भ्रष्टाचार विरोधी मोर्चा की वेबिनार संपन्न: कानूनी पहलुओं और संगठन की मजबूती पर हुई विस्तृत चर्चा
नई दिल्ली: भ्रष्टाचार के खिलाफ छिड़ी मुहिम को कानूनी रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से ‘भ्रष्टाचार विरोधी मोर्चा’ द्वारा एक विशेष वेबिनार का आयोजन किया गया। इस डिजिटल बैठक में देश भर के विभिन्न राज्यों के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया, जहाँ भ्रष्टाचार के विरुद्ध कानूनी लड़ाई लड़ने के बारीकियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
कानूनी दायरे में रहकर करें कार्य: वेबिनार को मुख्य रूप से संबोधित करते हुए भ्रष्टाचार विरोधी मोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव एवं सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता निखिल त्यागी ने कार्यकर्ताओं और सदस्यों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ किसी भी विरोध या प्रदर्शन को कानूनी रूप से कैसे सही और प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने कहा कि संगठन के सभी पदाधिकारियों कार्यकर्ताओं को कानून की पूरी जानकारी होनी चाहिए ताकि वे किसी भी विषम परिस्थिति में अपना पक्ष मजबूती से रख सकें। उन्होंने प्रदेश के सभी पदाधिकारियों और सदस्यों को संबंधित कर विभिन्न कानूनी प्रक्रियाओं और अधिकारों से अवगत कराया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे भ्रष्टाचार विरोधी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता ई. चंद्रकांत त्यागी ने संगठन की वर्तमान गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने संगठन के भीतर चल रहे विभिन्न मुद्दों की जानकारी साझा की और सदस्यों को एकजुट होकर पारदर्शिता के साथ काम करने के लिए प्रेरित किया। इस महत्वपूर्ण वेबिनार में देश के कई राज्यों के प्रतिनिधियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। मुख्य रूप से निम्नलिखित राज्यों
झारखंड, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, हरियाणा, दिल्ली और उत्तराखंड के पदाधिकारी शामिल हुए।
वेबिनार के अंत में यह संकल्प लिया गया कि भ्रष्टाचार विरोधी मोर्चा न केवल सड़क पर, बल्कि देश की अदालतों में भी भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करता रहेगा। सभी पदाधिकारियों ने एक सुर में कहा कि वे कानूनी रूप से शिक्षित होकर इस लड़ाई को और अधिक धार देंगे।



