Azamgarh News:विशाल पाण्डेय के खिलाफ प्रकरण शासन को भेजा गया, अन्य जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों के चिन्हांकन के निर्देश
आजमगढ़ बलरामपुर/पटवध से बबलू राय
बलिया विश्वविद्यालय के अधोमानक निर्माण मामले में अधिशासी अभियंता पर अनुशासनिक कार्रवाई की तैयारी
विशाल पाण्डेय के खिलाफ प्रकरण शासन को भेजा गया, अन्य जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों के चिन्हांकन के निर्देश
आजमगढ़। जननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय, बलिया के भवनों में अधोमानक एवं अपूर्ण निर्माण कार्य के मामले में लोक निर्माण विभाग के तत्कालीन अधिशासी अभियंता विशाल पाण्डेय के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई की प्रक्रिया तेज हो गई है। निर्माण खण्ड-5, लोक निर्माण विभाग, आजमगढ़ में तैनात रहे विशाल पाण्डेय वर्तमान में अधिशासी अभियंता, प्रान्तीय खण्ड, लोनिवि आजमगढ़ के पद पर हैं।
विभागीय पत्र के अनुसार विश्वविद्यालय के निर्मित एवं निर्माणाधीन भवनों को गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाने संबंधी अनुभव प्रमाण पत्र/कम्प्लीशन सर्टिफिकेट संबंधित फर्म को 12 मार्च 2025 को जारी किया गया था। वहीं, अधीक्षण अभियंता पीएमजीएसवाई वृत्त तथा विद्युत/यांत्रिक लोनिवि गोरखपुर की संयुक्त रिपोर्ट में मौके पर कराए गए कुछ कार्यों को अधोमानक तथा कुछ कार्यों को अपूर्ण बताया गया था।
मामले में विशाल पाण्डेय को निलंबित कर उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 1999 के तहत कार्रवाई किए जाने की संस्तुति की गई थी। शासन स्तर पर 21 मई 2026 को हुई संयुक्त समीक्षा बैठक के कार्यवृत्त, जो 5 अगस्त 2026 को जारी हुआ, में भी तत्कालीन अधिशासी अभियंता के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव दर्ज किया गया।
विभाग ने बताया कि विशाल पाण्डेय द्वारा 13 जुलाई 2026 को दिए गए स्पष्टीकरण तथा संबंधित साक्ष्यों के आधार पर स्पष्ट संस्तुति सहित आख्या मांगी गई थी। इसके बाद 17 अगस्त 2026 को उनके विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई के लिए प्रकरण शासन को संदर्भित किया जा चुका है।
अब शासन के निर्देश के क्रम में मामले में चिन्हित अन्य जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों का भी चिन्हांकन कर उनके विरुद्ध अपेक्षित अनुशासनिक कार्रवाई का प्रस्ताव शीघ्र उपलब्ध कराने को कहा गया है। इससे विश्वविद्यालय के निर्माण कार्यों में सामने आई अनियमितताओं के लिए जिम्मेदारी तय किए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।



