आजमगढ़ में कृषि विभाग की सक्रियता से किसानों को मिला महत्वपूर्ण मार्गदर्शन
Farmers in Azamgarh received important guidance due to the activeness of the Agriculture Department

आजमगढ़: पवई क्षेत्र में धान की कटाई अपने अंतिम चरण में पहुँच चुकी है, और इस दौरान कृषि विभाग की सक्रियता व प्रतिबद्धता सराहनीय रही। विभागीय अधिकारियों ने न केवल किसानों को जागरूक करने के लिए गांव-गांव जाकर प्रचार किया, बल्कि उन्हें सुरक्षित और पर्यावरण-संवेदनशील तरीके से फसल अवशेष प्रबंधन के उपायों के बारे में भी जानकारी दी।एडीओ कृषि, पवई, कुलदीप यादव ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे खेतों में अवशेष को जलाने से बचें। उन्होंने फसल अवशेष प्रबंधन यंत्रों और बायो डी-कंपोजर के उपयोग के माध्यम से मृदा स्वास्थ्य को संरक्षित करने का मार्ग बताया। उनके इस प्रयास से किसानों में जागरूकता बढ़ी और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सकारात्मक संदेश गया।कुलदीप यादव के नेतृत्व में पूरा स्टाफ गांव-गांव जाकर किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन और मृदा संरक्षण के महत्व के बारे में समझा रहा है। हेवती, खुरचंदा, बहाउद्दीनपुर, कंधिया आदि गांवों में जागरूकता अभियान चलाया गया, जिसमें सहायक विकास अधिकारी कृषि, सहायक विकास अधिकारी कृषि रक्षा, एटीएम विकासखंड पवई के गोदाम इंचार्ज रामदीन अशोक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।कृषि विभाग की इस पहल की सराहना की जा रही है, जिससे न केवल किसानों की मदद हुई, बल्कि क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण और मृदा स्वास्थ्य के प्रति भी जागरूकता बढ़ी।



