आजमगढ़:सदन में गूंगे बाहरे दिखते हैँ विपक्षी:ओम प्रकाश राजभर  

सदन में गूंगे बाहरे दिखते हैँ विपक्षी

अतरौलिया। सदन में गूंगे, बाहर चीखते हैं विपक्षी’— ओमप्रकाश राजभर

 

​अतरौलिया निरीक्षण भवन में कैबिनेट मंत्री ने सपा और कांग्रेस गठबंधन को घेरा, 2027 चुनाव को लेकर दिया बड़ा बयान।सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने रविवार अतरौलिया स्थित निरीक्षण भवन में पत्रकारों से वार्ता की। इस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और उनके गठबंधन पर जमकर राजनीतिक तीर चलाए.​सोशल मीडिया पर वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव मई में होने की चल रही चर्चाओं पर विराम लगाते हुए राजभर ने कहा कि चुनाव आयोग समय पर ही चुनाव संपन्न कराएगा। उन्होंने कहा, हमारी पार्टी हमेशा चुनावी मूड में रहती है। हम चौबीसों घंटे, जब भी जागते हैं, जनता के बीच तैयारियों में जुट जाते हैं।​अखिलेश यादव द्वारा खुद पर लगाए जाने वाले अवसरवादिता के आरोपों पर पलटवार करते हुए राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव ने अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए अब तक 8 बार गठबंधन बदले हैं। उन्होंने दो बार बसपा, दो बार कांग्रेस और रालोद के साथ किए गए गठबंधनों का हवाला देते हुए कहा कि अखिलेश यादव पिछड़ों के नेता नहीं हैं, बल्कि वे किसी अन्य पिछड़े नेता को आगे बढ़ते हुए देखना ही नहीं चाहते। ​कैबिनेट मंत्री ने सपा और पूरे विपक्ष को ललकारते हुए कहा,अगर विपक्ष में जरा भी हिम्मत है, तो चल रहे सदन के भीतर 27 प्रतिशत पिछड़े वर्ग के आरक्षण के बंटवारे और रोहिणी आयोग की रिपोर्ट पर चर्चा कराकर दिखाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा के लोग सदन के बाहर तो केवल पिछड़ों का नाम लेकर उन्हें गुमराह करते हैं और वोट बैंक की राजनीति करते हैं, लेकिन सदन के अंदर उनके हक के लिए मुंह तक नहीं खोलते। ​रामगोपाल यादव और शिवपाल यादव के पुराने बयानों का जिक्र करते हुए राजभर ने कहा कि सपा के बड़े नेता राजभर, निषाद और मौर्य समाज को ‘नीच’ व ‘तुच्छ’ समझते हैं। शिवपाल यादव पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी की दुकान खोली थी, लेकिन जब दुकान नहीं चली तो मजबूरी में उसका सपा में विलय करना पड़ा। ​लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को प्रदर्शन स्थल से हटाए जाने के सवाल पर राजभर ने सरकार का बचाव किया। उन्होंने कहा कि वांगचुक के बिगड़ते स्वास्थ्य को देखते हुए डॉक्टरों की सलाह पर प्रशासन ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया है ताकि उनकी जान बचाई जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इस संवेदनशील और स्वास्थ्य से जुड़े मामले पर भी केवल राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए झूठ फैला रहा है।

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