Azamgarh News:सेवा संकल्प अभियान से ग्रामीण महिलाओं को मिली नई उड़ान, आजमगढ़ की समूह दीदियां बन रहीं आत्मनिर्भरता की मिसाल*
*सेवा संकल्प अभियान से ग्रामीण महिलाओं को मिली नई उड़ान, आजमगढ़ की समूह दीदियां बन रहीं आत्मनिर्भरता की मिसाल*
*डोर-टू-डोर संपर्क से 30 स्वयं सहायता समूहों के गठन की प्रक्रिया शुरू, लगभग 500 महिला सदस्यों को जोड़ा गया -डा आराधना त्रिपाठी*
*मुर्गी पालन, मशरूम, पनीर, वर्मी कम्पोस्ट, क्रॉकरी, पिंक मॉडर्न आजीविका ठेला सहित विभिन्न उद्यमों से महिलाएं बन रहीं स्वावलंबी*
आजमगढ़, 29 सितंबर 2026
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार के कुशल मार्गदर्शन एवं मुख्य विकास अधिकारी राकेश कुमार पटेल के पर्यवेक्षण में जनपद में विभिन्न कार्यक्रमों का सफलतापूर्वक आयोजन किया जा रहा है। अभियान के माध्यम से पात्र एवं जरूरतमंद परिवारों तक शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के साथ-साथ ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर, स्वावलंबी एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री की मंशानुरूप राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को संगठित कर उन्हें आजीविका के विभिन्न साधनों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत उपायुक्त स्वतः रोजगार डॉ. आराधना त्रिपाठी के नेतृत्व में महिला सदस्यों को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने के लिए डोर-टू-डोर संपर्क एवं मोबिलाइजेशन अभियान चलाया जा रहा है।
*गांव गांव डोर-टू-डोर संपर्क से महिलाओं को समूहों से जोड़ा जा रहा*
17 सितंबर 2026 से प्रारंभ हुए सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जनपद में ग्रामीण महिलाओं से सीधे संपर्क कर उन्हें स्वयं सहायता समूहों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इस क्रम में अब तक 30 स्वयं सहायता समूहों के गठन की प्रक्रिया शुरू कर लगभग 500 महिला सदस्यों को जोड़ा गया है। महिलाओं को समूह गठन, बचत, आंतरिक ऋण, बैंकिंग सुविधाओं तथा विभिन्न आजीविका गतिविधियों के संबंध में जानकारी दी जा रही है। उद्देश्य यह है कि ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं संगठित होकर अपनी क्षमता एवं स्थानीय संसाधनों के अनुरूप स्वरोजगार स्थापित करें तथा परिवार की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।
एनआरएलएम से महिलाओं को मिली नई उड़ान
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। समूह की दीदियों ने घर से छोटे स्तर पर कारोबार शुरू कर आज अपनी मेहनत, लगन और उद्यमशीलता के बल पर आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाया है।
स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं द्वारा मुर्गी पालन, मॉडल प्रेरणा कैंटीन, वर्मी कम्पोस्ट, पिंक मॉडर्न आजीविका ठेला, क्रॉकरी बिजनेस, मशरूम उत्पादन, पनीर उत्पादन, हर्बल उत्पाद सहित विभिन्न गतिविधियों को अपनाया गया है। इन उद्यमों के माध्यम से महिलाएं अपनी आय बढ़ाने के साथ-साथ अन्य ग्रामीण महिलाओं को भी स्वरोजगार के लिए प्रेरित कर रही हैं।
घर से शुरू किया कारोबार, अब बनीं सफलता की मिसाल*
समूह की दीदियों ने अपने घर एवं आसपास उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करते हुए छोटे-छोटे उद्यम प्रारंभ किए। समय के साथ इन गतिविधियों को व्यवस्थित रूप देकर महिलाओं ने अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया। स्वयं सहायता समूहों ने उन्हें अकेले काम करने के बजाय संगठित होकर बचत, ऋण एवं सामूहिक उद्यम के माध्यम से आगे बढ़ने का अवसर प्रदान किया। आज अनेक समूह दीदियां अपने उद्यम से प्राप्त आय से परिवार की आवश्यकताओं में सहयोग कर रही हैं। साथ ही बच्चों की शिक्षा, बेहतर जीवन-यापन तथा परिवार की आर्थिक जरूरतों में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। इससे ग्रामीण परिवारों में महिलाओं की आर्थिक भूमिका और निर्णय लेने की क्षमता को भी मजबूती मिल रही है।
जनपद आजमगढ़ की स्वयं सहायता समूह की दीदियों ने अपने परिश्रम, लगन और जीवटता से विभिन्न आजीविका गतिविधियों में उल्लेखनीय पहचान बनाई है। उनके द्वारा तैयार उत्पादों एवं संचालित उद्यमों को स्थानीय स्तर से आगे व्यापक मंच भी मिला है। उत्कृष्ट कार्य करने वाली समूह की दीदियों को विगत वर्षों में गणतंत्र दिवस एवं स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिल्ली एवं लखनऊ में सम्मानित भी किया जा चुका है।
इन महिलाओं की सफलता अन्य ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से ऐसे सफल उद्यमों की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाकर अधिक से अधिक महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने और उन्हें स्वरोजगार की गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
आत्मनिर्भर महिलाओं से सशक्त परिवार और मजबूत समाज
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत एनआरएलएम के माध्यम से चलाया जा रहा यह अभियान केवल महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि आत्मनिर्भर महिला, सशक्त परिवार और मजबूत समाज की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को संगठित कर उन्हें आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने से गांवों में स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आय के अवसर भी बढ़ रहे हैं। जिला प्रशासन एवं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की टीम द्वारा सेवा संकल्प अभियान के दौरान अधिक से अधिक पात्र महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने, उनकी रुचि एवं स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार आजीविका गतिविधियों से जोड़ने तथा सफल समूह दीदियों के अनुभवों से अन्य महिलाओं को प्रेरित करने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।



