Azamgarh News:पुलिस पर सवालों के बीच बेटी की जुबानी सामने आई कमरे के अंदर की कहानी

आजमगढ़ बलरामपुर/पटवध से बबलू राय
आजमगढ़ जनपद में अहरौला थाना क्षेत्र के शम्भूपुर गांव में पूजा-पाठ के दौरान पत्नी समेत तीन लोगों की हत्या और बाद में पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी अरविंद की मौत के मामले में अब नौ वर्षीय बच्चे शौर्य की मौत को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मृतक अरविंद की बहन सहित कुछ लोगों का आरोप है कि बच्चे की मौत पुलिस की गोली से हुई, जबकि पुलिस का कहना है कि अरविंद ने ही बच्चे को गोली मारी थी।इस बीच पुलिस द्वारा सुरक्षित रेस्क्यू की गई अरविंद की 10 वर्षीय बेटी परी का कथित वीडियो सामने आया है। कमरे के अंदर मौजूद रही परी वीडियो में बता रही है कि उसके पिता अरविंद ने पहले उसकी मां और दो पंडितों को गोली मारी और इसके बाद उसके भाई को भी गोली मार दी।
बच्ची के इस कथन ने घटना के दौरान कमरे के अंदर वास्तव में क्या हुआ, इसे लेकर सामने आ रहे अलग-अलग दावों के बीच एक अहम कड़ी जोड़ दी है। हालांकि बच्चे की मौत और पुलिस की जवाबी कार्रवाई से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि फॉरेन्सिक जांच और पुलिस की विवेचना से होना बाकी है।
घटना के दौरान पुलिस टीम ने अपनी जान की परवाह किए बिना कमरे में प्रवेश कर दोनों बच्चियों को सुरक्षित बाहर निकाला। पूरे घटनाक्रम में पुलिस के सामने एक ओर हथियारबंद आरोपी था तो दूसरी ओर कमरे में फंसे मासूम बच्चों की जान बचाने की चुनौती। अब पोस्टमार्टम, बैलिस्टिक और फॉरेन्सिक जांच से ही गोली चलने की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट होंगी।



