पलामू टाइगर रिजर्व में एआई लैब की शुरुआत, ग्रामीण युवाओं को मिलेगी तकनीक और रोजगार की नई राह
शिक्षक दिवस पर बेतला में ‘AI Builder Bootcamp’ का शुभारंभ, 33 ग्रामीण युवा छह सप्ताह के प्रशिक्षण में शामिल
बेतला। शिक्षक दिवस के अवसर पर पलामू टाइगर रिजर्व क्षेत्र में ग्रामीण कौशल विकास और तकनीकी सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत हुई। बेतला स्थित आजीविका केंद्र में हुनर से रोजगार 2.0 के तहत AI Builder Bootcamp के पहले बैच का शुभारंभ किया गया। इस पहल के साथ झारखंड की पहली समर्पित एआई लैब स्थापित किए जाने का दावा किया गया है। आयोजकों के अनुसार यह देश के किसी टाइगर रिजर्व में स्थापित पहली एआई लैब भी है। इसका उद्देश्य आधुनिक तकनीक को ग्रामीण और वन-आश्रित समुदायों तक पहुंचाना तथा स्थानीय युवाओं को भविष्य की रोजगार एवं उद्यमिता की संभावनाओं से जोड़ना है। छह सप्ताह के इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न शैक्षणिक पृष्ठभूमि वाले 33 ग्रामीण युवाओं ने भाग लिया है। इनमें पलामू टाइगर रिजर्व के दूरस्थ गांवों के युवा भी शामिल हैं।
कार्यक्रम का उद्देश्य केवल एआई टूल्स का प्रशिक्षण देना नहीं है, बल्कि ग्रामीण युवाओं को एआई उपयोगकर्ता से लेकर निर्माता, नवाचारी और उद्यमी बनाने की दिशा में तैयार करना है। प्रशिक्षण में एआई टूल्स, डिजिटल कौशल, कंटेंट निर्माण, डिजिटल मार्केटिंग, समस्या समाधान, रोजगार तथा उद्यमिता के अवसरों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके साथ ही एथिकल एआई और सामाजिक हित के लिए तकनीक के उपयोग को भी प्रशिक्षण का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। इस पहल की मूल अवधारणा है—स्थानीय ज्ञान + तकनीक + समुदाय = सामाजिक नवाचार। सीखने के साथ समाज और प्रकृति की सेवा कार्यक्रम को जन-वन भागीदारी के तहत प्रतिभागियों के लिए निःशुल्क रखा गया है। इसके साथ उन्हें समाज और प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके लिए “Learn → Apply → Serve → Share” मॉडल अपनाया गया है। इसके तहत प्रत्येक प्रतिभागी को पांच देशज पौधे लगाने, एक सामुदायिक सेवा गतिविधि करने और किसी एक शैक्षणिक संस्थान को अपनाकर वहां अपने प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान को साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण लक्ष्य ग्रामीण युवाओं में सामाजिक उद्यमिता को बढ़ावा देना भी है। इसके लिए Startup Jharkhand के माध्यम से स्टार्टअप इनक्यूबेटर, नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र और संभावित वित्तीय सहयोग के अवसरों से प्रतिभागियों को जोड़ने की योजना है। 600 से अधिक युवाओं के प्रशिक्षण के बाद नई पहल यह पहल पहले से संचालित हुनर से रोजगार कार्यक्रम की अगली कड़ी के रूप में सामने आई है। आयोजकों के अनुसार इस कार्यक्रम के तहत अब तक 600 से अधिक ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है। अब तकनीक और एआई को इसमें जोड़ते हुए रोजगार एवं कौशल विकास की दिशा को आगे बढ़ाया जा रहा है।
इस पूरी यात्रा को “हुनर → तकनीक → एआई → नवाचार → उद्यमिता” के रूप में आगे बढ़ाने की परिकल्पना की गई है।
कार्यक्रम का नेतृत्व पलामू टाइगर रिजर्व (उत्तर) के उप निदेशक प्रजेश जेना, IFS कर रहे हैं। पहल का व्यापक उद्देश्य ऐसे ग्रामीण युवाओं की नई पीढ़ी तैयार करना है, जो सामुदायिक तकनीकी नेतृत्व के साथ-साथ प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण के प्रहरी की भूमिका भी निभा सके। इस पहल के पीछे एक महत्वपूर्ण सवाल रखा गया है—अगर एआई शहरों को बदल सकता है, तो गांवों को क्यों नहीं?” पलामू के लिए इसका संदेश स्पष्ट है कि तकनीकी भविष्य बाहर से आने की प्रतीक्षा करने के बजाय स्थानीय युवा स्वयं अपने गांवों और समुदायों के लिए उस भविष्य का निर्माण कर सकते हैं।,



