Azamgarh News:मण्डलायुक्त की अध्यक्षता में आजमगढ़ विकास प्राधिकरण की 24वीं बोर्ड बैठक सम्पन्न

आजमगढ़ बलरामपुर /पटवध से बबलू राय

मण्डलायुक्त की अध्यक्षता में आजमगढ़ विकास प्राधिकरण की 24वीं बोर्ड बैठक सम्पन्न

भूमि क्रय में सरकारी भूमि का भुगतान किसी को नहीं होना चाहिए: मण्डलायुक्त

आजमगढ़ 02 सितम्बर — मण्डलायुक्त विवेक की अध्यक्षता में आजमगढ़ विकास प्राधिकरण की 24वीं बोर्ड बैठक बुधवार को उनके कार्यालय सभागार में सम्पन्न हुयी। बैठक में कुल 6 कतिपय प्रस्ताव अनुमोदनार्थ प्रस्तुत किये गये, जिसमें मुख्य रूप से आजमगढ़ विकास प्राधिकरण का वित्तीय वर्ष 2026-27 का प्रस्तावित आय एवं व्यय बजट, मुख्यमन्त्री शहरी विस्तारीकरण एवं नये शहर प्रोत्साहन योजना के अन्तर्गत प्रस्तावित आवासीय टाउनशिप विकसित करने के लिए तहसील सदर अन्तर्गत राजस्व ग्राम कोटिला में चिन्हित की गयी भूमि को आपसी समझौते के आधार पर क्रय किये जाने, इस योजना के तहत जेम पोर्टल के माध्यम से विशेषज्ञ अनुभवी स्टाफ लिये जाने आदि से सम्बन्धित थे। विकास प्राधिकरण के प्रस्तुत बजट में राजस्व आय बजट के तहत मानचित्र शुल्क, उप विभाजन शुल्क, शमन शुल्क, विकास शुल्क आदि से कुल रू0 500.00 लाख, सम्पत्ति का नामान्तरण एवं परिवर्तन शुल्क के अन्तर्गत स्टाम्प ड्यूटी से अनुमानित आय, लेबर सेस आदि से रू0 20.00 लाख एवं अन्य आय के अन्तर्गत निविदा एवं पंजीकरण महायोजना पुस्तिका की बिक्री, कान्ट्रेक्ट एवं सप्लायर के पंजीकरण, एफएआईआर क्रय आदि से 35042.38 लाख कुल राजस्व आय में 35762.38 लाख प्रस्तावित की गयी। इसी प्रकार व्यय बजट में वेतन, भत्ता, मानेदय, ऋण वापसी आदि में 152.25 लाख, प्रशासनिक व्यय के अन्तर्गत विभिन्न मदों में 63.65 लाख, सोशल ऐक्टीविटी में 260.00 लाख व अन्य व्यय जिसमें मुख्यमन्त्री शहरी विस्तारीकरण एवं अन्य शहरों के प्रोत्साहन योजना, महायोजना कार्य पर व्यय, बैंक चार्ज आदि मदों को सम्मिलित करते हुए 35093.48 लाख कुल राजस्व व्यय 35569.38 लाख प्रस्तावित किया गया। प्रस्तुत बजट पर गहन विचार विमर्श के उपरान्त मण्डालयुक्त द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया। इसी प्रकार कतिपय अन्य प्रस्तावों को भी अनुमोदित किया गया।

मण्डलायुक्त विवेक ने मुख्यमन्त्री शहरी विस्तारीकरण एवं नये शहर प्रोत्साहन योजना के अन्तर्गत ‘‘तमसा गार्डेन एन्क्लेव’’ के नाम से आवासीय टाउनशिप विकसित करने के लिए ग्राम कोटिला में चिन्हित भूमि को आपसी समझौते के आधार पर क्रय करने के सम्बन्ध में निर्देश दिया कि किसी भी दशा में सरकारी भूमि का भुगतान किसी को नहीं होना चाहिए। उन्होने निर्देश दिया कि इस सम्बन्ध में उपजिलाधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाय तथा उपजिलाधिकारी एवं तहसीलदार से प्रमाण पत्र भी प्राप्त किया जाय। बैठक में बोर्ड के मनोनीत सदस्यों द्वारा अवगत कराया गया कि आजमगढ़-बिलरियागंज मार्ग पर कतिपय नर्सिंग होम्स द्वारा सड़क की जमीन पर अस्थायी कब्जा कर साइकिल स्टैण्ड के रूप में इस्तेमाल किया जाता है, जिससे आमजन को काफी दिक्कतें होती हैं। मण्डलायुक्त विवेक ने इसे गंभीरता से लेते हुए अपर आयुक्त-प्रशासन एवं मुख्य राजस्व अधिकारी को तत्काल निरीक्षण कर अतिक्रमणमुक्त कराने का निर्देश दिया। इसके साथ उन्होने दोनों अधिकारियों को नियमित रूप से प्रतिमाह ऐसी सड़कों का निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही कराने का रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।

बैठक में जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने विकास प्राधिकरण के अवर अभियन्ताओं को निर्देशित किया कि गत वर्ष के निर्गत शासनादेश का भलीभांति अध्ययन कर उसके अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि यदि अवैध निर्माण कार्य रोके जाने के बाद भी निर्माण कराया जाता है तो सम्बन्धित के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई जाय। उन्होंने कहा कि मुख्यमन्त्री शहरी विस्तारीकरण एवं नये शहर प्रोत्साहन योजना के अन्तर्गत प्रस्तावित आवासीय टाउनशिप विकसित करने के लिए जो धनराशि अवमुक्त हो चुकी है उसका उपयोग तत्काल किया जाय।

इस अवसर पर अपर आयुक्त-प्रशासन प्रमोद कुमार पाण्डेय, मुख्य राजस्व अधिकारी/सचिव विकास प्राधिकरण संजीव ओझा, अपर निदेशक, कोषागार एवं पेंशन जगनारायण झा, मुख्य कोषाधिकारी अनुराग श्रीवास्तव, अधीक्षण अभियन्ता लोक निर्माण विभाग महाबीर सिंह, बोर्ड के मनोनीत सदस्य प्रेम प्रकाश राय, प्रेमनारायण पाण्डेय व श्यामनारायण सिंह तथा अन्य सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button