अखिलेश यादव कुत्ते के गले में घंटी बांधकर भेजें तो उसे भी वोट देना होगा सपा एमएलसी के बयान से आजमगढ़ में चर्चाएं जोरों पर
If Akhilesh Yadav sends a dog with a bell around its neck, he too will have to vote. SP MLC's statement sparks heated debate in Azamgarh.
आजमगढ़। उत्तर प्रदेश का आजमगढ़ जिला लंबे समय से समाजवादी पार्टी का मजबूत राजनीतिक गढ़ माना जाता है। सपा के बड़े नेताओं ने आजमगढ़ से चुनाव लड़कर पूर्वांचल की सियासत में पार्टी की पकड़ मजबूत करने का काम किया है। इसी बीच समाजवादी पार्टी के एमएलसी लालबिहारी यादव का एक बयान इन दिनों जिले की सियासत में चर्चा का विषय बना हुआ है।दरअसल, आगामी शिक्षक एमएलसी और विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी की ओर से शिक्षकों को अपने पाले में करने के उद्देश्य से नेहरू हाल में एक रणनीतिक बैठक और संगोष्ठी आयोजित की गई थी। इसमें आजमगढ़ के सांसद धर्मेंद्र यादव समेत जिले के कई सपा विधायक और पार्टी के पदाधिकारी मौजूद रहे। इसी दौरान मंच से संबोधित करते हुए सपा एमएलसी लालबिहारी यादव ने कहा कि “हमें प्रत्याशी को नहीं देखना है।अगर अखिलेश यादव कुत्ते के गले में घंटी बांध दें तो हमें उसको भी वोट देकर जीत दिलाना है।एमएलसी के इस बयान के सामने आने के बाद आजमगढ़ की सियासत में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोग इसे संगठन और पार्टी नेतृत्व के प्रति निष्ठा से जोड़कर देख रहे हैं। वहीं, कुछ लोग इसे ‘नेता जो कहें, वही सही’ वाली राजनीति का उदाहरण भी बता रहे हैं।
चुनावी रणनीति के बीच दिया बयान
बताया जा रहा है कि बीते 30 अगस्त को शिक्षक एमएलसी चुनाव को लेकर शिक्षकों को एकजुट करने के लिए आयोजित संगोष्ठी में यह बयान दिया गया। एमएलसी लालबिहारी यादव ने अपने संबोधन में पार्टी नेतृत्व के प्रति भरोसा जताते हुए कहा कि सभी का हित उसी में छिपा हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि इंसान तो फिर भी महान होता है।
भाजपा ने साधा निशाना
सपा एमएलसी के बयान को भाजपा भी राजनीतिक मुद्दा बनाने में जुट गई है। भाजपा नेताओं ने इसे मतदाताओं का अपमान बताते हुए समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा है। भाजपा का कहना है कि सपा मतदाताओं को बंधुआ मजदूर समझती है और मानती है कि पार्टी नेतृत्व किसी को भी प्रत्याशी बनाकर चुनाव मैदान में उतार देगा तो मतदाता उसे वोट देकर जिता देंगे।भाजपा नेताओं के मुताबिक अब समय बदल चुका है और मतदाता जागरूक है। वह अपने हित को समझता है और उसी के आधार पर मतदान करता है।
सोशल मीडिया पर भी छिड़ी बहस
लालबिहारी यादव के बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई है। एक तरफ सपा समर्थक इसे पार्टी नेतृत्व के प्रति विश्वास और निष्ठा के तौर पर देख रहे हैं, वहीं विपक्ष इसे मतदाताओं की स्वतंत्र राजनीतिक पसंद पर सवाल उठाने वाला बयान बता रहा है।फिलहाल,अखिलेश यादव कुत्ते के गले में घंटी बांधकर भेजेंगे तो उसे भी वोट देना होगा वाला बयान आजमगढ़ की सियासत में चर्चा का नया विषय बन गया है। शिक्षक एमएलसी चुनाव की तैयारियों के बीच सामने आए इस बयान का राजनीतिक असर आने वाले दिनों में कितना दिखाई देता है, यह देखना दिलचस्प होगा।



