कैंसर के खिलाफ जंग को अध्यात्म का सहारा’

इस्कॉन नवी मुंबई की पहल से भारत के प्रथम होलिस्टिक कैंसर हीलिंग रिट्रीट का शुभारंभ

राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा के प्रेरणादायी उद्गार; रामशेठ ठाकुर ने ₹1 करोड़ सहयोग की घोषणा की

 

खारघर, नवी मुंबई, 30 मई :

 

कैंसर का उपचार केवल दवाओं, शल्य चिकित्सा या रेडिएशन तक सीमित नहीं है, बल्कि रोगी के मन, बुद्धि और आत्मा को भी उपचार एवं संबल की आवश्यकता होती है। इसी विचार को मूर्त रूप देते हुए भारत के प्रथम होलिस्टिक कैंसर हीलिंग रिट्रीट (HCHR) का शुभारंभ महाराष्ट्र के माननीय राज्यपाल श्री जिष्णु देव वर्मा के करकमलों द्वारा इस्कॉन नवी मुंबई में संपन्न हुआ।

 

कैंसर रोगियों, उनके परिजनों, देखभालकर्ताओं तथा कैंसर से उबर चुके लोगों को शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक शक्ति प्रदान करने के उद्देश्य से यह अभिनव एवं निःशुल्क पहल प्रारंभ की गई है।

 

राज्यपाल ने श्रीविग्रहों की आरती कर लिया आशीर्वाद

 

उद्घाटन समारोह से पूर्व माननीय राज्यपाल श्री जिष्णु देव वर्मा ने इस्कॉन नवी मुंबई मंदिर में विराजमान श्री श्री राधा मदनमोहन जी, श्री श्री सीता-राम-लक्ष्मण-हनुमान जी तथा श्री श्री गौर-निताई के दिव्य श्रीविग्रहों का दर्शन किया और उनकी मंगल आरती संपन्न की।

 

मंदिर के आध्यात्मिक एवं भक्तिमय वातावरण से अभिभूत होकर उन्होंने इस्कॉन द्वारा समाजसेवा और मानव कल्याण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की।

 

“कोई इंजेक्शन आपको साहस नहीं दे सकता…”

 

अपने मुख्य संबोधन में राज्यपाल ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा,

 

«“कोई इंजेक्शन आपको साहस नहीं दे सकता। कोई कैप्सूल आपको धर्म या भक्ति नहीं दे सकता। यही वह रिक्तता है जिसे इस्कॉन भरता है और यही कार्य HCHR कर रहा है।”»

 

उन्होंने कहा कि कैंसर रोगियों के जीवन में आशा, साहस और आध्यात्मिक शक्ति का संचार करना समय की आवश्यकता है। चिकित्सा शरीर का उपचार कर सकती है, लेकिन मन को शक्ति और जीवन को उद्देश्य अध्यात्म ही प्रदान करता है।

 

‘वैष्णव जन तो तेने कहिये…’ का किया उल्लेख

 

राज्यपाल ने अपने संबोधन में प्रसिद्ध भजन—

 

«“वैष्णव जन तो तेने कहिये जे पीड़ पराई जाने रे”»

 

का उल्लेख करते हुए कहा कि दूसरों के दुःख को अपना दुःख समझना ही सच्ची मानवता और वैष्णव संस्कृति का सार है।

 

उन्होंने भगवद्गीता के श्लोक—

 

«“न हन्यते हन्यमाने शरीरे”»

 

का उल्लेख करते हुए कहा कि शरीर नश्वर है, परंतु आत्मा शाश्वत और अविनाशी है। यही आध्यात्मिक ज्ञान रोग और कठिनाइयों के समय व्यक्ति को आंतरिक शक्ति प्रदान करता है।

 

रामशेठ ठाकुर का ₹1 करोड़ का महत्वपूर्ण सहयोग

 

इस अवसर पर पूर्व सांसद श्री रामशेठ ठाकुर ने HCHR परियोजना के विस्तार हेतु ₹1 करोड़ की सहायता राशि देने की घोषणा की।

 

उन्होंने कहा कि यह केवल स्वास्थ्य सेवा का नहीं, बल्कि मानवता और करुणा का भी अभियान है तथा भविष्य में भी वे इस पहल को अपना पूर्ण सहयोग देते रहेंगे।

 

विज्ञान और अध्यात्म का अद्वितीय संगम

 

HCHR भारत का पहला ऐसा समग्र कार्यक्रम है जिसमें आधुनिक कैंसर चिकित्सा के साथ-साथ योग, ध्यान, आयुर्वेद, पोषण विज्ञान, संगीत चिकित्सा और आध्यात्मिक परामर्श को एक मंच पर लाया गया है।

 

इस कार्यक्रम में रोगियों के जीवन के चार प्रमुख आयामों पर कार्य किया जाएगा:

 

– शरीर (Body)

– मन (Mind)

– बुद्धि (Intelligence)

– आत्मा (Soul)

 

आयोजकों के अनुसार यह कार्यक्रम NCCN, ASCO, ESMO तथा Society for Integrative Oncology जैसे अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किया गया है।

 

ACTREC–टाटा मेमोरियल सेंटर का वैज्ञानिक सहयोग

 

इस पहल को देश की अग्रणी कैंसर अनुसंधान एवं उपचार संस्था ACTREC–टाटा मेमोरियल सेंटर का वैज्ञानिक सहयोग प्राप्त हुआ है।

 

इसमें प्रमुख रूप से:

 

– डॉ. विक्रम गोटा

– डॉ. अमित जोशी

 

जैसे प्रतिष्ठित विशेषज्ञों का मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है, जिससे कार्यक्रम को उच्च स्तर की चिकित्सा विश्वसनीयता मिली है।

 

दूरदर्शी नेतृत्व ने साकार किया यह स्वप्न

 

इस परियोजना की संकल्पना और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले व्यक्तित्व हैं:

 

– डॉ. सूरदास प्रभु

– डॉ. वैष्णवांग्रि सेवक दास

– डॉ. पुरुषोत्तम दास

– डॉ. किरण कल्याणकर

 

इन सभी ने आधुनिक चिकित्सा विज्ञान, आयुर्वेद, जीवनशैली चिकित्सा और अध्यात्म का समन्वय कर एक अभिनव मॉडल तैयार किया है।

 

महामंत्र पर आधारित ‘हीलिंग म्यूजिक एल्बम’

 

HCHR की एक विशेष पहचान इसका हरे कृष्ण महामंत्र पर आधारित हीलिंग म्यूजिक एल्बम है।

 

राज्यपाल ने इसकी विशेष सराहना करते हुए कहा कि संगीत और आध्यात्मिक ध्वनि मनुष्य के भीतर आशा, शांति और सकारात्मकता का संचार कर सकती है। कैंसर रोगियों के भावनात्मक स्वास्थ्य के लिए यह पहल अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।

 

अनेक गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति

 

इस अवसर पर उद्योग, शिक्षा, चिकित्सा, सामाजिक सेवा और प्रशासनिक क्षेत्र से जुड़े अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तित्व उपस्थित रहे।

 

इनमें कैल्विन सियोंगवोन यी, डॉ. सुनील गायकवाड़, डॉ. राजनीश कामत, रूपक शर्मा, वंदना गुप्ता, राकेश जैन सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।

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इसके अतिरिक्त रायगढ़ के जिलाधिकारी किशन नारायणराव जवाले (IAS), संयुक्त पुलिस आयुक्त दीपक साकोरे, पुलिस उपायुक्त रश्मि नांदेडकर, वैज्ञानिक अरुण पांडे, इस्कॉन विकास कमेटी सदस्य राधेश कुमार दिवाकर तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

 

कैंसर रोगियों के लिए आशा का नया अध्याय

 

होलिस्टिक कैंसर हीलिंग रिट्रीट केवल एक स्वास्थ्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि कैंसर रोगियों के जीवन में आशा, आत्मविश्वास, मानसिक संतुलन और आध्यात्मिक शक्ति का संचार करने वाला एक व्यापक जनकल्याण अभियान है।

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महाराष्ट्र से प्रारंभ हुई यह पहल भविष्य में पूरे भारत में कैंसर देखभाल का एक नया मॉडल स्थापित कर सकती है। विज्ञान और अध्यात्म के समन्वय से विकसित यह प्रयास कैंसर से जूझ रहे हजारों परिवारों के लिए आशा की नई किरण बनकर उभरा है।

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कैंसर के अंधकार के बीच आशा, करुणा और नवजीवन का दीप प्रज्वलित करने वाला यह उपक्रम भारतीय स्वास्थ्य सेवा और मानवीय संवेदनाओं के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध हो सकता है।

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