Azamgarh News:रातभर बिजली की आंख-मिचौली से पटवध कौतुक क्षेत्र बेहाल, उमस भरी गर्मी में जागकर रात काटने को मजबूर उपभोक्ता
आजमगढ़ बलरामपुर/पटवध से बबलू राय
रातभर बिजली की आंख-मिचौली से पटवध कौतुक क्षेत्र बेहाल, उमस भरी गर्मी में जागकर रात काटने को मजबूर उपभोक्ता
आजमगढ़ जनपद के विद्युत उपकेंद्र पटवध कौतुक से जुड़े गांवों में अघोषित बिजली कटौती ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। दिन में किसी तरह बिजली की आपूर्ति हो रही है, लेकिन रात होते ही लगातार बिजली गुल रहने और बार-बार ट्रिपिंग की समस्या से हजारों उपभोक्ताओं की नींद उड़ गई है। भीषण उमस और गर्मी के बीच लोग अपने घरों से निकलकर सड़क किनारे, बाग-बगीचों और खुले स्थानों पर रात बिताने को मजबूर हैं।
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि यदि बिजली कटौती करनी ही है तो दिन में की जाए, ताकि कम से कम रात में लोग सुकून से सो सकें। लेकिन बिजली विभाग की व्यवस्था ऐसी है कि रातभर बिजली आती-जाती रहती है। लगातार कटौती के कारण इनवर्टर भी दो से ढाई घंटे में जवाब दे दे रहे हैं, जिससे छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों की परेशानी कई गुना बढ़ गई है।
बुधवार और गुरुवार की रात बिजली आपूर्ति की स्थिति सबसे अधिक खराब रही। शाम 7:30 बजे दो घंटे की कटौती का संदेश मिला। उपभोक्ता बिजली आने का इंतजार करते रहे। रात 9:15 बजे आपूर्ति शुरू हुई, लेकिन 9:15 बजे से 10:30 बजे के बीच करीब 25 से 30 बार बिजली की ट्रिपिंग हुई। इसके बाद फिर दो घंटे की कटौती का संदेश जारी कर दिया गया। रात 12:45 बजे बिजली आई, लेकिन करीब 1:30 बजे फिर चली गई। कुछ देर बाद आपूर्ति बहाल हुई तो सुबह 3:49 बजे फिर एक घंटे की कटौती का संदेश मिला और बिजली गुल हो गई। 4:45 बजे आपूर्ति बहाल हुई, लेकिन 6:30 बजे फिर बिजली चली गई।
उपभोक्ताओं का कहना है कि सबसे बड़ी समस्या केवल कटौती नहीं, बल्कि कटौती के बाद मिलने वाली बिजली भी है। उनका आरोप है कि आपूर्ति बहाल होने के बाद भी बिजली शुद्ध और स्थिर रूप से नहीं मिल रही है। बार-बार ट्रिपिंग के कारण पंखे, कूलर और अन्य घरेलू उपकरण ठीक से नहीं चल पा रहे हैं, जिससे लोगों को पूरी रात परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मीडिया द्वारा इस गंभीर समस्या पर विद्युत उपकेंद्र पटवाड़ कौतुक के अवर अभियंता रितेश कुमार चौधरी से कई बार फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हुआ। ऐसे में उपभोक्ताओं की शिकायतों और विभागीय पक्ष के बीच स्पष्टता नहीं हो सकी।
पूरी रात चले इस सिलसिले ने लोगों को सोने तक का मौका नहीं दिया। कई परिवारों ने छतों, सड़कों और बाग-बगीचों में बैठकर किसी तरह रात बिताई। क्षेत्रवासियों का कहना है कि बिजली विभाग की इस अव्यवस्था से आमजन का धैर्य जवाब देने लगा है। लोग शासन और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर रात्रिकालीन विद्युत आपूर्ति को सुचारु कराने तथा बार-बार होने वाली ट्रिपिंग की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग कर रहे हैं।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि शीघ्र ही व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो वे जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के समक्ष आंदोलन करने के लिए भी विवश होंगे। फिलहाल पटवध कौतुक विद्युत उपकेंद्र की लचर व्यवस्था के कारण पूरे क्षेत्र में भारी नाराजगी और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।



