Azamgarh News:अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) की अध्यक्षता में जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक सम्पन्न*

*अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) की अध्यक्षता में जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक सम्पन्न*

 

आजमगढ़, 04 अगस्त 2026/

 

जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार के कुशल मार्गदर्शन एवं निर्देशन में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) संजय चावला की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 की वार्षिक कार्ययोजना के अनुपालन की समीक्षा के साथ ही वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु प्रस्तावित वार्षिक कार्ययोजना की प्रगति एवं विभिन्न बाल संरक्षण कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई।

 

बैठक में बाल देखरेख संस्थानों से संबंधित व्यवस्थाओं, बच्चों के आवास, पुनर्वास, शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, मानसिक स्वास्थ्य एवं मनोसामाजिक सहायता, कौशल प्रशिक्षण, सुरक्षा मानकों तथा निरीक्षण रिपोर्ट की स्थिति की समीक्षा की गई। साथ ही केस मैनेजमेंट सिस्टम, संस्थागत देखभाल से बच्चों को परिवारों में पुनर्स्थापित करने, परिवार की खोज एवं पुनर्मिलन के लिए किए जा रहे प्रयासों पर विस्तार से चर्चा की गई।

 

अपर जिलाधिकारी प्रशासन द्वारा दत्तक ग्रहण, स्पॉन्सरशिप, फॉस्टर केयर, ग्रुप फॉस्टर केयर एवं आफ्टरकेयर योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए सहायक व्यक्ति (सपोर्ट पर्सन), फिट पर्सन एवं फिट फैसिलिटी के चिन्हांकन के संबंध में किए गए कार्यों का भी परीक्षण किया गया।

 

अपर जिलाधिकारी ने बाल विवाह, बाल श्रम, बाल तस्करी, अनाथ, एकल अभिभावक अथवा कानूनी संरक्षक के साथ रह रहे बच्चों, आर्थिक रूप से कमजोर एवं मानसिक तथा शारीरिक रूप से दिव्यांग बच्चों की पहचान (मैपिंग), उनके जोखिम स्तर के आकलन तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं से लाभान्वित कर उनके प्रभावी पुनर्वास के लिए विभागीय समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

 

बैठक में बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड, जिला बाल संरक्षण इकाई (डीसीपीयू), चाइल्ड हेल्पलाइन (1098), विशिष्ट दत्तक ग्रहण इकाई, बाल देखरेख संस्थाओं की भौतिक व्यवस्था, उपलब्ध संसाधनों एवं कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त ब्लॉक, ग्राम पंचायत एवं वार्ड स्तर पर गठित बाल कल्याण एवं संरक्षण समितियों की नियमित बैठकों, विभागीय पोर्टल एवं गूगल शीट पर डेटा अद्यतन, रिपोर्टिंग एवं मॉनिटरिंग व्यवस्था तथा माननीय उच्च न्यायालय की किशोर न्याय समिति द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन की भी समीक्षा की गई।

 

जिला प्रोबेशन अधिकारी सुबोध सिंह ने बताया कि मिशन वात्सल्य (पूर्व नाम- बाल संरक्षण सेवाएं) केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसका उद्देश्य सरकार एवं समाज की सहभागिता से कठिन परिस्थितियों में रह रहे बच्चों सहित देखभाल एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले सभी बच्चों के लिए सुरक्षित एवं बाल-अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि मिशन वात्सल्य के प्रभावी संचालन के लिए जनपद में जिला, ब्लॉक, ग्राम एवं वार्ड स्तर पर समितियों का गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि किशोर न्याय समिति की ऑफलाइन बैठक जिला जज की अध्यक्षता में सम्पन्न हो चुकी है, जिसमें सम्प्रेक्षण गृह में निरुद्ध बच्चों की शिक्षा एवं पंजीकरण पर विशेष बल दिया गया। जनपद आजमगढ़ के सभी निरुद्ध बच्चों का पंजीकरण सुनिश्चित करा दिया गया है।

 

जिला प्रोबेशन अधिकारी ने अवगत कराया कि वर्ष 2026 में बाल विवाह के 07 मामलों में समयबद्ध कार्रवाई की गई है। बाल विवाह की रोकथाम के लिए वार्षिक कार्ययोजना के अनुरूप मिशन शक्ति के अंतर्गत किशोर-किशोरियों के सशक्तिकरण, लैंगिक समानता को बढ़ावा देने हेतु ग्राम स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम तथा बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम एवं अन्य प्रासंगिक कानूनों के संबंध में व्यापक जनजागरूकता अभियान संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में जनपद आजमगढ़ में कोई बाल देखरेख संस्था संचालित नहीं है। जनपद के बालकों को राजकीय सम्प्रेक्षण गृह, मऊ तथा बालिकाओं को राजकीय बालिका गृह, निधरिया (बलिया) में आवासित किया जाता है।

 

मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (कोविड-19) की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिला टास्क फोर्स द्वारा 292 प्रकरण स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें वर्तमान में 206 लाभार्थी योजना से लाभान्वित हो रहे हैं। वहीं मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) के अंतर्गत 445 प्रकरण स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें वर्तमान में 377 लाभार्थी लाभान्वित हैं। 68 लाभार्थियों को 23 वर्ष की आयु पूर्ण होने अथवा स्नातक की शिक्षा पूरी होने के कारण योजना से अपात्र घोषित किया गया है।

 

बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बाल संरक्षण से संबंधित विषयों पर समन्वय स्थापित करते हुए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं बच्चों के सर्वाेत्तम हित में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।

 

बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक, एसीएमओ, जिला कार्यक्रम अधिकारी, सहायक श्रमायुक्त, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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