Azamgarh News:देवरांचल में उठने लगी बदलाव की आवाज, युवाओं के निशाने पर गोपालपुर विधायक—‘अब चाहिए नया नेतृत्व’
आजमगढ़ बलरामपुर/ पटवध से बबलू राय
देवरांचल में उठने लगी बदलाव की आवाज, युवाओं के निशाने पर गोपालपुर विधायक—‘अब चाहिए नया नेतृत्व’
आजमगढ़ जनपद के गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत देवरांचल में इन दिनों राजनीतिक चर्चाओं का दौर तेज होता नजर आ रहा है। क्षेत्र के कुछ युवाओं के बीच स्थानीय विधायक नफीस अहमद को लेकर असंतोष की आवाजें सामने आने लगी हैं। युवाओं का कहना है कि लंबे समय से चली आ रही क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान के लिए अब अधिक सक्रिय, जवाबदेह और प्रभावी नेतृत्व की जरूरत महसूस हो रही है।देवरांचल के युवाओं के बीच होने वाली चर्चाओं में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, रोजगार, बाढ़-कटान, आवागमन और तहसील की स्थापना जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठ रहे हैं। युवाओं का कहना है कि सरयू नदी से घिरे इस क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियां पहले से ही चुनौतीपूर्ण हैं। बाढ़ और कटान के कारण ग्रामीणों को हर वर्ष परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में क्षेत्र की समस्याओं को शासन-प्रशासन तक मजबूती से पहुंचाने और उनके स्थायी समाधान के लिए लगातार सक्रिय जनप्रतिनिधित्व जरूरी है। कुछ युवाओं का कहना है कि क्षेत्र की अपेक्षाओं और जनप्रतिनिधि से उनकी उम्मीदों के बीच दूरी महसूस की जा रही है। इसी वजह से अब ‘बदलाव’ और ‘नए नेतृत्व’ को लेकर चर्चाएं जोर पकड़ने लगी हैं। युवाओं की मांग है कि ऐसा नेतृत्व सामने आए जो गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुने, युवाओं की प्राथमिकताओं को समझे और क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दों को विधानसभा से लेकर शासन स्तर तक मजबूती से उठाए।देवरांचल में बाढ़ और सरयू नदी के कटान के अलावा स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, एंबुलेंस की उपलब्धता, एंटी-वेनम की व्यवस्था, शिक्षा व्यवस्था तथा आवागमन की समस्याएं लंबे समय से चर्चा में रही हैं। युवाओं का कहना है कि इन समस्याओं के स्थायी समाधान के बिना क्षेत्र के समग्र विकास की तस्वीर अधूरी रहेगी।हालांकि, विधायक के प्रति असंतोष को लेकर सामने आ रही बातें फिलहाल कुछ युवाओं की राय और स्थानीय चर्चाओं पर आधारित हैं। इसे पूरे गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र की सामूहिक राय मानना उचित नहीं होगा। विधायक नफीस अहमद या उनके समर्थकों की ओर से इस संबंध में कोई प्रतिक्रिया सामने आती है तो वह भी इस पूरे मामले की तस्वीर का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी।युवाओं की बढ़ती सक्रियता और स्थानीय मुद्दों को लेकर हो रही चर्चाओं से देवरांचल का राजनीतिक माहौल आने वाले दिनों में और गरमाने के संकेत मिल रहे हैं। अब देखना होगा कि युवाओं के बीच उठ रही ‘नए नेतृत्व’ की मांग महज स्थानीय असंतोष और चर्चाओं तक सीमित रहती है या फिर आने वाले समय में गोपालपुर विधानसभा की राजनीति में किसी बड़े बदलाव की भूमिका तैयार करती है।



