आजमगढ़ शाहरुख खान हत्याकांड: एडीजी के इंतजार में थाने पहुंचे सैकड़ो ग्रामीण, कार्यक्रम रद्द होने से मायूस लौटे परिजन
Azamgarh Shah Rukh Khan murder case: Hundreds of villagers arrive at the police station waiting for the ADG, family members return disappointed after the program is cancelled

गंभीरपुर थाना क्षेत्र के गौरी गांव की नट बस्ती निवासी शाहरुख खान हत्याकांड का एक सप्ताह बाद भी खुलासा नहीं होने से परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। बुधवार को वाराणसी जोन के एडीजी नवीन अरोड़ा के गंभीरपुर थाने में निरीक्षण कार्यक्रम की जानकारी मिलते ही गौरी नट बस्ती से सैकड़ों की संख्या में महिला और पुरुष थाने पहुंच गए। परिजनों को उम्मीद थी कि एडीजी से मुलाकात कर वे अपनी पीड़ा और पुलिस की कार्यप्रणाली से जुड़ी शिकायतें रखेंगे तथा हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग करेंगे।हालांकि, एडीजी जोन वाराणसी का कार्यक्रम निरस्त होने की सूचना मिलने पर परिजन और ग्रामीण मायूस होकर घर लौट गए। परिजनों का आरोप है कि शाहरुख के लापता होने की सूचना घटना से एक दिन पहले ही डायल 112 और थाने पर दी गई थी, लेकिन समय रहते पुलिस ने गंभीरता नहीं दिखाई।गौरतलब है कि 28 तारीख की सुबह शाहरुख का गला रेता हुआ शव गांव के पास बरामद हुआ था। घटनास्थल से मिले बाल, धारदार हथियार और अन्य साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच की जा रही है। वहीं, कुछ संदिग्धों से पूछताछ किए जाने की चर्चा है, लेकिन पुलिस ने अभी तक किसी गिरफ्तारी या हिरासत की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।परिजनों ने मांग की है कि पुलिस जल्द से जल्द हत्याकांड का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार करे। उनका कहना है कि अब उन्हें आश्वासन नहीं, बल्कि न्याय चाहिए
आजमगढ़। गंभीरपुर थाना क्षेत्र के गौरी गांव की नट बस्ती निवासी 30 वर्षीय शाहरुख खान हत्याकांड का एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी पुलिस आधिकारिक रूप से खुलासा नहीं कर सकी है। हत्यारों की गिरफ्तारी न होने से मृतक के परिजनों में भारी आक्रोश है। बुधवार को जब वाराणसी जोन के एडीजी नवीन अरोड़ा गंभीरपुर थाने का निरीक्षण करने की जानकारी मिलते ही मृतक के परिजन और ग्रामीण सैकड़ों की संख्या में थाने के बाहर पहुंच गए। परिजनों ने पुलिस के खिलाफ नाराजगी जताते हुए जल्द से जल्द हत्यारों की गिरफ्तारी और मामले का खुलासा करने की मांग की।परिजनों का आरोप है कि पुलिस लगातार आश्वासन दे रही है, लेकिन अभी तक हत्याकांड का खुलासा नहीं हो सका है। उन्होंने गंभीरपुर थाना पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि शाहरुख के लापता होने की सूचना घटना से एक दिन पहले ही डायल 112 और थाने पर दी गई थी। परिजनों के मुताबिक, उन्होंने पुलिस को थाने पहुंचकर तहरीर देकर बेटे और भाई शाहरुख खान को खोजने की गुहार लगाई थी, लेकिन समय रहते पुलिस ने गंभीरता नहीं दिखाई। उनका कहना है कि यदि पुलिस उसी रात सक्रिय होकर तलाश करती तो शायद शाहरुख की जान बच सकती थी।गौरतलब है कि गौरी गांव निवासी मुस्तफा के पुत्र शाहरुख खान बोलने में असमर्थ थे और पाव रोटी बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। बीते 27 तारीख की शाम वह घर नहीं लौटे तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। अगले दिन 28 तारीख की सुबह गांव की नट बस्ती के पास बहा में उनका गला रेता हुआ शव बरामद हुआ था। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया था और थाने का घेराव कर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की थी।परिजनों ने बताया कि घटनास्थल से पुलिस को कई अहम साक्ष्य मिले हैं। शाहरुख के बाएं हाथ की बंद मुट्ठी में बाल मिला था। इसके अलावा हत्या में इस्तेमाल किए जाने की आशंका वाला धारदार हथियार और मृतक के गले में मिला दुपट्टा भी जांच के दायरे में है। पुलिस की फोरेंसिक टीम इन साक्ष्यों की जांच कर रही है। इसके बावजूद अब तक हत्याकांड का खुलासा नहीं होने से परिजन पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।वहीं, सूत्रों के हवाले से सामने आ रही जानकारी के मुताबिक, बेकरी मालिक अरशद और नदीम गनी समेत आधा दर्जन लोगों को कथित तौर पर हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। बताया जा रहा है कि घटना के बाद से पुलिस गौरी गांव और नट बस्ती के सैकड़ों लोगों से पूछताछ कर चुकी है। परिजनों का दावा है कि समाचार लिखे जाने तक करीब एक दर्जन लोगों से पुलिस हिरासत में पूछताछ जारी थी। हालांकि, पुलिस की ओर से किसी की गिरफ्तारी या हिरासत में लिए जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पूछताछ के दायरे में आए किसी भी व्यक्ति की इस हत्याकांड में संलिप्तता अभी प्रमाणित नहीं हुई है।परिजनों ने एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हत्या के बाद शुरुआती चार दिनों तक पुलिस केवल परिवार के सदस्यों से ही पूछताछ करती रही। उनका सवाल है कि जब घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य मिले हैं और कई लोगों से पूछताछ की जा रही है तो फिर अब तक पुलिस हत्यारों तक क्यों नहीं पहुंच सकी है? एडीजी नवीन अरोड़ा के थाने पहुंचने पर परिजनों ने अपनी पीड़ा और नाराजगी जाहिर करते हुए जल्द कार्रवाई की मांग उठाई। परिजनों का कहना है कि उन्हें अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि न्याय चाहिए। हत्याकांड का खुलासा नहीं होने से गौरी गांव और गंभीरपुर थाना क्षेत्र के आसपास के इलाकों में दहशत और बेचैनी का माहौल बना हुआ है।फिलहाल शाहरुख खान हत्याकांड की जांच पुलिस पूछताछ और फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ रही है। लेकिन एक सप्ताह बीतने के बाद भी हत्यारों की गिरफ्तारी और हत्या के कारणों का आधिकारिक खुलासा न होना पुलिस के सामने बड़ी चुनौती बना हुआ है। अब सवाल यह है कि शाहरुख की मुट्ठी में मिला बाल, घटनास्थल से बरामद धारदार हथियार और संदिग्धों से पूछताछ के बाद पुलिस कब इस सनसनीखेज हत्याकांड की गुत्थी सुलझाएगी और पीड़ित परिवार को न्याय मिल पाएगा।



