विहिप ने सरकार से दो बच्चों का कानून बनाकर सभी पर समान रूप से लागू करने की मांग की

VHP demanded the government to make a two-child law and implement it equally on everyone

नई दिल्ली, 11 जुलाई। विश्व हिंदू परिषद ने देश में समान नागरिक संहिता लागू करने की जरूरत पर जोर देते हुए सरकार से दो बच्चों का कानून बनाकर इसे सभी पर समान रूप से लागू करने की मांग की है।

 

 

आईएएनएस के साथ खास बातचीत करते हुए विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय संयुक्त महासचिव डॉ. सुरेंद्र जैन ने कहा कि विहिप का स्टैंड वही है, जो भारतीय संविधान और बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर का है कि भारत में समान नागरिक संहिता लागू होनी चाहिए। इसी के साथ जुड़ी हुई एक बात और समान जनसंख्या नीति है। विश्व के सभी सभ्य देशों में समान जनसंख्या नीति है। लेकिन, भारत में न केवल जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है बल्कि असंतुलित जनसंख्या बढ़ने से कई राज्यों की डेमोग्राफी भी बदल रही है।

 

आईएएनएस के सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि जनसंख्या वृद्धि को लेकर एक मानक स्टैंडर्ड अर्थात टीएफआर 2.1 का है। इसलिए, सरकार को देश में समान जनसंख्या नीति लागू कर दो बच्चों का कानून बनाना चाहिए और इसे समान रूप से सभी पर लागू करना चाहिए, चाहे वो हिंदू हो, मुस्लिम हो या किसी और धर्म से जुड़े हो।

 

मुस्लिम महिलाओं के गुजारे भत्ते को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए विहिप नेता ने कहा कि अब स्वागत करने से आगे बढ़ते हुए सभी राज्य सरकारों को समान नागरिक संहिता को लागू करना चाहिए, जिसमें समान जनसंख्या नीति भी शामिल होनी चाहिए।

 

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ बयान देने वाले मुस्लिम नेताओं और उलेमाओं की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि ये कौन से शरिया की बात कर रहे हैं, दुनिया में 25 से ज्यादा शरिया हैं। भारत में भी 4 से अधिक शरिया हैं और महिलाओं का शोषण करने के लिए वो जिस शरिया की बात कर रहे हैं, वो तो अंग्रेजों का दिया हुआ है। धर्म के नाम पर महिलाओं पर अत्याचार और दादागिरी को स्वीकार नहीं किया जा सकता। आखिर कौन उन्हें नमाज पढ़ने से, मस्जिद जाने से या टोपी पहनने से रोक रहा है, यही तो धार्मिक आजादी है, जो उन्हें मिली हुई है।

 

आईएएनएस के एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने आगे कहा कि हिंदू मंदिरों और तीर्थ स्थलों के क्षेत्रों से मुस्लिम दुकानों को हटा देना चाहिए। समाज की लोकप्रिय मांग को विहिप ने स्वर दिया है। देश के कई मंदिरों में इसे फॉलो करना शुरू कर दिया गया है। कभी किसी मस्जिद के बाहर गैर मुस्लिम को उनकी इबादत की चीजें बेचते हुए नहीं देखा जा सकता तो फिर मंदिर के बाहर इसकी इजाजत कैसे दी जा सकती है।

 

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