Azamgarh News:संभावित भाजपा प्रत्याशी दीपक राय के निजामाबाद विधान सभा में आने से लड़ाई हुई दिलचस्प।
संभावित भाजपा प्रत्याशी दीपक राय के निजामाबाद विधान सभा में आने से लड़ाई हुई दिलचस्प।
प्रेम प्रकाश दुबे की रिपोर्ट
निजामाबाद आजमगढ़। समाजसेवी दीपक राय ने श्रवण मास के पवित्र महीने में ऐतिहासिक मंदिरों शीतला धाम मंदिर,दत्तात्रेय धाम मंदिर,दुर्वासा धाम मंदिर मे विधिवत पूजा अर्चना दर्शन कर बढ़ाई सियासी सक्रियता
निजामाबाद विधानसभा सीट पर 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज होने लगी है समाजवादी पार्टी के मजबूत आधार वाली इस सीट पर विधायक आलमबदी के निधन के बाद राजनीतिक समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं ।सपा के सामने जहां नए चेहरे को लेकर मंथन की चुनौतियां वहीं भाजपा भी इस बार मजबूत रणनीति के साथ मैदान में उतरने की तैयारी में जुटी हुई है।किसी भी प्रमुख समाजसेवी दीपक राय का नाम भाजपा के संभावित दावेदार के रूप में चर्चा में आ रहा है निजामाबाद को लंबे समय से सभा का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है पिछले विधानसभा चुनाव में आलमबदी ने सपा के टिकट पर जीत दर्ज की थी उनके निधन के बाद पार्टी के सामने पुराने जन आधार को बनाए रखने के साथ नए नेतृत्व को स्थापित करने की चुनौती है ऐसे में भाजपा के लिए भी इस सीट पर अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने का अवसर माना जा रहा है भाजपा से संभावित दावेदारी के बीच दीपक राय ने क्षेत्र में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है इसी क्रम में उन्होंने क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों में शीतला धाम दुर्वासा धाम दत्तात्रेय धाम पहुंचकर दर्शन पूजन किया उनके इस धार्मिक दौरे को राजनीतिक नजरिए से भी देखा जा रहा है माना जा रहा है कि इसके जरिए उन्होंने क्षेत्र की जनता से जुड़ने के साथ अपनी चुनावी सक्रियता का संकेत दिया है।मीडिया से बातचीत में दीपक राय ने क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता बताया उन्होंने निजामाबाद भदुली मार्ग जर्जर स्थिति को प्रमुख समस्या बताते हुए कहा कि इन सड़कों का सुधार उनकी प्राथमिकताओं में से ऊपर है और जल्दी इसके समाधान की दिशा में काम शुरू कराया जाएगा उन्होंने कहा कि इसके बाद पार्टी नेतृत्व के दिशा निर्देश और क्षेत्र की आवश्यकता के रूप अन्य विकास कार्यों को गति देने का प्रयास किया जाएगा निजामाबाद में भाजपा की ओर से दीपक राय की बढ़ती सक्रियता ने विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर दिया है अब निगाहें इस बात पर टिकी है कि भाजपा नेतृत्व इस सीट पर इस चेहरे को मैदान में उतारता है और सपा अपने पुराने घर को बचाने के लिए किसे जिम्मेदारी देती है।



