आजमगढ़ जेल का निरीक्षण, 1568 बंदियों की स्थिति का लिया जायजा

सभी बंदियों के मुकदमों के लिए अधिवक्ताओं की जानकारी सुनिश्चित करने के निर्देश

आजमगढ़ 19 दिसंबर(आर एन एस) उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ व जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आजमगढ़ के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में अंकित वर्मा, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दीवानी न्यायालय आजमगढ़, द्वारा आज जिला कारागार, आजमगढ़ का निरीक्षण किया गया।आज की तिथि में 1568 बन्दी निरूद्ध है, जिसमें 88 महिला बन्दी तथा 1480 पुरूष बन्दी निरूद्ध है।निरीक्षण के दौरान कारागार परिसर में साफ-सफाई का उचित प्रबन्ध पाया गया। जेल लीगल एड क्लीनिक में निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई औसतन पायी गयी, जिस पर जेल अधीक्षक को निर्देशित किया गया कि लीगल एड क्लीनिक की साफ-सफाई व कुर्सी, मेज का उचित प्रबन्ध करें। निरीक्षण के समय कारागार में कार्यरत 04 जेल पराविधिक स्वयं सेवक उपस्थित रहे तथा उनके द्वारा बताया गया कि जिन बन्दी के पास अधिवक्ता नहीं है, उनका प्रार्थना पत्र लिखकर जेल अधीक्षक के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है।निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि लीगल एड क्लीनिक में रखे गये रजिस्टर में प्रविष्टियॉ पूर्ण नहीं है, जिस पर जेल में कार्यरत पराविधिक स्वयं सेवकों को निर्देशित किया गया कि जेल विजिटिंग लॉयर के सहयोग से प्रविष्टियों को पूर्ण करें। जेल अधीक्षक द्वारा अवगत कराया गया कि सभी बन्दियों के मुकदमों की पैरवी हेतु अधिवक्ता नामित है। निरीक्षण के दौरान सचिव द्वारा जेल अधीक्षक को निर्देशित किया गया कि सभी बन्दियों के टिकट पर प्राइवेट अथवा सरकारी अधिवक्ता का नाम दर्ज कराये जिससे कि बन्दी के मुकदमें की पैरवी के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त हो सके। निरीक्षण के दौरान जेल अधीक्षक को यह निर्देशित किया गया कि ऐसे सिद्धदोष बन्दी जो दस वर्ष या उससे अधिक अवधि से कारागार में निरूद्ध है, ऐसे बन्दियों के अपील एवं जमानत मामलों में प्रभावी कार्यवाही अनिवार्य रूप से करें।निरीक्षण के दौरान बन्दियों विजय यादव, हरिनाथ, अखिलेश, अबूसहमा, रामआसरे साहनी, इरफान, भोनू प्रजापति, जावेद, श्रीराम यादव, चन्दन प्रकाश तथा राविन सिंह, निखिल मिश्रा द्वारा बतायी गयी समस्याओं को सुना गया तथा उसके त्वरित निस्तारण हेतु सम्बन्धित को निर्देशित किया गया।इस मौके पर जेल अधीक्षक आशीष रंजन, डिप्टी जेलर वीरेश्वर प्रताप सिंह, डिप्टी जेलर गौरव सिंह, जेल के पराविधिक स्वयं सेवक उपस्थित रहे।

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