इस खेती से होती है पैसों की बरसात! मात्र एक बीघा में होगी लाखों की कमाई, किसान बन जाएंगे मालामाल
श्री मुरली मनोहर टाउन स्नातकोत्तर महाविद्यालय बलिया के मृदा विज्ञान और कृषि रसायन विभाग के विभाग अध्यक्ष प्रो. डॉ. अशोक कुमार सिंह ने लोकल 18 से बताया कि हल्दी बहुत ही फायदेमंद और उपयोगी फसल है.

रिपोर्ट अजीत कुमार सिंह बिट्टू जी
बलिया: कुछ खेती किसानों के लिए काफी अच्छे मुनाफे वाली होती है. ऐसी ही एक है हल्दी की एक खास प्रजाति की खेती है. इसकी खेती एक बीघे में लाखों का मुनाफा दे सकती है. अच्छी प्रजाति का चयन कर अगर किसान यह फसल लगाएं तो निश्चित रूप से मालामाल बन सकता है. हम बात कर रहे हैं हल्दी की नरेन्द्र 01 प्रजाति की, जो बहुत ज्यादा पैदावार देकर किसानों को लखपति श्री मुरली मनोहर टाउन स्नातकोत्तर महाविद्यालय बलिया के मृदा विज्ञान और कृषि रसायन विभाग के विभाग अध्यक्ष प्रो. डॉ. अशोक कुमार सिंह ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि हल्दी बहुत ही फायदेमंद और सबसे उपयोगी फसल है. यह बड़ा अच्छा समय चल रहा है, जब हम हल्दी की खेती के करें. हल्दी के लिए सबसे पहले हमें यह देखना चाहिए कि हमारी मिट्टी बलुई या दोमट हो. उसमें हम गमले या छत पर करना चाहते हैं बैंगन की खेती? इन 3 बातों का इस खेती से होती है पैसों की बरसात! मात्र एक बीघा में होगी लाखों की कमाई, किसान बन शरीर सांसद कीर्तिवर्धन सिंह मेंथा की खेती करने वाले किसान इन बातों का रखें ध्यान, बंपर होगी पैदावार, खूब कमाएंगे मुनाफा पहले प्रजाति का करें चयन हल्दी के लिए अच्छी प्रजाति का चयन कर लें. इस क्षेत्र के लिए नरेंद्र 01 प्रजाति बेहद शानदार है. इसमें करक्यूमिन की मात्रा लगभग 5ः के आसपास होती है, यानी हल्दी का जो पीलापन और उसका एंटीबायोटिक गुण है वह इसमें सबसे ज्यादा होता है.ऐसे करें बुवाई…हल्दी की खेती में अच्छे खाद उर्वरक का ही प्रयोग करना चाहिए. वहीं अच्छी नमी में जुताई करें. नमी नहीं है तो बुवाई के बाद जमाव के पहले हमें सिंचाई करनी पड़ेगी. पौधे (कंद) से कंद की दूरी लगभग डेढ़ फीट रखना चाहिए. गहराई करीब 8 से 10 सेंटीमीटर होनी चाहिए. गर्मी का समय है, तो कोशिश करें इसमें गोबर के खाद का जरूर इस्तेमाल करें. इसके अलावा पोटाश, गंधक और फास्फोरस का भी प्रयोग करें. एक बीघा के लिए 100 किलोग्राम पोटाश, 40 किलोग्राम फास्फोरस और 10 किलोग्राम सल्फर इन सभी का मिक्सर बनाकर रोपाई से पहले छिड़काव कर दें. बीच में एक दो बार निराई गुड़ाई कर दें. बहुत ज्यादा इसमें देखभाल करने की आवश्यकता नहीं होती है. मौसम सूखा है, तो सिंचाई भी करें.एक बीघा में हो जाएगी धनवर्षा बड़े आसानी से 7 महीने में इसकी फसल तैयार हो जाती है. एक बीघा में कम से कम 70 से 80 क्विंटल हल्दी की पैदावार किसानों को मिल जाती है. अगर ₹100 के हिसाब से भी देखें तो इससे किसान कम से कम 8 लाख तक का



