MauNews घोसीनगर के प्रथमचेयरमैन स्व जयप्रकाशमिश्र की पुण्यतिथि पर हुए विविध कार्यक्रम। जगतगुरु ने भी दिया आशीर्वाद
घोसी। मऊ। घोसी नगर के पकड़ी मोड़ स्थित जेपी उद्यान में समारोह आयोजित कर पितृ पर्व कार्यक्रम के माध्यम से घोसी के प्रथम चेयर मैन स्व जयप्रकाशमिश्रा को श्रद्धासुमन अर्पित किया गया। इस अवसर प्रथमबार घोसी के किसी कार्यक्रम में जगतगुरु रामदीनेशाचार्य जी के रूप में लोगों को आशीर्वचन प्राप्त हुआ। कार्यक्रम में प्रसिद्ध शास्त्री संगीतकार पं राहुल मिश्रा एवं उनके अनुज ने अपनी प्रस्तुति से सबका मन मोह लिया।
पितृदिवस कार्यक्रम के आयोजक शैलेन्द्र मिश्रा एवं अभिषेक मिश्रा ने जगतगुरु रामदीनेशाचार्य, सहप्रचार प्रमुख मनोजकांत जी के साथ सभी अतिथियों का स्वागत करने के साथ आभार व्यक्त किया।
जगतगुरु रामदीनेशाचार्य जी ने अपने आर्शिवचन में कहा कि विश्वगुरु बनने की बात चरित्र और नैतिकता के बल पर होती है न की न्यूक्लीयर, स्वास्थ्य, युद्ध के बल पर । कहा कि पुत्र पिता की संपत्तियों का बरासत और उसके धन पर संपत्तियों का चाहता है। माता पिता की बरासात सेवा, संस्कृत से होनी चाहिए। हमे रामायण, आदि को जानना चाहिए। आप पुत्र बने, लड़का नहीं बने। आज लोगों लोभ में जी रहे है। आज माता पिता एक बच्चे चाहते है कारण पुत्र पुत्रियों की देखभाल करने वाला कोई नहीं है। पति पत्नि दोनों धन अर्जन में लगे है। अपना पेट तो जानवर भी भर लेता है। मनुष्य वह है जो दूसरों की सेवा करे। उनके सुख दुख में साथ दे। ऐसे ही स्व जयप्रकाश मिश्र थे। संपत्ति प्राप्त करना अलग है सम्मान पाना अलग है। धर्म वह है आप के किसी कार्य से किसी के चेहरे पर मुस्कान देखने को मिले, वही किसी को आप के किसी कार्य से दुःख हो वही अधर्म है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सहप्रचार प्रमुख मनोजकांत जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि माता पिता अपने विचारों को पुत्र पुत्रियों के ऊपर थोपे नहीं। इसी तरह पुत्र पुत्रियों को भी चाहिए कि वे अपने माता पिता का सम्मान करते हुए उनकी भावनाओं का सम्मान करें। कहा कि आज परिवार के बिखरने से बहुत सी दिक्कत आरही है। उसका सबसे बड़ा कारण एक दूसरे की भावनाओं को न समझना है। परिवार में बच्चों और माता पिता के बीच दूरी है। सर्वे में सामने आया है कि बहुत से बच्चे घर में मोबाइल नहीं चाहते। उनका मानना है कि मोबाइल के चलते उनके माता पिता हम को समय नहीं दे पाते। आज पुत्र पुत्रियों को अपने माता पिता के साथ बड़ों को सम्मान देते रहना चाहिए। आज भारत के लोगों के बीच जो संस्कार, गुण हैं उसके चलते आज बाहरी शक्तियां हमें तोड़ नहीं सकी है। हिन्दुओं को अपनी संस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित करने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में डॉ अलकाप्रकाश की पुस्तक अन्लघ्य है प्रेम का विमोचन मुख्य अतिथि जगतगुरु रामदीनेशाचार्य जी एवं सहप्रचार प्रमुख मनोजकांत जी द्वारा किया गया। साथ ही पांच युवाओं को श्रवण पुरस्कार तथा पांच वरिष्ठ प्रेरणादायि दंपत्तियों को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। साथ ही कई लोगों को भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम एवं मंच का संचालन सफल रीता श्रीवास्तव ने किया।
इस अवसर पर श्रीमती पद्मा मिश्रा के साथ स्व जयप्रकाश मिश्रा की पुत्रियों के साथ भाजपा के क्षेत्रीयमहामंत्री सुनीलगुप्ता,पूर्वविधायक उमेशचंद्र पांडेय, पूर्वसांसद अतुलराय, पूर्वप्रमुख डा सुजीत सिंह, डा रामकृष्ण यादव, देवप्रकाश राय,प्रदीप सिंह,आदि के साथ बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रह कर स्व जयप्रकाश मिश्र को पुष्पांजलि अर्पित किया।



