्य किया है। साथ ही आज तकनीकी गोष्ठी के अंतर्गत चिकित्सा विभाग द्वारा प्रस्तुति का आयोजन किया गया है। चिकित्सा गोष्ठी के मुख्य वक्ता डॉ. नीरज कुमार का मैं हार्दिक स्वागत करता हूँ ।

सभी अधिकारियों से आग्रह है कि अपने निरीक्षण रपटों में हिंदी पैरा का उल्लेख अवश्य करें, विभागीय बैठकों में हिंदी के प्रयोग पर भी चर्चा करें एवं उसका उल्लेख करें। एक बार पुनः आप सभी का स्वागत करता हूँ एवं उम्मीद करता हूँ कि आप सभी अपने-अपने क्षेत्रों में राजभाषा के प्रयोग को आगे बढ़ाएंगे ।

बैठक में तकनीकी गोष्ठी के अंतर्गत मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित मंडल चिकित्सालय के अपर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा निरज कुमार ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) के बारे में विस्तार से बताया । उन्होंने बताया की 1960में पुनर्जीवन अग्रदूत डॉ. कोउवेनहोवेन, सफ़र और जूड ने कार्डियोपल्मोनरी पुनर्जीवन बनाने के लिए छाती को दबाने के साथ मुंह से मुंह से सांस लेने का संयोजन किया , जीवन बचाने वाली क्रियाएं जिन्हें अब हम सीपीआर कहते हैं। यह हार्ट अटैक (कार्डियक अरेस्ट) के दौरान जीवन बचाने में मदद कर सकता है, जब दिल धड़कना बंद कर देता है या मस्तिष्क और अन्य महत्वपूर्ण अंगों में रक्त संचार करने के लिए बहुत अप्रभावी रूप से धड़कता है तो कार्डियोपल्मोनरी पुनर्जीवन एक आपातकालीन प्रक्रिया है जिसमें अक्सर कृत्रिम वेंटिलेशन के साथ छाती को दबाया जाता है, या मुंह से मुंह को मैन्युअल रूप से अक्षुण्ण मस्तिष्क तालमेल को संरक्षित करने के प्रयास में किया जाता है जब तक कि कार्डियक अरेस्ट वाले व्यक्ति में सहज रक्त परिसंचरण और श्वास को बहाल करने के लिए आगे के उपाय किये जाते है ।

इसके पूर्व सभी का स्वागत करते हुए अपर मुख्य राजभाषा अधिकारी एवं अपर मंडल रेल प्रबंधक (इन्फ्रा) श्री रोशन लाल यादव ने कहा की वाराणसी मंडल राजभाषा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कार्य कर रहा है इसी का परिणाम है कि वाराणसी मंडल को इस वर्ष नगर राजभाषा की शील्ड तथा मुख्यालय स्तर की अंतर्मंडलीय राजभाषा कार्यकुशलता ट्रॉफी प्राप्त हुई है I वेबसाइट के क्षेत्र में मंडल ने सराहनीय प्रगति की है। मेरा आग्रह है कि जिन विभागों के लिंक में अभी भी द्विभाषी सामग्री अपलोड नहीं है, वे द्विभाषी सामग्री अपलोड करें एवं सभी विभाग इसकी नियमित मॉनिटरिंग करें। उम्मीद है कि इस दिशा में आप सभी का सहयोग हमेशा मिलता रहेगा और हमारा मंडल राजभाषा के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका प्रदान करता रहेगा।

राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक एवं तकनीकी संगोष्ठी का संचालन करते हुए वरिष्ठ आंकड़ा संसाधन प्रबंधक सह राजभाषा अधिकारी श्री नवनीत कुमार वर्मा ने राजभाषा पर सुझावों पर विस्तृत चर्चा की और किये गये सुधारों के बारे में सदस्यों को अवगत कराया । इस बैठक के दौरान राजभाषा प्रगति की समीक्षा की गयी,पिछले कार्यान्वयन समिति की बैठक के कार्यवृन्त की पुष्टि की गयी तथा अगली बैठक हेतु सुझाव लिए गये । धन्यवाद ज्ञापन राजभाषा अधिकारी श्री नवनीत कुमार वर्मा द्वारा किया गया ।

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