आदिवासी समाज ने खोई प्रेरणादायी माँ… डॉ. मधुकर आव्हाड

प्रतिनिधि: स्नेहा उत्तम मडावी आदर्श माता के रूप में राज्यभर में गौरवान्वित और राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित हुईं शेवराबाई ज्ञानदेव भोसले का सोमवार (13 जुलाई 2026) को 95 वर्ष की आयु में वृद्धावस्था के कारण निधन हो गया। उनके निधन से आदिवासी पारधी समाज सहित सामाजिक, साहित्यिक और पत्रकारिता क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। हवेली तालुका के नायगांव में अत्यंत शोकाकुल माहौल में उनका अंतिम संस्कार किया गया।शेवराबाई भोसले ने अत्यंत विपरीत परिस्थितियों में अपने परिवार का पालन-पोषण करते हुए बच्चों में समाजसेवा, ईमानदारी और शिक्षा के संस्कार रोपित किए। उनके संस्कारों से प्रेरित होकर, महाराष्ट्र सरकार के पुरस्कारों से सम्मानित समाजसेवक नामदेव भोसले, साहित्यकार भास्कर भोसले और उत्कृष्ट पत्रकार के रूप में पहचान बनाने वाले सुनील भोसले ने समाज कल्याण के कार्य किए। वरिष्ठ विचारक डॉ. मधुकर आव्हाड ने अपने श्रद्धांजलि भाषण में कहा कि विशेष रूप से नामदेव भोसले ने आदिवासी पारधी समाज को अपराध के कलंक से बाहर निकालकर उन्हें शिक्षा, सम्मान और मुख्यधारा में लाने के लिए जो कार्य किया है, वह उल्लेखनीय है।सुनील भोसले ने भी प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से वंचित समाज के मुद्दों को लगातार आवाज दी और कई लोगों को न्याय दिलाने का कार्य किया।

शेवराबाई ने जीवनभर समाज की महिलाओं को स्वावलंबन, कठिन परिश्रम और संघर्ष की प्रेरणा दी। उनके इस कार्य की सराहना करते हुए विभिन्न संस्थाओं द्वारा उन्हें कुल 29 पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था। वर्ष 2014 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभाताई पाटिल के हाथों, और 2021 में तत्कालीन राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के हाथों उनका विशेष सम्मान किया गया था।

उनके परिवार में तुकाराम भोसले, भास्कर भोसले, महादेव भोसले, नामदेव भोसले, सुनील भोसले, अनिल महादेव के साथ ही बेटियां, बहुएं और पोते-पोतियों का एक बड़ा परिवार है। अंतिम संस्कार के समय डॉ. मधुकर आव्हाड, उद्योगपति जयवंत शितोले-पाटिल, सरपंच संभाजी खडके, विकास चौधरी, नामदेव शितोले, रघुनाथ चौधरी, बालासाहेब चव्हरे सहित नायगांव, पाटस, उरुली कांचन और आसपास के ग्रामीण, पारधी समाज के विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी तथा सामाजिक कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित थे। सभी ने आदर्श माता शेवराबाई ज्ञानदेव भोसले को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

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