पुलिस को भ्रामक व झूठी सूचना देना आरोपी को पड़ गया भारी
पुलिस की तत्परतापूर्ण कार्रवाई से तथाकथित पीड़ित को पुलिस ने पुणे महाराष्ट्र से बरामद कर संबंधित धाराओं में भेजा जेल

रिपोर्ट अशरफ संजरी
भदोही। चौरी थाना क्षेत्र के एक युवक के अपहरण व गुम होने की सूचना झूठी निकली। पुलिस की तत्परतापूर्ण कार्रवाई से तथाकथित पीड़ित को महाराष्ट्र के पुणे से पुलिस ने बरामद कर लिया। लोन का 5 लाख रुपए न चुकाने की नीयत से यह मनगढ़ंत कहानी रची गई थी। एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने बुधवार को पुलिस लाइन सभागार में पत्रकारों से बातचीत के दौरान इसका खुलासा किया।
इस दौरान एसपी ने बताया कि उक्त थाना क्षेत्र के भाला गांव निवासी रमाशंकर चौहान द्वारा 7 मार्च को पुलिस को सूचना दी गई कि उनका पुत्र प्रदीप कुमार चौहान (28 वर्ष) जो इंडियन बैंक में बैंक मित्र है। 7 मार्च को प्रातः वाराणसी के लिए गया था उसके बाद वापस नहीं आया। उसका मोबाइल नंबर भी बंद बता रहा है। उक्त सूचना पर तत्समय ही गुमशुदगी दर्ज करते हुए युवक की तलाश के प्रयास सहित विधिक कार्रवाई प्रचलित की गई। उन्होंने कहा कि गठित
पुलिस टीम को घटना की जांच के क्रम में यह संदिग्ध प्रतीत हुई। पुलिस टीम द्वारा घटना के सभी पहलुओं की गहनता से जांच व तथाकथित पीड़ित का मोबाइल नंबर ट्रेस करते हुए लोकेशन के आधार पर सकुशल बरामदगी किया गया। युवक प्रदीप कुमार चौहान द्वारा फाइनेंस कंपनी से लिए हुए लोन का 5 लाख रुपए जमा न करने की नीयत से अपने अपहरण की झूठी व मनगढ़ंत सूचना परिजनों के माध्यम से पुलिस को दिया। जो वर्तमान में लुक-छुपकर पुणे, महाराष्ट्र में रह रहा है। एसपी ने कहा कि थाना चौरी व सर्विलांस टीम द्वारा अथक प्रयास करते हुए युवक को महाराष्ट्र से सकुशल बरामद कर झूठी सूचना का पर्दाफाश कर लिया। पुलिस को झूठी सूचना देकर बरगलाने के संबंध में आरोपी प्रदीप कुमार चौहान उपरोक्त को गिरफ्तार करते हुए उसके विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया।



