मालीवाल से जुड़े सवालों से बचने के लिए यूपी कांग्रेस ने महिला पहलवान और मणिपुर का उठाया मुद्दा

UP Congress raises issue of women wrestlers and Manipur to avoid questions about Maliwal

लखनऊ: उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की मीडिया कोऑर्डिनेटर गरिमा मेहरा दसौनी ने ‘स्वाति मालीवाल मारपीट प्रकरण’ की जांच की मांग के साथ ही मणिपुर, महिला पहलवान और प्रज्वल रेवन्ना जैसे मुद्दों को लेकर बीजेपी पर जमकर प्रहार किया।

 

 

लखनऊ, 17 मई। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की मीडिया कोऑर्डिनेटर गरिमा मेहरा दसौनी ने ‘स्वाति मालीवाल मारपीट प्रकरण’ की जांच की मांग के साथ ही मणिपुर, महिला पहलवान और प्रज्वल रेवन्ना जैसे मुद्दों को लेकर बीजेपी पर जमकर प्रहार किया।

 

गरिमा मेहरा दसौनी ने कहा, “अमर्यादित व्यवहार का शिकार महज स्वाति ही नहीं, बल्कि अन्य महिलाएं भी हो रही हैं। प्रधानमंत्री को तटस्थ होकर बोलना चाहिए।“

 

 

उन्होंने आगे कहा, “महिला पहलवान, मणिपुर की महिलाओं, प्रज्वल रेवन्ना पर बीजेपी मौन धारण कर लेती है।“

 

उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में महिलाओं का उत्पीड़न करने वालों को कानून का संरक्षण प्राप्त है।

 

उन्होंने कहा, “स्वाति मालीवाल मामले में झंडाबरदार बनने वालों को यूपी में महिलाओं संग हो रहे दुराचार पर भी बोलना चाहिए।“

 

 

 

 

 

उन्होंने बृजभूषण शरण सिंह, प्रज्वल रेवन्ना, कुलदीप सेंगर का जिक्र कर महिलाओं के साथ दरिंदगी करने वालों को बीजेपी पर बचाने का आरोप लगाया।

 

गरिमा मेहरा दसौनी ने कहा, “स्वाति मालीवाल पर खुलकर बोलने वालों को मणिपुर सहित अन्य महिलाओं के साथ होने वाले अत्याचार पर भी बोलना चाहिए।“

 

 

 

 

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि न्याय का पैमाना एक जैसा हो।

 

 

 

 

 

उन्होंने आगे सवाल उठाया, “गृह मंत्रालय का आंकड़ा चीख-चीख कर बता रहा है कि महिला उत्पीड़न मामले में उत्तर प्रदेश पहले पायदान पर है। आखिर प्रधानमंत्री किस महिला सशक्तिकरण की बात कर रहे हैं? महिलाओं के साथ शोषण करने के मामले में संलिप्त भाजपा नेताओं के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई? बीजेपी और प्रधानमंत्री को इसका जवाब देना चाहिए।“

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