खराब मौसम भी नहीं रोक सका राहुल गांधी का जनता से संवाद, वॉट्सऐप कॉल से किया अल्मोड़ा की जनसभा को संबोधित

कांग्रेस सांसद एवं नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का उत्तराखंड दौरा गुरुवार को जनसंपर्क और जनता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का एक अनूठा उदाहरण बन गया। खराब मौसम के कारण वे अल्मोड़ा में आयोजित विशाल जनसभा स्थल तक नहीं पहुंच सके, लेकिन उन्होंने जनता से संवाद का अपना वादा नहीं तोड़ा।
अल्मोड़ा के लिए रवाना हुए राहुल गांधी का हेलीकॉप्टर मौसम संबंधी कारणों से बीच रास्ते से वापस पंतनगर लौट आया। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और कांग्रेस प्रभारी शैलजा कुमारी के मोबाइल पर वॉट्सऐप कॉल के माध्यम से सीधे जनसभा को संबोधित किया। यह दर्शाता है कि राहुल गांधी जनता से जुड़े रहने और अपनी बात पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास करते हैं।
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अपने संक्षिप्त संबोधन में राहुल गांधी ने देश की आर्थिक चुनौतियों, बढ़ती महंगाई और आम लोगों की परेशानियों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैसे राज्य, जिसे यहां के लोगों ने संघर्ष और त्याग से हासिल किया है, उसे स्थानीय लोगों की आकांक्षाओं के अनुसार चलाया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य को दिल्ली से रिमोट कंट्रोल की तरह संचालित किया जा रहा है और स्थानीय संसाधनों का लाभ बाहरी लोगों को मिल रहा है।
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राहुल गांधी ने कहा कि उत्तराखंड में पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त शासन के लिए कांग्रेस की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने जनसभा में पहुंचे हजारों लोगों का आभार व्यक्त किया और भरोसा दिलाया कि वे जल्द ही स्वयं अल्मोड़ा आकर जनता से मुलाकात करेंगे।
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सुबह 10:52 बजे चार्टर्ड विमान से पंतनगर पहुंचे राहुल गांधी का कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके बाद वे हेलीकॉप्टर से अल्मोड़ा के लिए रवाना हुए, लेकिन मौसम संबंधी बाधा के कारण उन्हें लौटना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने अपने कार्यक्रमों को जारी रखा और जनता से संवाद बनाए रखा।
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बताया जा रहा है कि राहुल गांधी बाद में कोटद्वार के मोहम्मद दीपक से भी मुलाकात करेंगे। यह मुलाकात उनके समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़ने और युवाओं को प्रोत्साहित करने की निरंतर कोशिशों का हिस्सा मानी जा रही है।
खराब मौसम ने भले ही राहुल गांधी की यात्रा को प्रभावित किया हो, लेकिन जनता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और संवाद की इच्छा को नहीं रोक सका। यही वजह है कि उन्होंने तकनीक का सहारा लेकर भी लोगों तक अपनी बात पहुंचाने को प्राथमिकता दी।


