Khamenei’s death follows US-Israeli strike:अमेरिका-इज़रायल हमले के बाद खामेनेई के मौत की खबर,आधिकारिक पुष्टि का इंतजार,खामेनेई के बाद कौन? उत्तराधिकारी को लेकर तेज हुई अटकलें

Following the US-Israeli attack, reports of Khamenei's death are awaited, and official confirmation is awaited. Who will succeed Khamenei? Speculation about his successor is rife.

तेहरान: अमेरिका और इज़रायल के कथित हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत का दावा किया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर इस संबंध में घोषणा की। इससे पहले इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और कुछ अन्य अधिकारियों ने भी खामेनेई के मारे जाने का दावा किया था।हालांकि, इस खबर की स्वतंत्र रूप से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पुष्टि नहीं हो पाई है। ईरान के सरकारी मीडिया ने भी सुप्रीम लीडर के “शहीद” होने की बात कही है, लेकिन हालात तेजी से बदल रहे हैं और आधिकारिक स्पष्टता का इंतजार है।ईरान में चार दशक से अधिक समय से मौलवी-आधारित शासन व्यवस्था लागू है। ऐसे में खामेनेई की कथित मौत के बाद यह सवाल उठ खड़ा हुआ है कि इस्लामिक शासन में उनका उत्तराधिकारी कौन होगा और व्यवस्था किस दिशा में जाएगी। ईरान के संविधान के अनुसार “विलायत-ए-फकीह” सिद्धांत के तहत देश का सुप्रीम लीडर एक वरिष्ठ मौलवी ही होता है।

उत्तराधिकार की प्रक्रिया

इस्लामिक रिपब्लिक में सुप्रीम लीडर का निर्णय अंतिम माना जाता है। खामेनेई और उनके पूर्ववर्ती अयातुल्लाह रूहोल्लाह खुमैनी के कार्यकाल में इसी व्यवस्था के तहत शासन चलता रहा।सुप्रीम लीडर के चयन की जिम्मेदारी 88 सदस्यीय “असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स” पर होती है। इस संस्था के उम्मीदवारों को गार्डियन काउंसिल से मंजूरी लेनी होती है। गार्डियन काउंसिल के आधे सदस्य सुप्रीम लीडर और बाकी आधे न्यायपालिका प्रमुख द्वारा नियुक्त किए जाते हैं। यह परिषद उम्मीदवारों को अयोग्य घोषित करने का अधिकार भी रखती है।रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, खामेनेई के बाद उत्तराधिकार को लेकर सत्ता के विभिन्न केंद्रों—विशेषकर रिवोल्यूशनरी गार्ड्स और वरिष्ठ मौलवियों—के बीच शक्ति संतुलन अहम भूमिका निभा सकता है।

संभावित दावेदार

उत्तराधिकार की चर्चा में कुछ नाम सामने आ रहे हैं:

होज्जत-उल-इस्लाम मोहसेन कोमी – खामेनेई के करीबी सलाहकार माने जाते हैं।

अलीरेजा अराफी – वरिष्ठ मौलवी, गार्डियन काउंसिल और असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स दोनों के सदस्य, तथा ईरान के मदरसा तंत्र से जुड़े प्रमुख पदों पर रहे हैं।

मोहसेन अराकी – असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के वरिष्ठ सदस्य, जिनका नाम उत्तराधिकार की चर्चाओं में आता रहा है।

गुलाम हुसैन मोहसेनी एजेई – वर्तमान में न्यायपालिका प्रमुख, जो संक्रमण काल में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

खामेनेई की कथित मौत ने ईरान की सत्ता संरचना को अस्थिर कर दिया है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि इस्लामिक रिपब्लिक की नेतृत्व व्यवस्था किस दिशा में आगे बढ़ती है।

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