Azamgarh News:सगड़ी तहसील में जनसुनवाई के दौरान 19 मामलों की हुई सुनवाई, संबंधित विभागों को निस्तारण के निर्देश
आजमगढ़ बलरामपुर/पटवध से बबलू राय
सगड़ी तहसील में जनसुनवाई के दौरान 19 मामलों की हुई सुनवाई, संबंधित विभागों को निस्तारण के निर्देश
आजमगढ़ जनपद के सगड़ी तहसील के सभागार में मंगलवार को जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती प्रियंका मौर्य उपस्थित रहीं। जनसुनवाई के दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 19 मामले सामने आए, जिनकी सुनवाई करते हुए महिला आयोग की सदस्य ने संबंधित अधिकारियों एवं विभागों को मामलों का नियमानुसार शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में एसडीएम सगड़ी दिव्या सिकरवार, बेंच ऑफ मजिस्ट्रेट न्यायपीठ बाल कल्याण समिति आजमगढ़ के श्री अखिलेश सिंह, जिला प्रोवेशन अधिकारी सुबोध सिंह, एडीआईओएस बीरेन्द्र प्रताप सिंह, डिप्टी सीएमओ अलेंद्र कुमार, लेबर इंफोर्समेंट ऑफिसर विशाल श्रीवास्तव, चाइल्ड लाइन आजमगढ़ के कोआर्डिनेटर संजय सिंह, महिला विभाग एवं संबंधित थानों के अधिकारी-कर्मचारी सहित विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। इस दौरान अजमतगढ़ ब्लॉक के बीडीओ तथा श्री रामाश्रय राय भी उपस्थित रहे।
जनसुनवाई में महिलाओं, बच्चों, श्रम, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य विभागों से जुड़े मामलों को गंभीरता से सुना गया। राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रियंका मौर्य ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसामान्य की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा पात्र लोगों को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
जनसुनवाई कार्यक्रम के उपरांत अधिकारियों ने आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया और वहां व्यवस्थाओं एवं संबंधित कार्यों की जानकारी ली। इसके बाद तारौका गांव में चौपाल का आयोजन किया गया। चौपाल में ग्रामीणों को सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई तथा पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए जागरूक किया गया।
अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याएं भी सुनीं और संबंधित विभागों के माध्यम से उनके समाधान का भरोसा दिलाया। जनसुनवाई, निरीक्षण और चौपाल के माध्यम से प्रशासन ने ग्रामीणों तक शासन की योजनाओं एवं सेवाओं को पहुंचाने तथा उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान का संदेश दिया। कार्यक्रम का समापन तारौका गांव में आयोजित चौपाल के साथ हुआ।



