Azamgarh news:महिला कांस्टेबल रोशनी गुप्ता और सुप्रिया राय के सहयोग से अपने घर पहुंचा मेले में खोया हुआ बच्चा

With the help of women constables Roshni Gupta and Supriya Rai, the child who was lost in the fair reached his home.

ब्यूरो रोशन लाल

आजमगढ़:जब सर से हटा दुखों का कहर तब परिजनों में दौड़ी खुशियों की लहर,दुर्गा पूजा के उपलक्ष में 2 अक्टूबर को आजमगढ़ शहर में शानदार मेला लगा हुआ था इस मेले की शोभा बढ़ाने के लिए लोग जगह-जगह दुर्गा जी की प्रतिमा स्थापित किए थे। इसी कड़ी में आजमगढ़ शहर के अंदर पुरानी सब्जी मंडी रामलीला रोड हाता में दुर्गा मां की प्रतिमा स्थापित की गई थी जिसे देखने के लिए हर बार की तरह इस वर्ष भी काफी संख्या में महिला पुरुष बूढ़े बच्चे नौजवान घंटो कतार में खड़े होने के बाद दर्शन पाते थे। हाता की महारानी का दर्शन करने के लिए आजमगढ़ जिले के बाल लखराव गांव का 7 वर्षीय बच्चा जो अपना नाम अमित कुमार बता रहा था मेले की भिंड में अपने माता-पिता से खो गया और घबरा कर इधर-उधर भागने लगा। इसी बीच मेले में ड्यूटी पर तैनात महिला कांस्टेबल रोशनी गुप्ता और सुप्रिया राय की नजर उस बच्चे ं के ऊपर पड़ी दोनों महिला सिपाहियों ने अपने ड्यूटी को बखूबी अंजाम देते हुए उस भटकते बालक को पड़कर ऐनाउन्स् समेंट बॉक्स पर् लेकर आईं जहां उस बच्चे द्वारा बताए हुए परिजनों का नाम लेकर बार-बार बुलाया गया किंतु 9:30 बजे रात तक किसी पार्जन का पता नहीं चला इसके बाद भी वह महिला कांस्टेबल हर संभव प्रयास कर रही थी कि बच्चा सही सलामत अपने घर पहुंचे। इसी बीच बच्चे ं की माता को पता चला तो भाग कर हाता की महारानी के सामने बने हुए एनाउंसमेंट सेंटर पर पहुंची जहाँ उसका बच्चा देखते ही उनको पहचान गया इसके बाद मौके पर मौजूद काफी संख्या में महिला पुरुष कांस्टेबल उस बच्चे से उसकी मां के बारे में पूछे और मां से बच्चे के बारे में पूछे इसके बाद उस बच्चे को उसकी मां के हवाले कर दिए बच्चा हंसता मुस्कुराता अपने माता जी के साथ अपने अपने गांव बाल लखरांव चला गया इस बिछड़े हुए मां और बच्चे को मिलाने में महिला पुलिस कांस्टेबल रोशनी गुप्ता और सुप्रिया राय का अहम योगदान था जो काफी चर्चा का विषय बना रहा।

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