आजमगढ़:दैवीय आपदा प्रबंधन जांच समिति की बैठक आयोजित

अस्पतालों की भीड़ को कम करने के लिए जागरूकता अभियान चलाकर आयुर्वेदिक अस्पतालों की तरफ जनता को आने के लिए प्रेरित करें

रिपोर्ट:आफताब आलम

आजमगढ़ 24 सितम्बर– उत्तर प्रदेश विधान परिषद की दैवीय आपदा प्रबंधन समिति के सभापति मा0 उमेश द्विवेदी, एमएलसी लखनऊ की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में दैवीय आपदा प्रबंधन समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गयी। माननीय सभापति महोदय ने राजस्व विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, गृह विभाग, सूचना विभाग, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग, प्राविधिक शिक्षा विभाग, कृषि विभाग, ऊर्जा विभाग, नगर विकास, लोक निर्माण, खाद्य रसद तथा आयुष विभाग की बिंदुवार समीक्षा की।

माननीय सभापति ने आपदाओं से होने वाली क्षति को रोकने तथा कम करने एवं ग्रामीण स्तर तक आम जनमानस को संभावित आपदाओं के दुष्प्रभावों से बचाने व भविष्य में घटित होने वाली आपदाओं के प्रति जागरूकता, क्षमता संवर्धन किए जाने,जनपद के संवेदनशील ग्रामीण मोहल्ला में राहत चौपाल आयोजन करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि स्कूलों में आपदा प्रबंधन कार्यशाला का आयोजन किया जाए। माननीय सभापति ने कहा कि जागरूकता का कार्यक्रम एवं आपदा से बचाव का प्रचार प्रसार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी पीएचसी/सीएचसी पर सांप काटने की दवाओं की उपलब्धता का बोर्ड लगाया जाए।उन्होंने कहा कि इसके लिए विभाग द्वारा हेल्पलाइन नंबर जारी कर प्रचार प्रसार किया जाए।
उन्होने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिया कि प्रेस वार्ता कर लोगों को जानकारी दिया जाए। माननीय सभापति महोदय ने निर्देश दिया कि बाढ़ राहत शिविरों को सक्रिय बनाया जाए। राहत शिविरों में स्वच्छ पेयजल, क्लोरीन युक्त वॉटर टैंक का प्रबंध करें। कैंप में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। सभापति महोदय ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए कैंप में महिला गार्ड की भी ड्यूटी लगाई जाए। महिलाओं एवं पुरुषों के लिए अलग-अलग टॉयलेट एवं स्नान घर की व्यवस्था सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग बच्चों में गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण तथा पर्याप्त मात्रा में आवश्यक दवाएं एवं एंबुलेंस की उपलब्धता 24 घंटे सुनिश्चित करें। सभापति महोदय ने कहा कि पशु राहत कैंप में पर्याप्त मात्रा में भूसे की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। सभी पशुओं का टीकाकरण कराया जाए। सभापति महोदय ने कहा कि मलेरिया व डेंगू रोकने के लिए शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में फागिंग एवं एंटी लार्वा का छिड़काव सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्र एवं ग्रामीण क्षेत्रों में नगर निगम एवं पंचायती राज विभाग समन्वय स्थापित कर साफ सफाई एवं चुना छिड़काव करना सुनिश्चित करें।उन्होंने कहा कि जिला विद्यालय निरीक्षक एवं बेसिक शिक्षा अधिकारी आपस में समन्वय कर बच्चों की प्रभात फेरी निकाल कर ग्रामीण स्तर पर जागरूकता अभियान चलाएं। उन्होंने कहा कि स्कूलों का निरीक्षण करें तथा स्वयं भी मिड डे मील को खाकर उसकी गुणवत्ता चेक करें। सभापति महोदय ने कहा कि प्राइमरी स्कूलों, बाजार, कस्बे, सार्वजनिक भवन, विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र तथा अस्पतालों की रेगुलर सफाई कराई जाए। सड़कों तथा नालियों की लगातार सफाई करते रहें। उन्होंने कहा कि तालाबों, चक मार्गो, सड़कों को अतिक्रमण मुक्त कराना सुनिश्चित करें।सभापति महोदय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास के पात्र लाभार्थियों को आवास की सुविधा देना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनता के हित में चौपाल लगाकर उनकी समस्याएं सुनकर निस्तारण किया जाए। सभापति महोदय ने कहा कि जनप्रतिनिधियों से संपर्क कर गांव में सौर ऊर्जा लगाया जाए। सभापति महोदय ने कहा कि मातृत्व एवं चाइल्ड केयर लीव को समय से स्वीकृत किया जाए। उन्होंने माध्यमिक शिक्षा विभाग को निर्देश दिया कि स्कूल के समय पर कोचिंग का संचालन ना हो। उन्होंने कहा कि बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे कोचिंग संस्थानों को तत्काल बंद करना सुनिश्चित करें। सभापति महोदय ने कहा कि कोचिंग में क्षमता के अनुरूप ही छात्रों का एडमिशन करें।विद्युत विभाग की समीक्षा करते हुए माननीय सभापति महोदय ने कहा कि आंधी, तूफान से टूटे विद्युत लाइन को तत्काल बदलना सुनिश्चित करें। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिया कि बाढ़ क्षेत्र की सड़कों की मरम्मत की सूची बनाकर तत्काल शासन को भेज कर धन आवंटन हेतु पत्र प्रेषित किया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्य योजना बनाई जाए की 10 से 15 साल तक सड़कों की रिपेयरिंग ना करना पड़े। आयुर्वेदिक एवं यूनानी आयुष विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि अस्पतालों की भीड़ को कम करने के लिए जागरूकता अभियान चलाकर आयुर्वेदिक अस्पतालों की तरफ जनता को आने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि आयुर्वेदिक एवं यूनानी औषधीय की जानकारी देने के लिए प्रचार प्रसार सूचना विभाग से समन्वय स्थापित कर सुनिश्चित कराया जाए।जिलाधिकारी विशाल भारद्वाज ने सभापति एवं समिति के सदस्यों को अश्वस्त किया कि दिए गए निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा तथा की गई कार्रवाई से भी माननीय समिति को अवगत कराया जाएगा। इसके साथ ही जिलाधिकारी ने माननीय समिति को धन्यवाद दिया।बैठक में पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य, अपर जिला अधिकारी वित्त एवं राजस्व श्री आजाद भगत सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 आईएन तिवारी, लोक निर्माण विभाग, विद्युत विभाग, कृषि विभाग, शिक्षा विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।बैठक से पूर्व सभापति उमेश द्विवेदी, सुरेंद्र चौधरी सदस्य, बाबूलाल तिवारी सदस्य, माननीय लाल बिहारी यादव सदस्य द्वारा आजमगढ़ में शाही पुल के पास तथा ज्योति निकेतन के पास पुल का निरीक्षण किया, जिसमें नीचे बने होने के कारण चिंता जताई गई। इसके पश्चात पीजीआई का भ्रमण कर मरीज का हाल-चाल लिया गया तथा बातचीत भी की गई। मरीज को मिलने वाले भोजन का निरीक्षण भी किया गया।

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