Azamgarh news :पुलिस व बदमाशों के बीच मुठभेड़ में एक गोतस्कर घायल सहित 2 गिरफ्तार, घायल आरोपी के ऊपर कुल आठ संगीन मुकदमे हैं दर्ज
पुलिस व बदमाशों के बीच मुठभेड़ में एक गोतस्कर घायल सहित 2 गिरफ्तार, घायल आरोपी के ऊपर कुल आठ संगीन मुकदमे हैं दर्ज

आजमगढ़ ब्यूरो चीफ राकेश श्रीवास्तव
डॉ0 अनिल कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, आजमगढ़ के निर्देशन में तथा अपर पुलिस अधीक्षक नगर मधुबन कुमार सिंह एवं क्षेत्राधिकारी सदर श्रीमती आस्था जायसवाल के कुशल पर्यवेक्षण में दिनांक 07/08.02.2026 की रात्रि लगभग 12:30 बजे थाना जहानागंज पुलिस द्वारा क्षेत्र में देखभाल क्षेत्र, अपराध नियंत्रण, संदिग्ध व्यक्ति/वाहन चेकिंग एवं रात्रि गश्त की जा रही थी। इसी दौरान सूचना प्राप्त हुई कि थाना क्षेत्र के ग्राम गम्भीरवन (बड़ैला ताल) के पास एक पिकप वाहन में छुट्टा गोवंश लादा जा रहा है।
प्राप्त सूचना पर विश्वास कर थानाध्यक्ष जहानागंज द्वारा पुलिस बल के साथ तत्काल घेराबंदी की गई। स्वयं को घिरता देखकर बदमाशों द्वारा पुलिस पार्टी पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग की गई। पुलिस द्वारा बार-बार आत्मसमर्पण की चेतावनी दी गई, किंतु बदमाशों द्वारा पुनः फायरिंग का प्रयास किया गया। आत्मरक्षार्थ पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में 01 बदमाश के बाएँ पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया, जबकि 01 अन्य बदमाश मौके से पुलिस द्वारा पकड़ लिया गया।
घायल/गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान-
01. मोहीम अहमद पुत्र दिलशेर अहमद नि0 कोटिला (कंकाली टोला) थाना रानी की सराय जनपद आजमगढ़ उम्र 32 वर्ष (घायल अभियुक्त)
02. सुनील कुमार पुत्र शोभनाथ नि0 जलाईपुर ऊँचेगाँव थाना रानी की सराय जिला आजमगढ़ उम्र 30 वर्ष
घायल को इलाज हेतु सदर अस्पताल आजमगढ़ भेजा गया है ।
घटनास्थल को सुरक्षित कर फील्ड यूनिट द्वारा निरीक्षण कर साक्ष्य संकलन की कार्यवाही की गई है।
पूछताछ के दौरान घायल अभियुक्त ने बताया कि वह अपने सहयोगियों के साथ मिलकर सुनियोजित रूप से गोवध एवं गौ-तस्करी का कार्य करता था। अभियुक्तगण प्रायः देर रात्रि का समय चुनते थे तथा ऐसे छुट्टा गोवंश को चिन्हित करते थे जो आबादी से दूर अथवा सुनसान क्षेत्रों में विचरण कर रहे हों।
चिन्हित किए गए गोवंश को अभियुक्तगण मौके का लाभ उठाकर पकड़ते थे तथा उसे निर्जन स्थानों पर ले जाकर अवैध रूप से वध करते थे। वध के पश्चात मांस को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर ऊँचे दामों पर बिक्री किया जाता था।
वध के उपरान्त शेष अवशेषों को नदी, नालों में फेंककर अथवा जमीन में गाड़कर अभियुक्तगण साक्ष्य नष्ट करने का प्रयास करते थे, जिससे अपराध का पता न चल सके।
इसके अतिरिक्त अभियुक्तगण कुछ मामलों में गोवंश को वाहनों पर लादकर अन्य प्रान्तों, विशेषकर बिहार, ले जाकर अवैध रूप से बिक्री करते थे। अभियुक्तगण पूर्व में भी गोवध एवं गौ-तस्करी से संबंधित कई मामलों में गिरफ्तार होकर जेल जा चुके हैं। पुलिस की निगरानी से बचने के लिए अभियुक्तगण बार-बार स्थान परिवर्तन कर अपराध कारित करते थे तथा अपनी गतिविधियाँ गोपनीय रखने का प्रयास करते थे।
1-अभियुक्तों के विरुद्ध थाना जहानागंज पर मु0अ0सं0– 37/2026, धारा 109(1)/351(3)/352 बीएनएस व 3/5ए/5बी/8 गोवध निवारण अधिनियम व 3/25/27 आर्म्स एक्ट पंजीकृत कर आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है।



