तेलंगाना में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल अस्थाई रूप से खत्म

Junior doctors' strike in Telangana temporarily ended

हैदराबाद, 26 जून: तेलंगाना के सरकारी अस्पतालों में कार्यरत जूनियर डॉक्टरों ने बुधवार को अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल अस्थायी रूप से वापस ले ली।

 

 

मंगलवार देर रात चिकित्सा शिक्षा निदेशक और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद तेलंगाना जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (टी-जूडा) ने फिलहाल के लिए अपनी हड़ताल खत्म करने का फैसला किया।

 

 

तेलंगाना-जूडा ने कहा कि वह बुधवार शाम तक सरकार द्वारा उनकी मांगों को स्वीकार करने के आदेश जारी करने का इंतजार करेंगे। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार ने आदेश जारी नहीं किया तो वह गुरुवार से हड़ताल को फिर से शुरू कर देंगे।

 

 

वहीं सरकार ने जूडा को आश्वासन दिया कि गांधी अस्पताल और उस्मानिया अस्पताल में जूनियर डॉक्टरों के लिए छात्रावास बनाए जाएंगे। साथ ही छात्रावास के लिए धनराशि जारी करने का आश्वासन भी दिया।

 

 

बता दें कि उस्मानिया अस्पताल में कार्यरत जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल जारी रखने का फैसला किया है। सरकार ने नये भवन के निर्माण के बारे में कोई स्पष्ट आश्वासन नहीं दिया है।

उस्मानिया अस्पताल के डॉक्टरों ने सरकार से अस्पताल के लिए नई बिल्डिंग बनाने की मांग को लेकर अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखा है।

 

 

नारेबाजी करते हुए जूनियर डॉक्टरों ने अस्पताल परिसर में अपना धरना जारी रखा। उन्होंने सरकार से साफ तौर पर कहा कि जब तक नई बिल्डिंग बनाने के आदेश नहीं आ जाते, तब तक वह अपनी हड़ताल खत्म नहीं करेंगे।

 

 

जूडा के पदाधिकारियों और चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. एन वाणी व अन्य अधिकारियों के बीच मंगलवार देर रात तक बातचीत चलती रही।

अधिकारियों ने वारंगल के काकतीय मेडिकल कॉलेज में सड़क मरम्मत और कॉलेज बसों को शुरू करने का आश्वासन दिया।

 

 

जूनियर डॉक्टर आपातकालीन ड्यूटी को छोड़कर बाकी कामों का बहिष्कार कर रहे थे।

 

 

सरकार ने सुपर स्पेशियलिटी सीनियर रेजिडेंट के लिए समय पर वजीफा वितरण मानदेय के लिए ग्रीन चैनल की स्थापना और अस्पतालों में डॉक्टरों के खिलाफ हिंसा को रोकने के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती की मांगों पर भी आश्वासन दिया था।

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