Azamgarh news :पुलिस के कारण महिलाओं एवं बच्चों के चेहरे पर लौटी मुस्कान
पुलिस के कारण महिलाओं एवं बच्चों के चेहरे पर लौटी मुस्कान

पीड़ित महिलाओं को ₹ 7,43,300/- (सात लाख, तैतालिस हजार, तीन सौ रूपयें) की भरण–पोषण धनराशि दिलाई गई
अब तक कुल 553 मामलों में ₹ 81,81,000/- (इक्यासी लाख, इक्यासी हजार रूपयें) की धनराशि पीड़िताओं के खातों में पहुंचाई गई
आजमगढ़ ब्यूरो चीफ राकेश श्रीवास्तव
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के कुशल निर्देशन में जनपद के समस्त थानों में लंबित भरण–पोषण से संबंधित मामलों को चिन्हित कर उन्हें सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान करते हुए व्यापक एवं प्रभावी कार्यवाही की गई।
महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलम्बन को सुनिश्चित करने हेतु शासन द्वारा संचालित मिशन शक्ति 5.0 (द्वितीय चरण) अभियान के अंतर्गत जनपद आजमगढ़ पुलिस द्वारा महिला अधिकारों की रक्षा एवं न्याय दिलाने की दिशा में एक अत्यंत सराहनीय एवं प्रभावशाली पहल की गई है।
प्रमुख उपलब्धियाँ / बिंदु
1. लंबित मामलों की गहन समीक्षा
मिशन शक्ति 5.0 (द्वितीय चरण) अभियान के शुभारंभ के उपरांत जनपद के सभी थानों में महिलाओं से संबंधित भरण–पोषण के लंबित मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई। थानों के पैरोकारों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि प्रत्येक वाद को माननीय न्यायालय में प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जाए, जिससे पीड़िताओं को शीघ्र न्याय मिल सके।
2. माननीय न्यायालय में सशक्त एवं प्रभावी पैरवी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ0 अनिल कुमार के निर्देशन में पुलिस पैरोकारों एवं थाना स्तर के अधिकारियों द्वारा प्रत्येक प्रकरण का सूक्ष्म अध्ययन कर माननीय न्यायालय में निरंतर उपस्थिति के माध्यम से सशक्त पैरवी सुनिश्चित की गई। वर्षों से भरण–पोषण की धनराशि से वंचित महिलाओं एवं उनके बच्चों को न्याय दिलाना सर्वोच्च प्राथमिकता रहा।
3. रिकॉर्ड समय में धनराशि दिलाई गई
मिशन शक्ति 5.0 (द्वितीय चरण) अभियान के तहत दिनांक- 01.06.2026 से 30.06.2026 तक प्रभावी पैरवी के माध्यम से कुल 92 मामलों में पीड़ित महिलाओं को ₹ 7,43,300/- (सात लाख, तैतालिस हजार, तीन सौ रूपयें) की भरण–पोषण धनराशि दिलाई गई।
इस प्रकार दिनांक 22.09.2025 से 30.06.2026 तक कुल 553 भरण–पोषण के मामलों में प्रभावी कार्यवाही के फलस्वरूप ₹ 81,81,000/- (इक्यासी लाख, इक्यासी हजार रूपयें) की धनराशि पीड़ित महिलाओं के बैंक खातों में प्रेषित कराई जा चुकी है।
4.सामाजिक प्रभाव
भरण–पोषण की धनराशि प्राप्त होने से आर्थिक संकट से जूझ रही महिलाओं एवं उनके बच्चों को बड़ी राहत मिली है। कई परिवारों के जीवनयापन में स्थायित्व आया है। इस पहल से महिलाओं का न्याय प्रणाली एवं पुलिस प्रशासन पर विश्वास और अधिक सुदृढ़ हुआ है, तथा पीड़िताओं के चेहरों पर पुनः मुस्कान लौट आई है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार ने कहा—
“मिशन शक्ति 5.0 अभियान का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षा, न्याय और सम्मान प्रदान करना है। भरण–पोषण से जुड़ी पीड़ित महिलाओं को शीघ्र न्याय दिलाना जनपद पुलिस की प्राथमिकता है। महिला हितों से जुड़े प्रत्येक प्रकरण में संवेदनशीलता, तत्परता एवं प्रभावी कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी।”
जनपद आजमगढ़ पुलिस महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं अधिकारों की रक्षा हेतु पूर्णतः प्रतिबद्ध है। मिशन शक्ति 5.0 (द्वितीय चरण) अभियान के अंतर्गत महिलाओं से संबंधित अन्य लंबित प्रकरणों को भी चिन्हित कर त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही की जा रही है, ताकि प्रत्येक पीड़िता को समयबद्ध न्याय मिल सके।
भरण–पोषण प्राप्त पीड़ित महिलाओं द्वारा माननीय न्यायालय, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ एवं शासन-प्रशासन के प्रति भूरी-भूरी प्रशंसा व्यक्त करते हुए आभार प्रकट किया गया।



