Azamgarh news :विश्वकर्मा श्रम-सम्मान योजना के अंतर्गत 1200 पारंपरिक कारीगरों को मिलेगा प्रशिक्षण व टूलकिट, 20 जुलाई तक करें ऑनलाइन आवेदन
विश्वकर्मा श्रम-सम्मान योजना के अंतर्गत 1200 पारंपरिक कारीगरों को मिलेगा प्रशिक्षण व टूलकिट, 20 जुलाई तक करें ऑनलाइन आवेदन

आजमगढ़ ब्यूरो चीफ राकेश श्रीवास्तव
उपायुक्त उद्योग आशुतोष श्रीवास्तव ने बताया कि उत्तर प्रदेश शासन द्वारा संचालित विश्वकर्मा श्रम-सम्मान योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु जनपद आजमगढ़ को विभिन्न पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े 1200 कारीगरों एवं हस्तशिल्पियों को प्रशिक्षण प्रदान करने का लक्ष्य आवंटित किया गया है। योजना का उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों को आधुनिक तकनीक से प्रशिक्षित कर उन्हें स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाना तथा उनके कार्य को अधिक प्रभावी एवं आयवर्धक बनाना है।
उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत चयनित लाभार्थियों को 10 दिवसीय निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण पूर्ण होने के उपरांत उन्हें उनके व्यवसाय से संबंधित आधुनिक टूलकिट भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे वे अपने कार्य को बेहतर ढंग से संचालित कर सकें।
जनपद को विभिन्न ट्रेडों के लिए निर्धारित लक्ष्य में बढ़ई-100, नाई-50, लोहार-50, कुम्हार-50, हलवाई-225, मोची-25, राजमिस्त्री-75, धोबी-50 तथा दर्जी-575 सहित कुल 1200 लाभार्थियों का प्रशिक्षण कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इच्छुक पारंपरिक कारीगर एवं हस्तशिल्पी 01 जुलाई 2026 से 20 जुलाई 2026 तक विभागीय पोर्टल http://diupmsme.upsdc.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। केवल ऑनलाइन आवेदन ही स्वीकार किए जाएंगे। ऑफलाइन आवेदन किसी भी दशा में मान्य नहीं होंगे।
उपायुक्त उद्योग ने बताया कि प्राप्त ऑनलाइन आवेदनों के आधार पर निर्धारित मानकों एवं स्कोर कार्ड के अनुसार समिति द्वारा जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केन्द्र, आजमगढ़ में लाभार्थियों का चयन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक की आयु आवेदन की तिथि पर न्यूनतम 18 वर्ष होनी चाहिए तथा वह उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना आवश्यक है। योजना के लिए किसी प्रकार की शैक्षिक योग्यता अनिवार्य नहीं है। साथ ही, आवेदक ने भारत सरकार अथवा उत्तर प्रदेश सरकार की किसी अन्य योजना के अंतर्गत पिछले दो वर्षों में टूलकिट का लाभ प्राप्त न किया हो। योजना का लाभ आवेदक अथवा उसके परिवार (पति/पत्नी) के किसी एक सदस्य को केवल एक बार ही दिया जाएगा। पात्रता संबंधी सभी शर्तों की पूर्ति के संबंध में आवेदक को घोषणा-पत्र भी प्रस्तुत करना होगा।
उन्होंने जनपद के पात्र पारंपरिक कारीगरों एवं हस्तशिल्पियों से समय रहते ऑनलाइन आवेदन करने की अपील करते हुए कहा कि यह योजना उनके कौशल विकास, स्वरोजगार एवं आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगी।
योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए सुमित कुमार श्रीवास्तव से मोबाइल नंबर 8808123450 पर अथवा कार्यालय उपायुक्त उद्योग, जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केन्द्र, आजमगढ़ में कार्यालय अवधि के दौरान संपर्क किया जा सकता है।यदि चाहें, मैं इसका समाचार पत्र शैली या सोशल मीडिया/ट्वीट संस्करण भी तैयार कर सकता हूँ।



