Azamgarh news :ऑपरेशन वज्रपात के तहत सोशल मीडिया पर रंगबाजी करने वाले युवक पर सिधारी पुलिस की बड़ी कार्रवाई
ऑपरेशन वज्रपात के तहत सोशल मीडिया पर रंगबाजी करने वाले युवक पर सिधारी पुलिस की बड़ी कार्रवाई

आजमगढ़ ब्यूरो चीफ राकेश श्रीवास्तव
जनपद आजमगढ़ में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और युवाओं को अपराध तथा गैंग संस्कृति से दूर रखने के उद्देश्य से पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन वज्रपात” अभियान के तहत थाना सिधारी पुलिस ने सोशल मीडिया पर रंगबाजी और गैंग संस्कृति को बढ़ावा देने वाले एक युवक के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की है। इंस्टाग्राम पर गैंग बनाकर वीडियो पोस्ट करने और क्षेत्र में भय का वातावरण बनाने की कोशिश करने वाले युवक को पुलिस ने चिन्हित कर उसके अभिभावकों की मौजूदगी में काउंसलिंग की तथा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की संबंधित धाराओं के तहत विधिक कार्रवाई की।
इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय स्तर पर व्यापक चर्चा है। उल्लेखनीय है कि जब से थाना सिधारी के थाना प्रभारी निरीक्षक विनय कुमार सिंह ने कार्यभार संभाला है, तब से थाना क्षेत्र में अपराधियों, अराजक तत्वों तथा कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाले लोगों के विरुद्ध लगातार सख्त अभियान चलाया जा रहा है। अपराध नियंत्रण के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता और युवाओं को सही दिशा देने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में जनपद के सभी थाना क्षेत्रों में “ऑपरेशन वज्रपात” संचालित किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य सोशल मीडिया के माध्यम से फैल रही गैंग संस्कृति, हथियारों के प्रदर्शन, धमकीपूर्ण वीडियो और कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाना है। इसी अभियान के तहत थाना सिधारी पुलिस लगातार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की निगरानी कर रही है।
निगरानी के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि कुछ युवक इंस्टाग्राम पर “sr_mahatma_ji_0009_10k” नामक आईडी के माध्यम से गैंग बनाकर वीडियो पोस्ट कर रहे हैं। इन वीडियो में समूह बनाकर क्षेत्र में घूमना, प्रभाव और दबदबा दिखाने की कोशिश करना तथा ऐसी गतिविधियों का प्रदर्शन करना शामिल था, जिससे आमजन में भय और असुरक्षा की भावना उत्पन्न हो सकती थी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच शुरू की।
जांच के दौरान उक्त इंस्टाग्राम गैंग के कथित लीडर के रूप में प्रिंस कुमार पुत्र अनिल राम, निवासी ग्राम बभनौली अड़ाई, थाना सिधारी, जनपद आजमगढ़, उम्र लगभग 19 वर्ष, की पहचान की गई। इसके बाद थाना सिधारी पुलिस ने युवक को थाना बुलाया और उसके अभिभावकों की उपस्थिति में विस्तृत काउंसलिंग की।
काउंसलिंग के दौरान पुलिस अधिकारियों ने युवक को समझाया कि सोशल मीडिया पर गैंग संस्कृति का प्रचार-प्रसार करना न केवल कानून के विरुद्ध है बल्कि इससे समाज में गलत संदेश भी जाता है। युवाओं द्वारा इस प्रकार के वीडियो पोस्ट करने से अन्य किशोर और युवा भी प्रभावित हो सकते हैं, जिससे अपराध की प्रवृत्ति बढ़ने का खतरा रहता है। पुलिस ने युवक को भविष्य में इस प्रकार की गतिविधियों से पूरी तरह दूर रहने की सख्त चेतावनी दी।
पुलिस ने युवक को कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने की आवश्यकता, यातायात नियमों के पालन, सोशल मीडिया के जिम्मेदार उपयोग तथा कानून का सम्मान करने के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। इसके साथ ही उसे बताया गया कि सोशल मीडिया मनोरंजन और सकारात्मक संवाद का माध्यम है, न कि भय, दबदबा या गैंग संस्कृति का प्रदर्शन करने का मंच।
मामले में पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 170/126/135 के अंतर्गत विधिक कार्रवाई करते हुए युवक का चालान किया। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भविष्य में यदि इस प्रकार की गतिविधियां दोबारा सामने आती हैं तो और अधिक कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान युवक के अभिभावकों को भी पुलिस ने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्हें बताया गया कि परिवार की भूमिका बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में सबसे महत्वपूर्ण होती है। यदि अभिभावक अपने बच्चों की गतिविधियों, मित्र मंडली तथा सोशल मीडिया पर उनकी सक्रियता पर नियमित निगरानी रखें तो उन्हें गलत रास्ते पर जाने से रोका जा सकता है। पुलिस ने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों को अनुशासन, कानून के सम्मान तथा सकारात्मक और रचनात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित करें।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि आज के समय में सोशल मीडिया का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में कुछ युवा अधिक लोकप्रिय होने या अपनी पहचान बनाने के लिए गैंग, रंगबाजी अथवा हथियारों के प्रदर्शन वाले वीडियो बनाकर इंटरनेट पर डाल देते हैं। इससे समाज में भय का वातावरण बनता है और कानून-व्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। ऐसे मामलों में पुलिस की निगरानी लगातार जारी है।
थाना प्रभारी निरीक्षक विनय कुमार सिंह के नेतृत्व में सिधारी पुलिस लगातार ऐसे तत्वों के विरुद्ध अभियान चला रही है जो सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर समाज में गलत संदेश फैलाने का प्रयास करते हैं। थाना क्षेत्र में अपराधियों की धरपकड़, संदिग्ध व्यक्तियों की जांच, रात्रि गश्त, वाहन चेकिंग और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग को लगातार प्रभावी बनाया गया है। यही कारण है कि अपराधियों और अराजक तत्वों में पुलिस का भय दिखाई देने लगा है।
स्थानीय नागरिकों का भी कहना है कि थाना प्रभारी निरीक्षक विनय कुमार सिंह के कार्यभार ग्रहण करने के बाद पुलिस की सक्रियता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। नियमित गश्त, त्वरित कार्रवाई और अपराधियों के विरुद्ध सख्ती के कारण आम लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है। पुलिस की कार्यशैली से लोगों का विश्वास भी बढ़ा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि केवल कानूनी कार्रवाई ही पर्याप्त नहीं होती, बल्कि युवाओं की समय पर काउंसलिंग भी अत्यंत आवश्यक है। यदि शुरुआती स्तर पर ही उन्हें सही और गलत का अंतर समझा दिया जाए तो वे भविष्य में अपराध की राह पर जाने से बच सकते हैं। सिधारी पुलिस द्वारा इस मामले में अभिभावकों की उपस्थिति में काउंसलिंग करना इसी दिशा में एक सकारात्मक पहल माना जा रहा है।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर वायरल होने की चाह में कानून का उल्लंघन करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। गैंग बनाकर घूमना, हथियारों का प्रदर्शन करना, धमकीपूर्ण वीडियो बनाना, रंगबाजी दिखाना या किसी भी प्रकार से समाज में भय का वातावरण तैयार करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में जनपद भर में चल रहे ऑपरेशन वज्रपात के अंतर्गत सोशल मीडिया की निगरानी और अधिक सख्ती से की जा रही है। पुलिस की साइबर एवं स्थानीय टीमें विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार नजर रख रही हैं ताकि समय रहते ऐसे मामलों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
आजमगढ़ पुलिस ने आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है। पुलिस का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति को सोशल मीडिया पर गैंग संस्कृति, रंगबाजी, हथियारों का प्रदर्शन, धमकीपूर्ण वीडियो या कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाली कोई गतिविधि दिखाई दे तो उसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
पुलिस ने युवाओं से अपील की कि वे सोशल मीडिया का उपयोग अपनी प्रतिभा, शिक्षा, खेल, कला, रोजगार और समाजहित से जुड़े सकारात्मक कार्यों के लिए करें। इंटरनेट का जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग ही व्यक्ति और समाज दोनों के हित में है। गलत रास्ता चुनने पर कानूनी कार्रवाई से बच पाना संभव नहीं होगा।
इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक रंजन कुमार साव तथा रिक्रूट आरक्षी रफीक शामिल रहे। दोनों पुलिसकर्मियों ने सोशल मीडिया की निगरानी, युवक की पहचान तथा विधिक कार्रवाई की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सिधारी पुलिस की यह कार्रवाई स्पष्ट संकेत देती है कि अब सोशल मीडिया पर रंगबाजी, गैंगबाजी और कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली गतिविधियों को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि युवाओं को अपराध से दूर रखकर उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है। इसी सोच के साथ ऑपरेशन वज्रपात के माध्यम से जनपद में कानून का राज स्थापित करने और समाज में शांति एवं सुरक्षा का वातावरण बनाए रखने की दिशा में लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।



