टड़ियाव के राम लक्ष्मण जानकी ठाकुर जी ट्रस्ट मंदिर में बाल गोपाल का हुआ भव्य जन्मोत्सव, उमड़े श्रद्धालु 

A grand birth anniversary celebration of Bal Gopal was held at Ram Laxman Janaki Thakur Ji Trust Temple in Tariyav, devotees gathered in large numbers.

Mau News:घोसी। मऊ ।घोसी के टड़ियाव स्थित श्री राम लक्ष्मण जानकी ठाकुर जी ट्रस्ट मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व अत्यंत हर्षोल्लास, श्रद्धा और धूमधाम के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर संपूर्ण मंदिर परिसर को दूधिया रोशनी, रंग-बिरंगे फूलों और गुब्बारों से आकर्षक ढंग से सजाया गया था। जन्माष्टमी के अवसर पर सुबह से ही दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा, जो देर रात तक अनवरत जारी रहा।

विशेष श्रृंगार और महाअभिषेक

कार्यक्रम की शुरुआत में मंदिर के पुजारी अवधेश मिश्रा द्वारा भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप का विधि-विधान से विशेष श्रृंगार, महाअभिषेक और पूजन-अर्चन संपन्न कराया गया। ठीक मध्यरात्रि जैसे ही कान्हा का जन्म हुआ, पूरा मंदिर परिसर ‘जय कन्हैया लाल की, हाथी घोड़ा पालकी’ और ‘हरे कृष्णा’ के जयकारों से गूंज उठा।

ग्रामीणों और गणमान्य जनों की गरिमामयी उपस्थिति

जन्माष्टमी के इस पवित्र अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों और ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से वरुणेश पांडेय, अभय पांडेय, शुभम पांडेय और तनु पांडेय सहित बड़ी संख्या में स्थानीय महिला-पुरुष और बच्चे मौजूद रहे।

प्रसाद वितरण एवं सांस्कृतिक गायन

भगवान के जन्मोत्सव के उपरांत श्रद्धालुओं के बीच परंपरागत पंजीरी, माखन-मिश्री, पंचामृत और फलों का महाप्रसाद वितरित किया गया। इस दौरान स्थानीय महिलाओं एवं भक्तों द्वारा गाए गए सोहर, बधाई गीत और भजन-कीर्तन से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।

इस सफल आयोजन पर श्री राम लक्ष्मण जानकी ठाकुर जी ट्रस्ट मंदिर के मुख्य ट्रस्टी एडवोकेट सतीश कुमार पांडेय ने क्षेत्रवासियों को जन्माष्टमी की बधाई देते हुए कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी केवल एक त्यौहार नहीं, बल्कि धर्म, सत्य और प्रेम के मार्ग पर चलने की प्रेरणा है। भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें अधर्म के खिलाफ खड़े होने और समाज में समरसता बनाए रखने का संदेश देता है। टड़ियाव स्थित इस ऐतिहासिक ट्रस्ट मंदिर में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी समस्त क्षेत्रवासियों के सहयोग से यह जन्मोत्सव भव्य रूप से संपन्न हुआ है। मंदिर ट्रस्ट का सदैव यही प्रयास रहता है कि हम अपनी धार्मिक व सांस्कृतिक परंपराओं को एकजुट होकर सहेजे रखें। मैं इस आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी श्रद्धालुओं, सेवादारों और ग्रामीणों का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ।

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