Azamgarh News: छात्रा उत्पीड़न मामले में संवेदनशील दिखी सीडब्ल्यूसी टीम
आजमगढ़ बलरामपुर पटवध से बबलू राय
छात्रा उत्पीड़न मामले में संवेदनशील दिखी सीडब्ल्यूसी टीम
मजिस्ट्रेट रजनीश श्रीवास्तव व अखिलेश सिंह पहुंचे पीड़िता के घर, पुलिस को दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश
आजमगढ़ जनपद के मुबारकपुर थाना अंतर्गत एक विद्यालय के कक्षा दसवीं की एक छात्रा के साथ अभद्रता और मारपीट के मामले में बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) की सक्रियता देखने को मिली। घटना की जानकारी मिलते ही सीडब्ल्यूसी बेंच ऑफ मजिस्ट्रेट रजनीश कुमार श्रीवास्तव एवं अखिलेश कुमार सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पीड़ित बच्ची के घर पहुंचकर उसका हालचाल जाना और परिजनों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
बताया गया कि स्थानीय इंटर कॉलेज में कक्षा 10 में अध्ययनरत छात्रा को कुछ युवक मोबाइल पर आपत्तिजनक संदेश भेजकर परेशान कर रहे थे। विरोध करने पर विद्यालय परिसर में उसके साथ अभद्र व्यवहार और मारपीट किए जाने का आरोप है। घटना में घायल छात्रा को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के बाद उसे घर भेज दिया गया।
मामले की जानकारी मिलते ही सीडब्ल्यूसी बेंच ऑफ मजिस्ट्रेट रजनीश कुमार श्रीवास्तव तथा अखिलेश कुमार सिंह ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए स्वयं पीड़िता के घर पहुंचकर बच्ची और अभिभावक से बातचीत की। दोनों मजिस्ट्रेटों ने बच्ची का मनोबल बढ़ाया और परिजनों को भरोसा दिलाया कि बच्ची के साथ न्याय सुनिश्चित कराया जाएगा।
इस दौरान बच्ची ने मजिस्ट्रेटों को बताया कि घटना के बाद से अभी भी उसके गले में दर्द है तथा सिर में अंदरूनी चोट के कारण लगातार चक्कर आ रहा है। बच्ची की स्थिति को देखते हुए मजिस्ट्रेटों ने परिजनों को बेहतर और नियमित इलाज कराने की सलाह दी, ताकि स्वास्थ्य संबंधी किसी भी गंभीर समस्या से बचा जा सके।
सीडब्ल्यूसी टीम ने थानाध्यक्ष मुबारकपुर से भी वार्ता कर मामले में तत्काल एवं निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मजिस्ट्रेटों ने स्पष्ट कहा कि बच्चियों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
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क्षेत्र के लोगों ने भी सीडब्ल्यूसी टीम की इस संवेदनशील पहल की सराहना की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अधिकारियों का इस तरह पीड़ित परिवार तक पहुंचना समाज में भरोसा पैदा करता है और पीड़ित पक्ष को न्याय की उम्मीद मिलती है। घटना के बाद अभिभावकों ने विद्यालयों में छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत किए जाने की मांग उठाई है।



