Azamgarh News:दिव्यांग छात्राओं को मिलेगा ई-ट्राईसाईकिल योजना का लाभ- सीडीओ*

आजमगढ़ बलरामपुर: पटवध से बबलू राय:
*दिव्यांग छात्राओं को मिलेगा ई-ट्राईसाईकिल योजना का लाभ- सीडीओ*
*पात्र छात्राओं को चिन्हित कर एक सप्ताह में सूची उपलब्ध कराने का सीडीओ ने दिया निर्देश*
आजमगढ़, 18 अगस्त 2026/
मुख्य विकास अधिकारी राकेश कुमार पटेल की अध्यक्षता में विकास भवन में दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा संचालित ई-ट्राईसाईकिल योजना की समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में जनपद के स्कूल, कॉलेज तथा विभिन्न शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत पात्र दिव्यांग छात्राओं को योजना का लाभ दिलाए जाने के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए।
मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि शासन द्वारा जनपद आजमगढ़ के लिए प्रति विधानसभा 20 ई-ट्राईसाईकिल के अनुसार कुल 200 ई-ट्राईसाईकिल का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। योजना का उद्देश्य पात्र दिव्यांग छात्राओं को आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराकर उनकी शिक्षा एवं प्रशिक्षण को सुगम बनाना तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग प्रदान करना है।
का लाभ प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित पात्रता शर्तें निर्धारित की गई हैं—
आवेदक छात्रा जनपद आजमगढ़ की निवासी हो तथा उसकी आयु 16 वर्ष या उससे अधिक हो। ऐसी दिव्यांग छात्राएं, जो मस्क्युलर डिस्ट्रोफी, स्ट्रोक, सेरेब्रल पाल्सी, हीमोफीलिया आदि से ग्रसित हों अथवा इसी प्रकार की शारीरिक स्थिति से प्रभावित हों, योजना के लिए पात्र होंगी। छात्रा की दृष्टि एवं मानसिक स्थिति अच्छी हो तथा कमर का ऊपरी भाग स्वस्थ हो और वह स्वयं ई-ट्राईसाईकिल चलाने में सक्षम हो। इसकी पुष्टि मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा प्रमाणित की जानी होगी। छात्रा अथवा उसका परिवार आयकरदाता की श्रेणी में नहीं आता हो। गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वाले परिवारों की छात्राओं को प्राथमिकता दी जाएगी। आवेदक को विगत 05 वर्षों में किसी अन्य स्रोत से ई-ट्राईसाईकिल प्राप्त न हुई हो। स्कूल, कॉलेज अथवा किसी शिक्षण/प्रशिक्षण संस्थान में अध्ययनरत दिव्यांग छात्रा का अध्ययनरत होने का प्रमाण-पत्र संबंधित संस्थाध्यक्ष द्वारा जारी किया गया हो।
पात्र दिव्यांग छात्राएं ई-ट्राईसाईकिल योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए विभागीय वेबसाइट https://hwd-uphq-in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग तथा अन्य तकनीकी एवं चिकित्सा संस्थानों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने अधीनस्थ विद्यालयों एवं संस्थानों में अध्ययनरत पात्र दिव्यांग छात्राओं को चिन्हित करें। उन्होंने कहा कि चिन्हित पात्र छात्राओं की सूची एक सप्ताह के भीतर जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी, कक्ष संख्या-07, विकास भवन, आजमगढ़ को उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए, ताकि पात्र छात्राओं को योजना का लाभ दिलाने की कार्यवाही समयबद्ध ढंग से पूर्ण की जा सके।
मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए पात्र दिव्यांग छात्राओं को आवेदन प्रक्रिया एवं आवश्यक दस्तावेजों के संबंध में जानकारी उपलब्ध कराई जाए, जिससे शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप अधिक से अधिक पात्र छात्राओं को योजना का लाभ मिल सके।



