आधुनिक शिक्षा और पत्रकारिता के सामाजिक दायित्व पर हुई सार्थक चर्चा, राजपाल राइजिंग सन स्कूल पहुंचे आइडियल पत्रकार संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष
A meaningful discussion was held on modern education and social responsibility of journalism, National President of Ideal Journalist Organization Rajpal reached Rising Sun School.

कर्जत (रायगढ़), महाराष्ट्र।शिक्षा किसी भी राष्ट्र की प्रगति का सबसे मजबूत आधार मानी जाती है। बदलते समय में जब शिक्षा का स्वरूप तेजी से आधुनिक तकनीकों की ओर अग्रसर हो रहा है, तब ऐसे शिक्षण संस्थानों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है जो विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखकर उन्हें भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप तैयार करें। इसी उद्देश्य को साकार करने की दिशा में कार्य कर रहे रायगढ़ जिले के खालापुर स्थित राजपाल राइजिंग सन स्कूल में आइडियल पत्रकार संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय कुमार मिश्रा एवं महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष संजय राय ने विद्यालय के प्रबंध निदेशक संजीव कुमार सिंह से शिष्टाचार भेंट की। यह मुलाकात केवल औपचारिक नहीं रही, बल्कि शिक्षा, सामाजिक उत्तरदायित्व, आधुनिक शिक्षण व्यवस्था और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत एवं सार्थक विचार-विमर्श का माध्यम बनी।विद्यालय परिसर में पहुंचने पर प्रबंध निदेशक संजीव कुमार सिंह ने संगठन के दोनों वरिष्ठ पदाधिकारियों का आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने पुष्पगुच्छ भेंट कर अतिथियों का अभिनंदन किया तथा विद्यालय की ओर से उनका सम्मान किया। स्वागत के उपरांत सभी ने विद्यालय के शैक्षणिक वातावरण, विद्यार्थियों के भविष्य तथा समाज में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा की।
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वार्ता के दौरान संजीव कुमार सिंह ने बताया कि वर्तमान समय में शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं रह गया है, बल्कि विद्यार्थियों को ऐसा ज्ञान, कौशल और नैतिक आधार प्रदान करना है जिससे वे भविष्य में एक सफल, जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बन सकें। इसी सोच को केंद्र में रखते हुए राजपाल राइजिंग सन स्कूल में आधुनिक शिक्षा प्रणाली को अपनाया गया है। उन्होंने कहा कि विद्यालय में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए आवश्यक सभी संसाधनों का विकास किया गया है।उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्थाओं की जानकारी देते हुए बताया कि यहां अत्याधुनिक लाइब्रेरी स्थापित की गई है, जहां विभिन्न विषयों की हजारों पुस्तकें उपलब्ध हैं। यह पुस्तकालय विद्यार्थियों में अध्ययन की आदत विकसित करने के साथ-साथ शोध एवं ज्ञानवर्धन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके अतिरिक्त विज्ञान विषयों की बेहतर समझ विकसित करने के लिए आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित विज्ञान प्रयोगशाला भी तैयार की गई है, जहां विद्यार्थी प्रयोगात्मक शिक्षा के माध्यम से विज्ञान के सिद्धांतों को व्यावहारिक रूप में समझते हैं।संजीव कुमार सिंह ने विशेष रूप से विद्यालय में स्थापित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) प्रयोगशाला का उल्लेख करते हुए कहा कि आने वाला समय कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग और डिजिटल तकनीकों का है। ऐसे में विद्यार्थियों को प्रारंभिक स्तर से ही इन विषयों की जानकारी उपलब्ध कराना समय की आवश्यकता है। विद्यालय का उद्देश्य बच्चों को भविष्य की तकनीकों से परिचित कर उन्हें प्रतिस्पर्धी दुनिया के लिए तैयार करना है। उन्होंने कहा कि एआई लैब विद्यार्थियों में तकनीकी सोच, नवाचार और रचनात्मकता को बढ़ावा देने का कार्य कर रही है।विद्यालय में एलकेजी से लेकर कक्षा 10 तक के विद्यार्थियों के लिए स्मार्ट क्लासरूम की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक कक्षा में डिजिटल शिक्षण सामग्री, प्रोजेक्टर एवं आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाता है, जिससे विद्यार्थियों को कठिन विषयों को सरल एवं रोचक तरीके से समझने में सहायता मिलती है। उन्होंने बताया कि तकनीक आधारित शिक्षण पद्धति से विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।विद्यालय में सुरक्षा एवं अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। परिसर में विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सभी व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं। अनुशासित वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का समग्र विकास होता है। विद्यालय प्रशासन का प्रयास है कि प्रत्येक छात्र-छात्रा सुरक्षित वातावरण में अपनी प्रतिभा का विकास कर सके।
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शिष्टाचार भेंट के उपरांत संजीव कुमार सिंह ने राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय कुमार मिश्रा एवं प्रदेश अध्यक्ष संजय राय को विद्यालय का विस्तृत भ्रमण कराया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय के विभिन्न विभागों, कक्षाओं, पुस्तकालय, विज्ञान प्रयोगशाला, एआई लैब तथा अन्य शैक्षणिक संसाधनों का अवलोकन कराया। दोनों पदाधिकारियों ने विद्यालय की आधुनिक सुविधाओं, स्वच्छ परिसर, अनुशासित वातावरण तथा विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध कराई गई व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया।विद्यालय भ्रमण के दौरान आइडियल पत्रकार संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय कुमार मिश्रा ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा का स्वरूप तेजी से बदल रहा है और ऐसे विद्यालय समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं, जो पारंपरिक शिक्षा के साथ आधुनिक तकनीकी शिक्षा को भी समान महत्व देते हैं। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही विकसित भारत की सबसे मजबूत नींव है और ऐसे प्रयासों को समाज का सहयोग एवं प्रोत्साहन मिलना चाहिए।उन्होंने यह भी कहा कि पत्रकारिता और शिक्षा दोनों ही लोकतंत्र के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। शिक्षा जहां समाज को ज्ञान और दिशा प्रदान करती है, वहीं पत्रकारिता समाज को जागरूक करने का कार्य करती है। जब दोनों क्षेत्र सकारात्मक सोच के साथ कार्य करते हैं तो समाज में व्यापक परिवर्तन संभव हो जाता है। उन्होंने विद्यालय प्रशासन द्वारा विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि आधुनिक सुविधाओं से युक्त शिक्षण संस्थान नई पीढ़ी को आत्मनिर्भर और सक्षम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष संजय राय ने भी विद्यालय की व्यवस्थाओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना भी है। उन्होंने कहा कि राजपाल राइजिंग सन स्कूल इन सभी पहलुओं पर गंभीरता से कार्य कर रहा है, जो अत्यंत सराहनीय है।विद्यालय के प्रबंध निदेशक संजीव कुमार सिंह ने बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर नवाचार ही उनकी प्राथमिकता है। बदलती परिस्थितियों के अनुरूप विद्यालय में समय-समय पर नई शिक्षण तकनीकों को अपनाया जाता है। विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास के साथ-साथ खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों, व्यक्तित्व विकास, संवाद कौशल और नैतिक शिक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है।
उन्होंने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य केवल अच्छे परिणाम देना नहीं, बल्कि ऐसे नागरिक तैयार करना है जो समाज, राष्ट्र और मानवता के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझें। इसी उद्देश्य से विद्यालय में समय-समय पर विभिन्न शैक्षणिक, सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनसे विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ता है और उनमें नेतृत्व क्षमता का विकास होता है।चर्चा के दौरान डिजिटल शिक्षा, नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति, तकनीकी नवाचार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोजगारोन्मुख शिक्षा तथा विद्यार्थियों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप तैयार करने जैसे विषयों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। सभी ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि आने वाले समय में तकनीक आधारित शिक्षा का महत्व और बढ़ेगा तथा विद्यालयों को उसी अनुरूप अपने संसाधनों का विकास करना होगा।उल्लेखनीय है कि संजीव कुमार सिंह केवल राजपाल राइजिंग सन स्कूल तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि वे कोपरखैरने, नवी मुंबई स्थित विश्व भारती इंग्लिश हाई स्कूल एवं जूनियर कॉलेज के भी प्रबंध निदेशक हैं। शिक्षा के क्षेत्र में उनके लंबे अनुभव और दूरदर्शी सोच के कारण दोनों संस्थानों ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। उनके नेतृत्व में विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ नैतिक एवं संस्कारयुक्त शिक्षा पर भी विशेष बल दिया जाता है।आइडियल पत्रकार संगठन के प्रतिनिधियों ने विद्यालय की व्यवस्थाओं का अवलोकन करने के बाद कहा कि समाज में ऐसे शिक्षण संस्थानों की संख्या बढ़नी चाहिए, जहां आधुनिक तकनीक, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और नैतिक मूल्यों का संतुलित समावेश हो। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का उद्देश्य केवल समाचार प्रकाशित करना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक कार्यों को सामने लाना भी है ताकि अन्य संस्थाएं भी उनसे प्रेरणा ले सकें।मुलाकात के अंत में प्रबंध निदेशक संजीव कुमार सिंह ने राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय कुमार मिश्रा एवं महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष संजय राय का विद्यालय आगमन पर पुनः आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे संवाद शिक्षा जगत और समाज के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अतिथियों ने भी विद्यालय परिवार को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि राजपाल राइजिंग सन स्कूल आने वाले वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा और विद्यार्थियों को आधुनिक, संस्कारयुक्त तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने का अपना मिशन निरंतर जारी रखेगा।यह शिष्टाचार भेंट केवल एक औपचारिक मुलाकात नहीं रही, बल्कि शिक्षा, तकनीक, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र निर्माण में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण संस्थानों की भूमिका पर केंद्रित एक सार्थक संवाद के रूप में यादगार बन गई। विद्यालय द्वारा अपनाई गई आधुनिक शिक्षण पद्धति, तकनीकी संसाधन, अनुशासित वातावरण तथा विद्यार्थियों के समग्र विकास के प्रति प्रतिबद्धता ने उपस्थित सभी लोगों को प्रभावित किया। शिक्षा और पत्रकारिता के बीच इस प्रकार का सकारात्मक संवाद निश्चित रूप से समाज में जागरूकता बढ़ाने तथा नई पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देगा।



