आजमगढ़:प्रधान व पुलिस के कारनामो से तंगआकर एसपी दरबार पहुंचकर पीड़ित ने लगाई न्याय की गुहार

रिपोर्ट:रोशन लाल
बिलरियागंज/आजमगढ़:आजमगढ़ जिला के जहानागंज ब्लॉक के गोरख चौहान पुत्र स्व० वेचू चौहान निवासी-बरही तहसील सदर, जिला-आजमगढ़ ने प्रधान के ऊपर आरोप लगाते हुए उनकी मनमानी रवैये से तंग आकर आजमगढ़ पुलिस अधीक्षक का दरवाजा खटखटाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि मेरे चक गाटा संख्या-493 में कर्तमान प्रधान सीता चौहान के पति विनोद चौहान जो दबंग व मनबढ़ किस्म के व्यक्ति है। जो मनरेगा के तहत सरकारी धन को प्रशासन की मिली भगत से लूटना चाह रहे हैं। जोर जबर्दस्ती से हमारे चक मे रास्ता बनवा रहे हैं। जब कि पेपर में रास्ता ही नही है। गोरख चौहान ने प्रधान पर यह भी आरोप लगाते हुए कहा है कि मेरे चक के पूरब में नाला एवं वृक्षारोपड़ की जमीन गाटा संख्या-539 है। जिसपर प्रधान ने अपने कई व्यक्तियों से अतिक्रमण भी कराए हुए है। एवं ग्राम प्रधान स्वयं ग्राम के तालाब की जमीन गाटा संख्या-156 जो करीब 5 बिगहा एवं नवीन परती को भी अतिक्रमण किये हुए हैं। दिनांक 30.11.2023 को सुबह पुनः ग्राम प्रधान अपने आदमीयों को लेकर दल बल के साथ मेरे चक में जबरन चकमार्ग बनवा रहे थे। तब मैने मौके पर पहुंचकर मना किया तो प्रधान एवं उनके आदमियों ने भद्दी भद्दी गालियां देते हुए जान से मारने की भी धमकियां दी है। मैंने विडीयों बनाया तथा मेरी पत्नी मौके पर पहुच कर 1090 पर कॉल की यू०पी० 32 डी0जी01022 गाड़ी करीब 30 मिटन बाद घटना स्थल पर पहुँचते ही मुझसे पेपर मांगी मैंने कागजात दिखाया परन्तु पुलिस कर्मी अजय कुमार यादव, राधेश्याम यादव, ने मुझे अबशब्दों का प्रयोग करते हुए कहे कि प्रधान के कार्य में रुकावट की तो तुम्हें लॉकप में डाल देगें जीना हराम होजायेगा। एवं पुलिस मुझे कई बार बोली की तुम मेरा खर्चा दे दो एवं बाद में उन्होंने अपनी मोबाईल नं0-9984603725 एवं 8382085124 से रिश्वत हेतु मेरे मो0नं0-9506051243 पर कॉल करके बोले की सीघ्र बरही गांव के काली मंन्दिर के पास आ जाओ मैने विवश होकर डर बस 100-100 रु० की नोटों को फोटो खिचकर पुलिसकर्मियों को दे दी है। प्रार्थी ने कई बार थाना से लेकर उपजिलाधिकारी सदर को प्रार्थना पत्र दिया लेकिन कोई कार्यवाही नहीं सन्तोष जनक नही हुयी है।
इस संबंध में जब आरोपित पुलिसकर्मियों से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि हमारे ऊपर रिश्वतखोरी का लगाया गया आरोप झूठा है। क्योंकि सूचना मिलते ही हम लोग तुरंत मौके पर जाकर ग्राम प्रधान द्वारा कराए जारहे काम को रुकवा दिए और दोनों पार्टी को थाने बुलाकर चले आए । ग्राम प्रधान का मोबाइल नंबर ना होने के कारण उनके ऊपर लगाए गए आरोपों के मामले में सही जानकारी नहीं मिल पाई। मामला कुछ भी हो पुलिस जांच में जुटी हुई है सही तस्वीर तभी सामने आएगी जब पुलिस की जांच रिपोर्ट सामने आ जाएगी।



